राहुल गांधी ने एक समय लोगों को कोविड-19 टीके नहीं लेने की सलाह दी थी : अमित शाह

केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘‘गुजरात में कांग्रेस ने हिंदुओं और मुसलमानों को आपस में लड़ाने के अलावा कुछ नहीं किया. भाजपा नीत सरकार ने गुजरात में दंगों को खत्म कर दिया. ऐसे दंगों से न तो हिंदुओं को फायदा होता है और न ही मुसलमानों को.’’

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अमित शाह ने राहुल गांधी और कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा है.
ठासरा (गुजरात):

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने मंगलवार को आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) कोविड-19 के टीके को ‘मोदी टीका' बताकर लोगों को इसे लेने के खिलाफ चेतावनी देते थे, लेकिन बाद में उन्होंने खुद चुपके से टीका लगवा लिया. चुनावी राज्य गुजरात में एक रैली को संबोधित करते हुए शाह ने यह भी कहा कि जब उन्होंने अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के लिए विधेयक पेश किया, तो विपक्षी नेता संसद में कौवों की तरह चिल्लाने लगे. शाह खेड़ा जिले के ठासरा में रैली को संबोधित कर रहे थे, जहां गुजरात विधानसभा चुनाव के लिए दूसरे चरण में पांच दिसंबर को मतदान होगा. 

भाजपा नेता ने दावा किया, ‘‘उस समय (कोरोना वायरस महामारी के दौरान), कांग्रेस के राहुल गांधी ने एक ट्वीट के जरिए लोगों को टीके के खिलाफ चेतावनी दी थी कि इसे मत लो, क्योंकि यह ‘मोदी टीका' है और यह आपको नुकसान पहुंचा सकता है, लेकिन शुक्र है कि आजकल उन्हें कोई भी गंभीरता से नहीं लेता.''

शाह ने राहुल पर कटाक्ष करते हुए कहा कि यह महसूस करने के बाद कि सभी ने इसे ले लिया है, उन्होंने (राहुल) चुपके से टीका लगवाया, जब कोई नहीं देख रहा था. उन्होंने कहा, ‘‘जब कांग्रेस के नेता महामारी के दौरान राजनीति करने में व्यस्त थे, तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के लोगों को सुरक्षित रखने के लिए कड़ी मेहनत की.''

शाह ने कहा कि मोदी ने बतौर मुख्यमंत्री गुजरात में शांति स्थापित की. केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘‘गुजरात में, कांग्रेस ने हिंदुओं और मुसलमानों को आपस में लड़ाने के अलावा कुछ नहीं किया. भाजपा नीत सरकार ने गुजरात में दंगों को खत्म कर दिया. ऐसे दंगों से न तो हिंदुओं को फायदा होता है और न ही मुसलमानों को. इस तरह की हिंसा से केवल विकास बाधित होता है.''

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के शासन में अक्सर दंगे होते थे. शाह ने दावा किया, ‘‘लेकिन नरेंद्र मोदी द्वारा 2002 में दंगाइयों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के बाद से गुजरात में आज तक कर्फ्यू नहीं लगा है. भाजपा ने गुजरात में शांति स्थापित की है.''

जम्मू कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 को निरस्त करने का जिक्र करते हुए शाह ने कहा कि जैसे ही उन्होंने चर्चा के लिए विधेयक पेश किया कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, वामपंथी दल और ममता बनर्जी की पार्टी के नेताओं ने संसद में ‘‘कांव कांव'' चिल्लाना शुरू कर दिया. 

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बाद में शाह ने आदिवासी बहुल दाहोद जिले के गरबाड़ा शहर में भाजपा उम्मीदवार के समर्थन में एक और रैली को संबोधित किया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने आदिवासियों का वोट तो ले लिया, लेकिन उसके नेताओं ने कभी आदिवासी स्वतंत्रता सेनानियों को याद नहीं किया.

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ‘‘आदिवासियों के बड़े भाई हैं.'' शाह ने कहा कि गुजरात में भारतीय जनता पार्टी नीत सरकार ने आदिवासियों के कल्याण के लिए एक लाख करोड़ रुपये आवंटित किए हैं. 

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(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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