हरियाणा सरकार ने किसानों पर बिजली चोरी के लिए जुर्माना बढ़ाने वाला परिपत्र लिया वापस

बिजली चोरी के लिए जुर्माने से संबंधित परिपत्र पर उन्होंने कहा कि यह हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग (एचईआरसी) द्वारा की गई सिफारिश पर जारी किया गया था और कहा कि राज्य सरकार इसे स्वीकार करने के लिए बाध्य नहीं है.

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चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने रविवार को कहा कि बिजली चोरी के लिए किसानों पर जुर्माने में कई गुना वृद्धि का प्रस्ताव करने वाले परिपत्र को वापस ले लिया गया है. उन्होंने यह भी कहा कि राज्य के करीब 5,700 गांवों में से 80 प्रतिशत गांवों को 24 घंटे बिजली मिल रही है और बाकी को इस साल के अंत तक चौबीस घंटे बिजली मिलने लगेगी.

बिजली चोरी के लिए जुर्माने से संबंधित परिपत्र पर उन्होंने कहा कि यह हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग (एचईआरसी) द्वारा की गई सिफारिश पर जारी किया गया था और कहा कि राज्य सरकार इसे स्वीकार करने के लिए बाध्य नहीं है.

परिपत्र में किसानों के लिए जुर्माने की राशि बढ़ाकर 6 लाख रुपये कर दी गई, जबकि पहले यह 2,000 रुपये से 20,000 रुपये के बीच थी. खट्टर ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘जैसे ही राज्य सरकार को इस परिपत्र के बारे में पता चला, यह निर्णय लिया गया कि किसानों के हित में हम इस तरह के भारी जुर्माने के प्रावधान को लागू नहीं होने देंगे.''

उन्होंने कहा कि किसानों के कृषि फीडर पर बिजली निगमों को राज्य सरकार द्वारा 6 हजार करोड़ रुपये वार्षिक अनुदान दिया जा रहा है. यह पूछे जाने पर कि क्या इस तरह के कदम से बिजली चोरी करने वाले किसानों के हौसले बुलंद नहीं होंगे, खट्टर ने कहा, ‘‘कुछ ही मामले हैं, इसलिए दहशत फैलाने की जरूरत नहीं है. लेकिन इसे (जुर्माना) 20 गुना करना एक चिंता की बात है...किसानों को जो कृषि फीडर सप्लाई दी जाती है, उसके लिए सरकार पैसे देती है. इसलिए उन्हें उन पर जुर्माना लगाने का कोई अधिकार नहीं है.''

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