देसी भाषाओं में क्रांति लाएगा AI! 90 करोड़ की फंडिंग के साथ Google की IITs और AIIMS में 'एंट्री'

गूगल ने भारत के लिए लगभग 90 करोड़ रुपये की फंडिंग का ऐलान किया है. यह सारा पैसा AI पर रिसर्च के लिए है. इस पैसे का बड़ा हिस्सा IITs, IISc जैसे बड़े कॉलेजों में बने चार खास AI सेंटर्स को मिलेगा.

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गूगल ने भारत के AI को दिए $10M, आपका स्वास्थ्य, शिक्षा, खेती... सब कुछ बदलने वाला है, जानें कैसे
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Delhi News: भारत के अनुसंधान और विकास (R&D) इकोसिस्टम को बढ़ावा देने के लिए गूगल (Google) ने देश के 4 एआई उत्कृष्टता केंद्रों (AI Centres of Excellence) के लिए करीब 72 करोड़ 77 हजार रुपये की फंडिंग की घोषणा की है. शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बताया कि यह फंडिंग 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य में योगदान देगी और देश को एक रणनीतिक राष्ट्रीय क्षमता के रूप में AI को अपनाने में मदद करेगी.

4 प्रमुख क्षेत्रों में AI का इस्तेमाल

  1. ये AI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस भारत सरकार के 'Make AI in India' और 'Make AI work for India' विजन के अनुरूप स्थापित किए जाएंगे और इनका मुख्य फोकस चार प्रमुख क्षेत्रों पर रहेगा. 
  2. IISc बेंगलुरु का TANUH स्वास्थ्य क्षेत्र में      नॉन कंज्यूमेबल डिजीज के इफेक्टिव ट्रीटमेंट के लिए स्केलेबल AI समाधान विकसित करेगा.
  3. IIT कानपुर में Airawat Research Foundation AI पर अग्रणी रिसर्च करके शहरी प्रशासन को बदलने पर ध्यान केंद्रित करेगा, जिससे Sustainable Cities के निर्माण में मदद मिलेगी. 
  4. IIT मद्रास का AI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस शिक्षा के क्षेत्र में सीखने और शिक्षण परिणामों को बढ़ाने के लिए समाधान तैयार करेगा. 
  5. IIT रोपड़ स्थित ANNAM.AI केंद्र किसान कल्याण और कृषि के लिए डेटा-संचालित समाधानों के विकास पर केंद्रित होगा.

भारतीय भाषाओं के लिए विशेष योगदान

इतना ही नहीं, गूगल ने भारतीय भाषाओं में AI की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए एक और महत्वपूर्ण योगदान दिया है. IIT बॉम्बे में Indic Language Technologies Research Hub की स्थापना के लिए गूगल ने लगभग 16 करोड़ रुपये की प्रारंभिक फंडिंग दी है. यह केंद्र सुनिश्चित करेगा कि वैश्विक AI प्रगति भारत की भाषाई विविधता को पूरा करे.

MedGemma और AIIMS की साझेदारी

Google ने स्वास्थ्य क्षेत्र में AI के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए भी एक और पहल भी की है. भारत के हेल्थ फाउंडेशन मॉडल के विकास के लिए लगभग 3 करोड़ 63 लाख रुपये का समर्थन दिया गया है, जिसमें Google के विशेष स्वास्थ्य AI मॉडल MedGemma का उपयोग होगा. अजंता लेंस (Ajna Lens) एम्स (AIIMS) के विशेषज्ञों के साथ मिलकर त्वचाविज्ञान और ओपीडी ट्राइएजिंग के लिए भारत-विशिष्ट मॉडल विकसित करेगा.

किन लोगों को मिलेगा फायदा?

गूगल, नेशनल हेल्थ अथॉरिटी (NHA) के साथ मिलकर लाखों बिखरे हुए मेडिकल रिकॉर्ड को FHIR स्टैंडर्ड में बदलने के लिए भी AI का उपयोग कर रहा है. डॉ. मनीष गुप्ता (सीनियर रिसर्च डायरेक्टर, गूगल डीपमाइंड) ने कहा, "हमारे फुल-स्टैक दृष्टिकोण से देश वैश्विक AI-संचालित भविष्य का नेतृत्व करने के लिए तैयार हो रहा है, जिसमें भारत की प्रयोगशालाओं के नवाचारों से दुनिया भर के अरबों लोगों को लाभ होगा."

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(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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