रामनवमी पर झड़पों के बाद पश्चिम बंगाल में शांतिपूर्वक मनाई गई हनुमान जयंती

हावड़ा और हुगली में रामनवमी त्योहार के दौरान हुई हिंसा और आगजनी के बाद सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीच जुबानी जंग छिड़ गई थी.

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कोलकाता:

 पश्चिम बंगाल में हनुमान जयंती शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई और सुरक्षा बलों ने पिछले हफ्ते रामनवमी त्योहार पर हुई हिंसा की पुनरावृत्ति से बचने के लिए पूरे राज्य में कड़ी निगरानी रखी. कलकत्ता उच्च न्यायालय के आदेश के बाद, कानून और व्यवस्था बनाए रखने में राज्य पुलिस की सहायता के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की तीन कंपनी को कोलकाता, हुगली और बैरकपुर के कुछ हिस्सों में तैनात किया गया था. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘‘कार्यक्रम शांतिपूर्ण रहा. कोई अप्रिय घटना नहीं हुई.''

हावड़ा और हुगली में रामनवमी त्योहार के दौरान हुई हिंसा और आगजनी के बाद सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीच जुबानी जंग छिड़ गई थी. भाजपा ने ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली राज्य सरकार की प्रशासनिक क्षमताओं पर सवाल उठाया. दूसरी ओर, टीएमसी ने दावा किया कि भाजपा नेताओं ने रामनवमी के दौरान ‘‘गड़बड़ी'' की, लेकिन उन्होंने हनुमान जयंती पर ‘‘अच्छे लड़कों'' की तरह व्यवहार किया.

राज्यपाल सी. वी. आनंद बोस ने सुबह कोलकाता के विभिन्न हिस्सों का दौरा किया और सुरक्षा के लिए उठाए जा रहे कदमों का जायजा लिया. उन्होंने लोगों से भी बात की. बोस ने इकबालपुर इलाके का दौरा करने के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘‘लोग सहयोग कर रहे हैं. मुझे लगता है कि आज का दिन बहुत अच्छा रहेगा. पश्चिम बंगाल समाज में शांति एवं सद्भाव का उदाहरण पेश करेगा.'' इससे पहले, वे लेक टाउन इलाके में स्थित हनुमान मंदिर गए और उन्होंने वहां पूजा-अर्चना की.

बोस ने रिसड़ा और श्रीरामपुर इलाकों का दौरा किया था जहां रामनवमी की शोभायात्रा के दौरान हिंसा हुई थी. राजभवन के एक सूत्र ने कहा कि राज्यपाल शुक्रवार को दिल्ली जा सकते हैं. मुख्यमंत्री कार्यालय ने भी पूर्व में प्रभावित जिलों पर पैनी नजर रखी. शीर्ष पुलिस अधिकारी भी लगातार निगरानी रख रहे थे ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई अप्रिय घटना न हो. पश्चिम बंगाल पुलिस के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा, ‘‘अतिरिक्त सावधानी काम आई.''

हुगली जिले के रिसड़ा और श्रीरामपुर के कुछ इलाकों में स्थिति शांतिपूर्ण है. पुलिस ने कहा कि उन इलाकों में अभी भी निषेधाज्ञा लागू है और इंटरनेट बंद है. भाजपा की वरिष्ठ नेता और लोकसभा सदस्य लॉकेट चटर्जी को पुलिस ने बृहस्पतिवार को उनके निर्वाचन क्षेत्र हुगली में आयोजित हनुमान जयंती कार्यक्रम में शामिल होने से रोक दिया, जिसके बाद वह सड़क पर ही धरने पर बैठ गईं. पुलिस के मुताबिक उसने इस सप्ताह की शुरुआत में रामनवमी के दौरान इलाके में दो गुटों के बीच हुई झड़पों के बाद कानून-व्यवस्था की स्थिति के मद्देनजर यह कदम उठाया.

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चटर्जी ने कहा, ‘‘पुलिस ने मुझे रोक लिया जबकि मैं वहां की स्थानीय सांसद हूं. मुझे वहां आयोजित हनुमान जयंती कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया था, लेकिन पुलिस मुझे वापस जाने के लिए कह रही है. निर्वाचित प्रतिनिधि को अपने निर्वाचन क्षेत्र में जाने से क्यों रोका जा रहा है.'' भाजपा नेता ने संवाददाताओं को बताया कि उन्होंने घटना की जानकारी राज्यपाल को दी और उन्होंने कहा कि वह इस मामले को देखेंगे.

हुगली के बांसबेरिया में एक रैली के वीडियो सामने आए हैं, जिसमें शामिल लोग हथियार ले जाते हुए दिखे. पुलिस ने कहा कि इस तरह की एक रैली का आयोजन किया गया और 10 लोगों को शस्त्र अधिनियम के उल्लंघन के आरोप में गिरफ्तार किया गया. एक अधिकारी ने कहा कि कोलकाता में एमहर्स्ट स्ट्रीट, जोरासांको, पार्क सर्कस, किद्दरपुर और बंदरगाह क्षेत्रों में केंद्रीय बलों को तैनात किया गया.

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विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने कहा है कि उसने राज्य भर में हनुमान जयंती पर 500 कार्यक्रम आयोजित किए है. विहिप की प्रदेश इकाई के प्रवक्ता सौरीश मुखर्जी ने ‘पीटीआई-भाषा' से कहा, ‘‘सभी कार्यक्रम और रैलियां प्रशासन द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुसार निकाली गईं. कोई बड़ी सभा आयोजित नहीं की गई.'' इस अवसर पर पूरे पश्चिम बंगाल में हनुमान मंदिरों में विशेष पूजा भी आयोजित की गई, जो राज्य के लिए अपेक्षाकृत नयी बात है. भाजपा ने कहा कि उसने कोई रैली आयोजित नहीं की, लेकिन हो सकता है कि उसके नेताओं ने हनुमान जयंती समारोह में हिस्सा लिया हो.

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(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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