होर्मुज में हमले के शिकार जहाजों पर 22 भारतीय सवार, नाविकों की सुरक्षा पर सरकार ने दिया अपडेट

शिपिंग मिनिस्ट्री के अतिरिक्त सचिव मुकेश मंगल ने बताया कि भारत के किसी जहाज पर गोलीबारी नहीं हुई है. यूफोरिया नाम के जहाज पर 21 भारतीय नाविक और एपामिनोंडास नामक जहाज पर एक भारतीय नाविक मौजूद है.

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अमेरिका और ईरान में तनातनी के बीच बुधवार को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में 3 जहाजों पर ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के हमले और उनमें से 2 को कब्जे में लिए जाने की घटना पर भारत सरकार ने प्रतिक्रिया दी है. बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव मुकेश मंगल ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि पिछले 24 घंटों में विदेशी ध्वज वाले जहाजों पर फायरिंग की कुछ घटनाएं हुई हैं. हालांकि इनमें कोई भी भारतीय जहाज गोलीबारी की चपेट में नहीं आया.

जहाजों पर तैनात भारतीयों की सुरक्षा पर चिंता

उन्होंने बताया कि हमले के शिकार हुए विदेशी जहाजों पर तैनात भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं. इन घटनाओं में कोई भी भारतीय नाविक घायल नहीं हुआ है. उन्होंने बताया कि यूफोरिया नाम के जहाज पर 21 भारतीय नाविक सवार थे. वो सभी सुरक्षित हैं. इसी तरह एपामिनोंडास नामक एक अन्य जहाज पर एक भारतीय नाविक मौजूद है. वह भी पूरी तरह सुरक्षित है. इस तरह क्षेत्र में मौजूद सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं. 

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14 भारतीय जहाज अब भी खाड़ी में

उधर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने भी दोनों जहाजों पर तैनात भारतीयों के सुरक्षित होने की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि पिछले कुछ हफ्तों में होर्मुज से 10 भारतीय जहाज निकल चुके हैं. 14 इंडियन शिप अब भी फारस की खाड़ी में हैं. फारस की खाड़ी में मौजूद भारतीय जहाजों की सुरक्षा को लेकर हम ईरानी अधिकारियों की करीबी संपर्क में हैं और सुनिश्चित कर रहे हैं कि वह सुरक्षित तरीके से भारत पहुंचें. 

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पश्चिम एशिया संकट से आयात प्रभावित

मंत्रालयों की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में सरकार ने होर्मुज स्ट्रेट बंद होने से देश में तेल और गैस की कीमतों पर दबाव को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की. पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा कि पश्चिम एशिया संकट के कारण वहां से होने वाले आयात पर असर पड़ा है. भारत सरकार सुनिश्चित करने का पूरा प्रयास कर रही है कि देशभर के लोगों को कम से कम असुविधा हो. 

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पेट्रोल-डीजल पर दिया अपडेट

उन्होंने बताया कि इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल और एलपीजी की कीमतों में उथल-पुथल के बावजूद भारत सरकार ने कीमतें नहीं बढ़ाई हैं. कच्चे तेल की बढ़ी कीमतों को एब्जॉर्ब करने के लिए सरकार ने एक्साइज ड्यूटी घटाई है. हमारी घरेलू एलपीजी सप्लाई सामान्य बनी हुई है. कल भी 52 लाख से ज्यादा घरों में एलपीजी सिलेंडरों की डिलीवरी की गई. पहले के मुकाबले बुकिंग में कमी आई है और अब रोजाना करीब 44 से 45 लाख बुकिंग हो रही हैं. 

एलपीजी सप्लाई को लेकर क्या बताया?

सुजाता शर्मा ने बताया कि कमर्शियल एलपीजी की सप्लाई करीब 70 प्रतिशत के स्तर पर है. अप्रैल के महीने में अब तक 1,40,000 टन से ज्यादा कमर्शियल एलपीजी बेची जा चुकी है. यह सप्लाई मुख्य रूप से रेस्टोरेंट, ढाबों, होटलों के अलावा स्टील, ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल, डाई, केमिकल, प्लास्टिक, पैकेजिंग और कृषि जैसे उद्योगों को की गई है. इसके अलावा कल लगभग 8,483 टन कमर्शियल एलपीजी की बिक्री हुई. 

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