गुवाहाटी के पंजाबारी इलाके से मानवता को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक 13 वर्षीय नाबालिग बच्ची को घर के भीतर दीवान पलंग में बंद कर छिपाया गया था. इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है.
छापेमारी से पहले दीवान में छिपाई गई बच्ची
यह घटना पंजाबारी के जुरिपार स्थित हाउस नंबर 69 की है, जहां अमरीन अख्तर लस्कर नामक महिला के घर पर जिला श्रम टास्क फोर्स ने छापेमारी की. यह कार्रवाई रविवार शाम एक मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में स्थानीय लोगों की शिकायत के बाद की गई.
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साल से घरेलू नौकर के रूप में कराई जा रही थी मजदूरी
अधिकारियों के अनुसार, नाबालिग बच्ची पिछले छह वर्षों से घरेलू कामकाज में लगाई गई थी और उसे लगातार शारीरिक प्रताड़ना दी जा रही थी. छापेमारी की भनक लगते ही आरोपी महिला ने बच्ची को लगभग 25 मिनट तक दीवान पलंग के अंदर बंद कर दिया.
पहले किया गया इनकार, फिर खुली सच्चाई
जिला श्रम टास्क फोर्स के एक अधिकारी ने बताया कि जब टीम घर पहुंची तो मकान मालकिन अरिना लस्कर खातून ने बच्ची की मौजूदगी से इनकार किया और दावा किया कि बच्ची के पिता उसे तीन-चार दिन पहले ले गए हैं. हालांकि, घर के अंदर संदिग्ध गतिविधियों को देखते हुए टीम ने निरीक्षण की अनुमति मांगी, जिसका शुरू में विरोध किया गया.
कमजोर हालत में मिली बच्ची
काफी प्रयासों के बाद जब कमरे की तलाशी ली गई, तो बच्ची को वार्डरोब/दीवान पलंग के अंदर छिपा हुआ पाया गया. बच्ची की हालत बेहद कमजोर थी. बाहर निकालने के बाद उसे पानी दिया गया और होश में आते ही वह फूट-फूटकर रोने लगी. प्रारंभिक पूछताछ में बच्ची ने बताया कि उसे लंबे समय से मारपीट और प्रताड़ना का शिकार बनाया जा रहा था. इसके बाद उसे तत्काल सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया. फिलहाल, मामले की जांच जारी है और आगे की कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है.














