अंतरिक्ष में कमाल का सम्मान, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शुभांशु शुक्ला को 'अशोक चक्र' से सम्मानित किया

वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को देश के सर्वोच्च वीरता पुरस्कार अशोक चक्र से सम्मानित किया गया है. शुभांशु शुक्ला ने 18 दिन अंतरिक्ष में बिताए थे. वह ISS जाने वाले पहले भारतीय हैं.

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शुभांशु शुक्ला को सम्मानित करतीं राष्ट्रपति.
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  • राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गणतंत्र दिवस पर ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को अशोक चक्र से सम्मानित किया
  • शुभांशु शुक्ला अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन पर कदम रखने वाले पहले भारतीय हैं और एक्सिओम-4 मिशन के पायलट थे
  • उन्होंने जून 2006 में भारतीय वायुसेना में शामिल होकर कई लड़ाकू विमानों को उड़ाया है
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नई दिल्ली:

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को 'अशोक चक्र' से सम्मानित किया. ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) पर कदम रखने वाले पहले भारतीय हैं. उन्हें सोमवार को गणतंत्र दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति मुर्मू ने सर्वोच्च वीरता पुरस्कार अशोक चक्र से सम्मानित किया. कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान उन्हें यह पुरस्कार दिया गया.

शुभांशु शुक्ला पिछले साल जून में अंतरिक्ष में जाने वाले दूसरे भारतीय और ऐतिहासिक एक्सिओम-4 मिशन के तहत ISS जाने वाले पहले भारतीय बने. उन्होंने 18 दिन तक अंतरिक्ष की यात्रा की थी. उनसे पहले 1984 में भारत के अंतरिक्ष यात्री राकेश शर्मा स्पेस मिशन पर गए थे. इस यात्रा के 41 साल बाद भारत का कोई यात्री अंतरिक्ष गया था.

लड़ाकू विमानों के पायलट हैं शुभांशु शुक्ला

शुक्ला के पास लड़ाकू पायलट के रूप में Su-30 MKI, मिग-21, मिग-29, जगुआर, हॉक, डोर्नियर और एएन-32 समेत विभिन्न विमानों से 2,000 घंटे की उड़ान का अनुभव का प्रभावशाली रिकॉर्ड है. शुक्ला ने ISS के लिए एक्सिओम मिशन-4 में पायलट की भूमिका निभाई. सफल अंतरिक्ष मिशन के बाद ग्रुप कैप्टन शुक्ला घर-घर में पहचाने जाने लगे। 

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क्या था एक्सिओम-4 मिशन

एक्सिओम-4 मिशन अमेरिका की निजी कंपनी एक्सिओम का मिशन था. इसमें अमेरिकी स्पेस एजेंसी NASA के साथ-साथ यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ESA) और इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गनाइजेशन (ISRO) शामिल थे. इस मिशन में शुभांशु शुक्ला के अलावा तीन और अंतरिक्ष यात्री थे, जिन्होंने 18 दिन तक ISS में बिताए थे. ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला लखनऊ के रहने वाले हैं. उन्हें जून 2006 में भारतीय वायुसेना की लड़ाकू शाखा में शामिल किया गया था.

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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