गर्मी का कहर, मौसम विभाग ने इन राज्यों के लिए जारी की ‘लू’ की चेतावनी

आईएमडी के मुताबिक, पश्चिम बंगाल के गांगेय क्षेत्रों के अलग-अलग हिस्सों में सोमवार (17 अप्रैल) तक, उत्तर तटीय आंध्र प्रदेश और ओडिशा में शनिवार (15 अप्रैल) तक तथा बिहार में शनिवार से सोमवार (15 से 17 अप्रैल) तक लू चलने का अनुमान है.

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बिहार, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और आंध्र प्रदेश में 20 से 26 अप्रैल के बीच भी ‘लू’ चलने की आशंका.
नई दिल्ली:

पश्चिम बंगाल के गांगेय क्षेत्रों, ओडिशा, आंध्र प्रदेश और बिहार के कुछ भागों में अगले तीन से चार दिनों तक ‘लू' चलने की आशंका है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बृहस्पतिवार को यह पूर्वानुमान जारी किया. इससे पहले, अप्रैल की शुरुआत में मौसम विभाग ने उत्तर-पश्चिम के कुछ भाग और प्रायद्वीपीय क्षेत्रों को छोड़कर देश के अधिकतर हिस्सों में अप्रैल से जून तक अधिकतम तापमान सामान्य से ऊपर रहने का पूर्वानुमान जताया था.

इस अ‍वधि में मध्य, पूर्वी और उत्तर-पश्चिमी भारत के ज्यादातर हिस्सों में सामान्य से ज्यादा दिनों तक लू चलने की भी आशंका है. आईएमडी के मुताबिक, पश्चिम बंगाल के गांगेय क्षेत्रों के अलग-अलग हिस्सों में सोमवार (17 अप्रैल) तक, उत्तर तटीय आंध्र प्रदेश और ओडिशा में शनिवार (15 अप्रैल) तक तथा बिहार में शनिवार से सोमवार (15 से 17 अप्रैल) तक लू चलने का अनुमान है.

मौसम विभाग के अनुसार, मध्य और उत्तर प्रायद्वीपीय भारत में मौजूदा समय में अधिकतम तापमान 40 से 42 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है.

विभाग ने कहा कि पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र के कई हिस्सों और उत्तर-पूर्व भारत, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, ओडिशा, तटीय आंध्र प्रदेश और केरल में अधिकतम तापमान सामान्य से तीन से पांच डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया जा रहा है.

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मौसम विभाग का कहना है कि बिहार, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और आंध्र प्रदेश में 20 से 26 अप्रैल के बीच भी ‘लू' चलने की आशंका है.

‘लू' की स्थिति होने की घोषणा तब की जाती है, जब मैदानी इलाकों में किसी स्थान पर अधिकतम तापमान बढ़ कर कम से कम 40 डिग्री सेल्सियस, तटीय क्षेत्रों में कम से कम 37 डिग्री सेल्सियस और पर्वतीय इलाकों में कम से कम 30 डिग्री सेल्सियस तक चला जाता है, या फिर सामान्य से कम से कम 4.5 डिग्री सेल्सियस अधिक हो जाता है.

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वर्ष 2023 में, भारत में फरवरी का महीना 1901 के बाद से इस माह (फरवरी) का सबसे गर्म महीना रहा था. हालांकि, मार्च में सामान्य या उससे अधिक बारिश के कारण लोगों को गर्मी से राहत मिली.

मार्च 2022 ज्ञात मौसम इतिहास का सबसे गर्म महीना रहा था और पिछले 121 वर्षों में तीसरा सबसे शुष्क महीना था। उस साल अप्रैल महीना भी, 1901 के बाद से तीसरा सबसे गर्म अप्रैल महीना रहा था.

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(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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