भाड़ में जाओ...ग्रीनलैंड विवाद पर यूरोपीय संसद में हंगामा, डेनिश सांसद ने ट्रम्प को सुना दिया

ग्रीनलैंड को अमेरिका के कब्जे में लेने की ट्रम्प की इच्छा पर यूरोपीय संसद में तीखी बहस हुई, जिसमें डेनिश सांसद ने कठोर टिप्पणी कर अपना विरोध दर्ज कराया.

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  • डेनमार्क के सांसद एंडर्स विस्तिसन ने यूरोपीय संसद में ग्रीनलैंड को लेकर ट्रम्प के दावों का कड़ा विरोध किया
  • विस्तिसन ने ग्रीनलैंड के डेनिश राज्य से आठ सौ वर्षों के संबंधों पर जोर देते हुए इसे बेचने से इंकार किया
  • सांसद ने ट्रम्प को अंग्रेजी में अपमानजनक शब्द कहे, जिसके कारण सभापति ने उन्हें रोककर नियम याद दिलाया
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अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा ग्रीनलैंड को अमेरिका के कब्जे में लेने के विचार को लेकर चल रही अंतरराष्ट्रीय बहस के बीच यूरोपीय संसद में एक बेहद तीखी घटना सामने आई. डेनमार्क के सांसद एंडर्स विस्तिसन ने ग्रीनलैंड पर अमेरिकी दावों को लेकर कड़ा विरोध जताते हुए ऐसा बयान दे दिया, जिसने पूरे सदन को चौंका दिया और वीडियो कुछ ही समय में वायरल हो गया.

सांसद ने क्या कहा?

हाल ही में हुई इस बहस के दौरान विस्तिसन ने सीधे ट्रम्प को संबोधित करते हुए ग्रीनलैंड के इतिहास, संप्रभुता और उसके डेनिश साम्राज्य से सैकड़ों वर्षों के संबंधों पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि ग्रीनलैंड पिछले 800 वर्षों से डेनिश राज्य का हिस्सा है और इसे किसी कीमत पर भी बेचा नहीं जा सकता. इसके बाद उन्होंने अंग्रेज़ी में कठोर शब्दों में कहा, “Mr President, F*** Off,” जिसके बाद सभापति ने तुरंत उन्हें रोकते हुए बताया कि संसद में अनुचित भाषा का उपयोग नियमों के खिलाफ है, और उन्हें अपनी टिप्पणी को वापस लेकर आगे की बात डेनिश भाषा में जारी करनी पड़ी.

क्या है पूरा विवाद

यह घटना उस समय सामने आई जब ट्रम्प एक बार फिर ग्रीनलैंड को कब्जे में लेने की इच्छा को लेकर सार्वजनिक दबाव बढ़ा रहे थे. उनकी राय है कि खनिज‑समृद्ध और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण यह क्षेत्र अमेरिका और नाटो की सुरक्षा के लिए बेहद अहम है. जलवायु परिवर्तन के कारण आर्कटिक क्षेत्र तेजी से बदल रहा है और रूस तथा चीन की गतिविधियों के बीच अमेरिका की रुचि लगातार बढ़ती जा रही है.

ट्रम्प का कहना है कि समय रहते अमेरिका को इस क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत करनी चाहिए. इस मुद्दे पर यूरोपीय देशों ने ट्रम्प की आलोचना की, जिसके जवाब में पूर्व राष्ट्रपति ने आठ यूरोपीय देशों पर 25% तक टैरिफ लगाने की चेतावनी दे डाली.  इसके बाद यूरोप ने भी कड़े शब्दों में अमेरिका को पलटकर जवाब दिया.

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