महाराष्ट्र : भीषण गर्मी के बीच बढ़े हीटस्ट्रोक के मामले, मुंबई की झीलों में 30% से भी कम बचा है पानी

मुंबई का तापमान 37 डिग्री से ऊपर पहुंचा, तो पानी की समस्या भी शुरू हो गई है. मुंबई को पानी की आपूर्ति करने वाली सातों झीलों में उनकी कुल क्षमता का 30% से भी कम पानी बचा है.

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मुंबई:

अप्रैल का महीना जैसे-जैसे आगे बढ़ रहा है, सूरज की तपिश भी बढ़ती जा रही है. भीषण गर्मी लोगों को झुलसा रही है. महाराष्ट्र में हीटस्ट्रोक ने अब तक 40 से अधिक लोगों को अपनी चपेट में लिया है. कई इलाक़ों में पारा 40 के पार है. वहीं मुंबई को पानी देने वाली सात झीलों में 30% से भी कम पानी बचा है. मुंबई वासियों का कहना है कि ऐसी गर्मी पहले महसूस नहीं की.

महाराष्ट्र के जिलों में लू के सबसे अधिक पांच मामले बुलढाणा में दर्ज किए गए हैं, इसके बाद चार-चार अमरावती और कोल्हापुर से, वहीं नासिक, पुणे और ठाणे जिलों में अब तक तीन-तीन मामले सामने आए हैं.

महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से भी अधिक दर्ज किया जा रहा है, जो साल के इस समय के सामान्य स्तर से अधिक है. हालांकि 11 अप्रैल तक मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में बारिश की संभावना भी जताई गई है.

इधर, आर्थिक राजधानी मुंबई में उमस ने तकलीफ़ और बढ़ा दी है. मुंबई का तापमान 37 डिग्री से ऊपर पहुंचा, तो पानी की समस्या भी शुरू हो गई है. मुंबई को पानी की आपूर्ति करने वाली सातों झीलों में उनकी कुल क्षमता का 30% से भी कम पानी बचा है, जो पिछले तीन साल में सबसे कम है.

लू से किसी की मौत की खबर नहीं
अभी तक अच्छी बात ये है कि लू से किसी की मौत नहीं हुई है, लेकिन मुंबई अलर्ट पर है. अस्पतालों में दो बेड लू के मरीज़ों के लिए रिज़र्व किए गए हैं. कोल्ड रूम की व्यवस्था की गई है. वहीं दवा का पर्याप्त स्टॉक भी रखा गया है. मेडिकल स्टाफ को भी लू के मरीज़ों के लिए ख़ास ट्रेनिंग दी जा रही है.

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