हरदीप पुरी की बेटी ने एपस्टीन मामले में दिल्ली हाईकोर्ट में दायर किया 10 करोड़ की मानहानि का मुकदमा

केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी की बेटी हिमायनी पुरी ने एपस्टीन मामले में नाम घसीटे जाने को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में 10 करोड़ की मानहानि का मुकदमा दायर किया है. इस मामले में मंगलवार को सुनवाई हो सकती है.

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केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप पुरी.
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  • केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी की बेटी ने एपस्टीन से संबंध जोड़ने वाली सामग्री के खिलाफ मुकदमा दायर किया है.
  • हिमायनी पुरी ने सोशल मीडिया पर लगाए गए झूठे आरोपों के कारण दस करोड़ रुपये के मानहानि हर्जाने की मांग की है.
  • दायर मुकदमे में ऑनलाइन पोस्ट, वीडियो और अन्य सामग्री को हटाने तथा स्थायी निषेधाज्ञा जारी करने की मांग है.
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नई दिल्ली:

केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप पुरी की बेटी ने जेफरी एपस्टीन से संबंध जोड़ने वाली सामग्री को हटाने के लिए दिल्ली उच्च न्यायालय में 10 करोड़ रुपये का मानहानि का मुकदमा दायर किया है. मंत्री हरदीप पुरी की बेटी हिमायनी पुरी ने आरोप लगाया है कि कई ऑनलाइन पोस्ट में झूठा दावा किया गया है कि उनका एपस्टीन या उसकी आपराधिक गतिविधियों से वित्तीय या नेटवर्क संबंध था. हिमायनी ने दिल्ली उच्च न्यायालय में मानहानि का मुकदमा दायर कर ऑनलाइन समाचार रिपोर्टों, पोस्ट, वीडियो और अन्य सामग्री को हटाने की मांग की है, जो उन्हें बाल यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन से जोड़ती हैं.

10 करोड़ के हर्जाने की मांग

हिमायनी पुरी ने हर्जाने के रूप में 10 करोड़ रुपये, कई सोशल मीडिया संस्थाओं और अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ स्थायी निषेधाज्ञा और दुनिया भर में विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफार्मों पर प्रकाशित सामग्री को हटाने की मांग की है. उन्होंने सोशल मीडिया माध्यम- X, Google, Meta और LinkedIn को भी निर्देश देने की मांग की गई है कि जब पुरी इसी तरह के मानहानिकारक बयान या आरोप उनके संज्ञान में लाएं, तो उन्हें हटाना होगा. मामले की सुनवाई मंगलवार को होने की संभावना है.

22 फरवरी 2026 से लगने शुरू हुए आरोप

दिल्ली हाईकोर्ट में दायर मानहानि वाले मुकदमे के अनुसार, 22 फरवरी, 2026 से कई सोशल मीडिया संस्थाओं ने हरदीप पुरी की बेटी हिमायनी पर आरोप लगाना शुरू किया कि पुरी का जेफरी एपस्टीन और/या उनकी आपराधिक गतिविधियों से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से व्यापारिक, वित्तीय, व्यक्तिगत या अन्य नेटवर्क संबंध था. 

हिमायनी की कंपनी पर अवैध तरीके से फंड लेने का भी लगा आरोप

यह भी आरोप लगाया गया कि हिमायनी पुरी जिस कंपनी में काम करती थी, उस रियल पार्टनर्स LLC को एपस्टीन या उनके सहयोगियों से फंड मिला. आरोप में करप्शन से फंड पाने की बात भी थी. आरोप में यह भी था कि रॉबर्ट मिलार्ड ने कथित तौर पर पुरी के साथ मिलकर लेहमन ब्रदर्स के पतन की साजिश रची थी.

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सोशल मीडिया पर लगाए जा रहे इन आरोपों पर हिमायनी ने तर्क दिया है कि ये आरोप पूरी तरह से झूठे, दुर्भावनापूर्ण और तथ्यात्मक रूप से निराधार हैं.

भ्रामक कैप्शन,  एडिटेट वीडियो, थंबनेल से किया गया गलत प्रचार

हिमायनी के दायर मुकदमे में कहा गया है, “प्रतिवादी संख्या 1 से 14 और कई अज्ञात व्यक्तियों ने सनसनीखेज और भ्रामक तरीकों से, जिनमें संपादित वीडियो, भ्रामक कैप्शन और छेड़छाड़ किए गए थंबनेल शामिल हैं, इन निराधार आरोपों का रणनीतिक रूप से प्रचार किया है. इसका उद्देश्य जनता के आक्रोश को भड़काना और हरदीप पुरी की बेटी हिमायनी की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाना है.

हिमायनी पुरी की ओर से सीनियर वकील महेश जेठमलानी ने दिल्ली हाईकोर्ट में यह केस फाइल किया है. जिसमें कहा गया है, हिमायनी को भारत और वैश्विक स्तर पर बदनाम करने और उनकी प्रतिष्ठा को धूमिल करने के स्पष्ट इरादे से सुनियोजित तरीके से निशाना बनाया जा रहा है.  यह सब केवल इसलिए किया जा रहा है क्योंकि वह हरदीप पुरी की बेटी हैं."

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