केजरीवाल की गुजरात की जनता से अपील- जागो और झाड़ू चलाकर अपनी सरकार बनाओ

अरविंद केजरीवाल ने लोगों से कहा कि इस बार गुजरात में सरकार बदलना है. यहां भ्रष्टाचार और गुंडागर्दी बंद होनी चाहिए. जनता की सुनवाई होनी चाहिए और सरकारी पैसा जनता के लिए खर्च होना चाहिए. तो इस बार विसावदर जैसा ही पूरे गुजरात में करना है.

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  • केजरीवाल ने गुजरात में पिछले तीस वर्षों से भाजपा सरकार के भ्रष्टाचार और विकासहीनता पर गंभीर आरोप लगाए हैं
  • केजरीवाल ने बेरोजगारी, नकली शराब, ड्रग्स की समस्या और युवाओं के उत्पीड़न को राज्य की प्रमुख चुनौतियां बताया है
  • विसावदर में आम आदमी पार्टी की जीत को पूरे गुजरात में भाजपा और कांग्रेस के खिलाफ बदलाव का उदाहरण बताया गया है
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सूरत:

गुजरात दौरे पर पहुंचे आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल दूसरे दिन भी भाजपा और कांग्रेस पर जमकर बरसे. उन्होंने कहा कि जागो और झाड़ू चलाकर इस बार अपनी सरकार बनाओ. 30 साल में भाजपा वाले गुजरात का व्यापार, रोजगार, स्कूल, अस्पताल, सड़कें, नरेगा सब कुछ खा गए. उन्होंने लोगों से पूछा कि भाजपा सरकार के भ्रष्टाचार, पेपर लीक, टूटी सड़कों, गिरे पूलों, अस्पतालों में बच्चों की मौतों पर कब तक चुप रहेंगे? इस बार पूरे गुजरात में विसावदर करने का मौका है. जिस तरह विसावदर की जनता ने बड़े-बड़ों के सिंहासन हिला दिए, वैसे ही इस बार पूरे गुजरात में करना है.  ‘‘आप'' की अपनी सरकार होगी तो पंजाब की तरह मुफ्त बिजली, इलाज, शिक्षा, हर महिला को एक हजार रुपए समेत सारी सुविधाएं मिलेंगी.

सूरत में आयोजित आम आदमी पार्टी के क्षेत्रीय बूथ सम्मेलन को संबोधित करने पहुंचे अरविंद केजरीवाल ने गुजरात की जनता की आवाज़ को मज़बूती देने का संकल्प लेते हुए कहा कि आज पूरे गुजरात के किसान बहुत नाराज और गुस्से में हैं. हर जगह लोग एक ही बात कह रहे हैं कि इस बार बोटाद का बदला लेना है. उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले बोटाद में कुछ किसान इकट्ठा होकर करदा प्रथा के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे. उन्होंने कोई पत्थर नहीं चलाया, किसी को मारा नहीं. लेकिन पुलिस ने उनके ऊपर लाठीचार्ज किया, उन्हें उनके घरों से खींच-खींच कर ले गए और 85 किसानों को कई महीनों तक जेल के अंदर रखा गया. इसे लेकर किसानों में जबरदस्त विद्रोह और गुस्सा है. किसान इस बार चुनाव में भाजपा से बदला लेना चाहते हैं और उन्हें मजा चखाएंगे.

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पिछले 30 साल से गुजरात में भाजपा की सरकार है और इन 30 सालों में इन्होंने गुजरात को पूरी तरह चूस लिया है. ये लोग किसानों के बीज, खाद, पानी, और पैसा भी खा गए. इन्होंने व्यापारियों का व्यापार, बेरोजगारों का रोजगार, स्कूल, अस्पताल, सड़कें और पुल तक खा लिए. ये लोग मजदूरों का नरेगा, बजरी, लोहा और मिट्टी तक खा गए हैं. जो भी इनके भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाता है, उस पर ये अत्याचार करते हैं और झूठे केस करके जेल में डाल देते हैं.

उन्होंने बताया कि “आप” विधायक चैतर वसावा ने नरेगा में फैले भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाई थी. नरेगा के अंदर ये लोग फर्जी रिकॉर्ड भरते हैं, काम होता नहीं है पर दिखा देते हैं कि काम हुआ और इनके मंत्री व नेता पैसा खा जाते हैं. जब चैतर वसावा ने रिकॉर्ड मांगे, तो उन्हें उठाकर जेल में डाल दिया गया. चैतर वसावा और प्रवीण राम जनता के लिए लड़ रहे थे. इसलिए उन्हें चार-चार महीने जेल में रखा गया. जो भी इनके खिलाफ आवाज उठाता है, ये उसे पकड़कर जेल में डाल देते हैं.

केजरीवाल ने कहा कि आज हमारे नौजवान बेरोजगार घूम रहे हैं और जब वे रोजगार मांगने जाते हैं, तो ये उनके हाथ में नकली दारू की बोतल पकड़ा देते हैं. पूरे गुजरात में नकली दारू बिक रही है और उससे न जाने कितने बच्चे मर गए. युवाओं के हाथ में कोकेन, हेरोइन और गांजे की पुड़िया पकड़ा दी जाती है. ये हमारे बच्चों और परिवारों को बर्बाद करने में लगे हुए हैं. मैं गुजरात के कई ऐसे परिवारों को जानता हूं जिनके बच्चे नकली दारू पीकर और ड्रग्स खाकर मर गए और उनके घर बर्बाद हो गए. लेकिन कसूर हमारा भी है. हमारे बच्चे मर रहे हैं, बर्बाद हो रहे हैं, फिर भी हम जाकर कमल का बटन दबा आते हैं. हम लोग कब जागेंगे? हम और कितने परिवारों के बर्बाद होने का इंतजार कर रहे हैं?

आप संयोजक ने कहा कि मोरबी का पुल गिरा तो 140 लोगों की मौत हो गई, बड़ौदा में पुल गिरा तो 22 लोग मारे गए. पिछले 5 साल में 12 पुल गिर चुके हैं. हम और कितनी मौतों का इंतजार कर रहे हैं? एक गरीब किसान अपनी जमीन और पत्नी के जेवर बेचकर बच्चे को पढ़ने भेजता है. वह बच्चा अहमदाबाद, सूरत, राजकोट जैसे शहरों में जाकर दिन-रात मेहनत करता है, लेकिन जब पेपर देने जाता है तो पेपर लीक हो जाता है. यहां हर पेपर लीक हो रहा है और लाखों बच्चों का भविष्य बर्बाद हो रहा है. क्या हम तब भी चुप बैठे रहेंगे? क्या पेपर लीक होते रहेंगे, भ्रष्टाचार होता रहेगा, सड़कें टूटती रहेंगी, प्राइवेट स्कूल लूटते रहेंगे और सरकारी अस्पतालों में बच्चे मरते रहेंगे और हम चुप बैठे रहेंगे?

उन्होंने कहा कि पिछले साल बरसात के समय पूरे मीडिया में सूरत की तस्वीरें आ रही थीं. सूरत में एक बारिश होते ही घर-घर में पानी भर जाता है, बेडरूम और ड्राइंग रूम तक डूब जाते हैं और टीवी तक पानी पहुंच जाता है. यह भाजपा के 30 साल के शासन का नतीजा है. हर्ष संघवी और सी.आर. पाटिल भी सूरत में रहते हैं, लेकिन उनके घरों में पानी नहीं भरता, सिर्फ आम लोगों के घरों में भरता है. ये लोग जनता को कीड़े-मकौड़े भी नहीं समझते और हम फिर भी इनके पीछे-पीछे घूमते रहते हैं.

केजरीवाल ने कहा कि यह सब बदलना है. भ्रष्टाचार और गुंडागर्दी बंद होनी चाहिए. जनता की सुनवाई होनी चाहिए और सरकारी पैसा जनता के लिए खर्च होना चाहिए. तो इस बार विसावदर जैसा ही पूरे गुजरात में करना है. विसावदर वालों ने दिखा दिया कि जब जनता खड़ी हो जाए, तो बड़े-बड़े सिंहासन डोल जाते हैं. गोपाल इटालिया विसावदर से चुनाव में उतरे, जो एक अत्यंत साधारण परिवार के आम आदमी हैं. वे किसी नेता या कोई अमीर अरबपति के बेटे नहीं हैं, बल्कि एक किसान के बेटे हैं. इटालिया के सामने विसावदर में बड़े-बड़े नेता और रसूखदार धनवान लोग खड़े थे. वहां भाजपा और कांग्रेस जैसी बड़ी पार्टियां थीं, लेकिन विसावदर की जनता ने संकल्प लिया और सबको हराकर एक आम आदमी को विजयी बनाया. जनता ने स्वयं को वोट दिया. इस बार पूरे गुजरात में विसावदर जैसा ही दोहराना है.

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