दिल्ली-NCR में एक बार फिर हवा की गुणवत्ता खराब स्तर पर पहुंच चुकी है. यही वजह है कि दिल्ली-NCR में GRAP-1 की पाबंदियों को लागू कर दिया गया है. दिल्ली और आसपास के इलाकों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने सुप्रीम कोर्ट के निर्दोशों के अनुसार GRAP का एक संशोधित शेड्यूल जारी किया है. जिसे तुरंत प्रभाव से लागू भी कर दिया गया है. GRAP पर बनी उप-समिति ने गुरुवार को दिल्ली-एनसीआर में हवा की गुणवत्ता को लेकर चिंता व्यक्त की. उप-समिति ने दिल्ली-एनसीआर में वायु की गुणवत्ता और मौसम विभाग के पूर्वानुमान की समीक्षा की. इस समीक्षा के ठीक बाद ही GRAP-1 की पाबंदियों को लगाने का फैसला किया गया.
अगर बात दिल्ली में AQI (हवा की गुणवत्ता) की करें तो कई इलाकों में ये 226 दर्ज की गई है. जो खराब श्रेणी के तहत आती है. उप-समिति ने पाया कि प्रतिकूल मौसमी परिस्थितियों के कारण दिल्ली का एक्सूआई लगातार बढ़ रहा है. आपको बता दें कि IMD के अनुसार अगले दो दिनों तक हवा की गुणवत्ता ऐसे ही खराब श्रेणी में बने रहने की संभावना जताई जा रही है.
GRAP-1 में होती हैं इस तरह की पाबंदियां
आपको बता दें कि GRAP-1 यानी Graded Response Action Plan के तहत सड़क किनारे भोजनालयों और रेस्तराओं में कोयले के इस्तेमाल पर रोक होती है. साथ ही इस दौरान खुले में कचरा जलाने पर भी प्रतिबंध लगाया जाता है. साथ ही उत्सर्जन को नियंत्रित करने के लिए भी सख्त नियम होते हैं.हवा की गुणवत्ता खराब होने के कारण लोगों को सांस लेने में दिक्कत होने लगी है और स्वास्थ्य विशेषज्ञ भी चिंता में हैं.
दिल्ली के कई इलाकों में एक्यूआई 200 से 300 के बीच है, जिसका मतलब है कि वायु गुणवत्ता का अधिक खराब होना, जिसकी वजह से शहर के कई हिस्सों में धुंध छाई हुई है और इससे विजिबिलिटी कम हो गई है. इंडिया गेट जैसे प्रतिष्ठित स्थल भी इस प्रदूषण की चपेट में आ चुके हैं.
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