घर में मौत का सन्नाटा, दीवार पर चिपकी आस्था.. भोले बाबा की 'आजादी' की वजह जानिए

नारायण साकार हरि की पहुंच का अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि प्रदेश के सीएम भी प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्हें सज्जन कहते दिखे. एफआईआर में बाबा का नाम नहीं है. सेवादारों को ही गिरफ्तार किया जा रहा है. आस्था के सैलाब इतना बड़ा है कि बाबा इतनी मौतों के बावजूद 'आजाद' है....

विज्ञापन
Read Time: 6 mins
हाथरस हादसे से जुड़े अपडेट्स पढ़ें

हाथरस सत्संग में मौत की भगदड़ का शिकार एक महिला की मौत के बाद भी घर में लगी नारायण साकार हरि उर्फ भोले बाबा की ये तस्वीर बता रही है कि आस्था की जड़ें कितनी गहरी हैं? ये महज संयोग हो सकता है कि यहां दवा की बोतल रखी है, लेकिन उनके भक्तों के लिए दवा भी वही हैं और दुआ भी वही. सोचिए बेसहारा या किसी मुसीबत में घिरे लोग आज कितने अकेले हैं कि उन्हें ये बाबा ही भगवान लगने लगे हैं. आस्था इतनी गहरी है कि उनके भक्त उन्हें आज भी बैकुंठ में वास करने वाले विष्णु भगवान और माता लक्ष्मी बता रहे हैं. कह रहे हैं कि हम सब उन्हीं के बच्चे हैं. उन्होंने ही ये संसार रचा है. ये पूरी तरह से आस्था और भक्ति के नशे में डूबे हैं. इनमें कोई बीमार है... तो कोई अपने को भूत-बाधा से पीड़ित बता रहे हैं..., कुछ ऐसे भी हैं जिन्हें कोई समस्या नहीं है, बस किसी से सुनकर उनके पास आए और उन्हें भगवान मान बैठे. ये सभी बस यही कह रहे हैं कि आप मानो या ना मानो, हमारे लिए वही भगवान है. बाबा की पहुंच का अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि प्रदेश के सीएम भी प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्हें सज्जन कहते दिखे. एफआईआर में बाबा का नाम नहीं है. सेवादारों को ही गिरफ्तार किया जा रहा है. आस्था के सैलाब इतना बड़ा है कि बाबा इतनी मौतों के बावजूद आजाद है....

वो भगवान हैं , पुलिस, प्रशासन, सेना कोई उन्हें पकड़ नहीं पाएगा... : भक्त

हाथरस हादसे के बाद नारायण साकार हरि के कई भक्त और समर्थन सामने आए हैं. ऐसी अनेक मीडिया रिपोर्ट सोशल मीडिया पर चल रही हैं. एक भक्त ने कहा कि उन्हें बाबा मत कहिए वो तो नारायण साकार हरि हैं. संपूर्ण ब्रह्मांड में मौजूद हैं. वो भगवान हैं. अभी भी मौका है, उनका नाम ले लो. जब 121 मौतों पर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि जब तीर्थ यात्रा पर जाते हैं तो वहां भी तो लोग मरते हैं. यहां भी मर गए तो क्या है. ये सब षड्यंत्रकारियों ने किया है. बाबा को बदनाम करने की साजिश है. हमारे परमात्मा तो दर्शन देकर चले गए. लोग बाबा का कुछ नहीं बिगाड़ सकते. वो भगवान हैं, उन्हें पुलिस, सेना प्रशासन कोई नहीं पकड़ पाएगा. 

वो मां हैं, पूरे संसार को गोदी में लेकर बैठी हैं, बैकुंठ में हरि के साथ वास करती हैं : भक्त

जब सवाल किया गया कि नारायण साकार हरि के साथ मंच पर बैठने वाली उनकी पत्नी हैं या मामी... एक भक्त ने जवाब दिया कि वो जगतजननी हैं, वो मां हैं. उन्होंने सबको पैदा किया है. वो परमात्मा हैं. वो परमात्मा ही रहेंगे. हमारे परमात्मा (नारायण साकार हरि) नहीं होते तो वही संत्संग करती हैं. पूरे संसार को गोदी में लेकर बैठी हैं. ये दोनों दीन-दुखियों का दुख हरने आए हैं.  वो मैया हैं. देवी हैं. नारायण साकार हरि बैकुंठ धाम से आए हैं. वे जग से न्यारे नारायण साकार हरि हैं. उन्हीं का अंश हमारे-तुम्हारे सबके अंदर है. वो महालक्ष्मी हैं. वो हरि है. उन्होंने ही सृष्टि रची है.

मैं नारायण साकार हरि की गोपिका हूं, मैंने मां के नौ रूप देखे हैं...: भक्त

नारायण साकार हरि के सत्संग में नृत्य करने वाली एक गोपिका ने कहा कि मैंने उनके 9 रूप देखे हैं. भगवान नीचे पृथ्वी पर उनके रूप में आ चुका है. मैं उनकी गोपिका हूं. हरि जी की वाणी सुनती हूं. नृत्य करती हूं. मुझे हरि की तरफ से पिंक कलर का लहंगा भी दिया गया है. हरेक जिले में लड़कियां हैं, जो उनकी गोपिका बनी हैं. हम भक्ति भाव में लीन होकर नृत्य करते हैं.

हाथरस केस में आज 2 अरेस्ट

एक तरफ बाबा की भक्ति का ये आलम है तो दूसरी ओर 121 लोगों की मौत के बाद बाबा को लेकर रोज नित-नए खुलासे हो रहे हैं, एक मामूली नौकरी करने वाला यह शख्स करोड़ों की संपत्ति का मालिक बन चुका है. इस केस की जांच की बात करें तो पुलिस ने आज भी 2 आरोपियों को अरेस्ट किया है. यानी अब तक इस मामले में कुल 11 लोग अरेस्ट हो चुके हैं. ये दोनों भी बाबा के सेवादार हैं. इन पर आरोप है कि इन्होंने सत्संग में मची भगदड़ के दौरान लोगों के साथ धक्कामुक्की की और ऑर्गेनाइजर कमेटी के ये मेंबर भी हैं. इसलिए इन्हें भी हादसे का जिम्मेदार मानते हुए अरेस्ट किया गया है. बताया जा रहा है कि पुलिस इनके बैंक अकाउंट भी खंगालेगी. दरअसल, मुख्य आरोपी देव प्रकाश मधुकर के बैंक अकाउंट भी पुलिस खंगाल रही है. पुलिस जानना चाहती है कि बाबा के ट्रस्ट में इतना पैसा कहां से आया और कितनी फंडिंग हुई. इन सभी एंगल से पुलिस जांच कर रही है. बताया जा रहा है कि देव प्रकाश ही वह शख्स है, जो बाबा के लिए फंड इकट्ठा करता था. वही इस कार्यक्रम का मुख्य आयोजक था. उसी ने इसके लिए चंदा जुटाया था. बताया जा रहा है कि इस कार्यक्रम में 80 हजार लोगों के लिए परमिशन ली गई थी जबकि पहुंचे 2.50 लाख से अधिक लोग थे.

जांच दल के सामने आए गवाह- बोले- बाबा ने चरण रज लेने को कहा था

हाथरस मामले में जांच दल के सामने कुछ गवाह भी सामने आए हैं, जिन्होंने कहा है कि हाथरस में मौत की भगदड़ के दौरान बाबा मौजूद थे. उन्होंने बताया कि बाबा की गाड़ी जा रही थी तो बाबा की ओर से कहा गया था कि सबके कष्ट दूर हो जाएंगे चरण रज लेकर जाना. इसी कारण भगदड़ मची. भीड़ इतनी मची की लोग खेत में जाकर गिरे. गवाहों ने ये भी बताया है कि कमांडो लाठी-डंडों से धक्का-मुक्की कर रहे थे, ताकि लोग बाबा तक ना पहुंचे. बाबा ने लोगों को बुलाया और कमांडो ने धक्कामुक्की की, यही कारण था इस भगदड़ का.

Advertisement

साकार हरि के वकील सामने लाए जहरीले स्प्रे वाली स्टोरी

वहीं इस पूरे मामले में नारायण साकार हरि के वकील एके सिंह ने जहरीले स्प्रे का दांव चला है. वकील ने दावा किया कि जहरीला स्प्रे छिड़कर लोगों को बेहोश किया गया. 15-16 लोग इसमें शामिल थे. वे हट्टे-कट्टे, गमछा और हाफ पेंट पहने थे. जहरीला स्प्रे उनके हाथों में लगा था. ये भगदड़ एक साजिश थी, लेकिन वकील के दावे पर भी सवाल उठ रहे हैं कि जहरीले स्प्रे की दावा 5-6 दिन बाद सामने क्यों आया?

Featured Video Of The Day
Sucherita Kukreti | ब्राह्मणों के अपमान पर संग्राम | Ghooskhor Pandat Contoversy | Ghooskhor Pandat
Topics mentioned in this article