दिल्ली में हिमाचलियों के लिए खुशखबरी! आकार ले रहा है हिमाचल निकेतन

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के निरीक्षण के बाद अधिकारियों को निर्माण कार्य छह महीने के अंदर पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं.

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हिमाचल प्रदेश के लोगों के लिए अच्छी खबर है. अगर आप इलाज, पढ़ाई, प्रतियोगी परीक्षाओं या सरकारी काम से दिल्ली आ रहे हैं तो रुकने-ठहरने की टेंशन से मुक्ति मिलने वाली है. दरअसल राजधानी दिल्ली के द्वारका में 'हिमाचल निकेतन' के निर्माण का काम जोर-शोर से चल रहा है, जिसका लक्ष्य दिल्ली आने वाले राज्य के निवासियों को एक सुविधाजनक और किफायती ठहरने का विकल्प प्रदान करना है. 

अधिकारियों के अनुसार, इस निकेतन को निर्धारित समय सीमा के अंदर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है.

क्यों बनाया जा रहा है हिमाचल निकेतन?

हिमाचल निकेतन को इस उद्देश्य से विकसित किया जा रहा है कि दिल्ली आने वाले हिमाचलियों को एक संगठित और सुविधाजनक ठहराव का विकल्प मिल सके. हर साल बड़ी संख्या में हिमाचली मरीज इलाज के लिए, छात्र पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए, जबकि कई लोग सरकारी और निजी कामों से दिल्ली आते हैं. हिमाचल निकेतन को इन जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया जा रहा है.

किसकी परियोजना है और पैसा कहां से आ रहा है?

हिमाचल निकेतन का निर्माण हिमाचल प्रदेश सरकार कर रही है. इस परियोजना पर करीब 145 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं.

कौन-कौन सी सुविधाएं प्रस्तावित हैं?

परियोजना से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, हिमाचल निकेतन में-

  • 107 कमरे
  • रेस्टोरेंट और डाइनिंग सुविधा
  • बैंक्वेट हॉल और मल्टीपर्पज़ हॉल
  • मीटिंग और कॉन्फ्रेंस हॉल
  • डॉरमेट्री
  • पार्किंग व्यवस्था
  • गार्डन
  • ईवी चार्जिंग स्टेशन
  • दिव्यांग-अनुकूल परिसर जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं.

हिमाचलियों को क्या मिल सकता है?

  • इलाज के दौरान मरीजों और उनके परिजनों के लिए सुविधा
  • पढ़ाई और परीक्षाओं के लिए आने वाले छात्रों को ठहराव का विकल्प
  • सरकारी काम से दिल्ली आने वालों को एक ही जगह सेवाएं
  • होटल पर निर्भरता कम होने की संभावना 
  • किराया और बुकिंग को लेकर स्थिति

फिलहाल हिमाचल निकेतन में ठहरने के किराए, बुकिंग प्रोसेस को लेकर कोई औपचारिक जानकारी साझा नहीं की गई है. इन पहलुओं पर फैसला परियोजना पूरी होने के बाद लिया जाएगा.

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कब तक तैयार होने की बात?

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के निरीक्षण के बाद अधिकारियों को निर्माण कार्य छह महीने के अंदर पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं. अब यह देखना होगा कि काम तय समयसीमा में पूरा होता है या नहीं. 

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