मिडिल ईस्ट संकट के बीच GoM की बैठक, खाद और गैस आपूर्ति की स्थिति की हुई समीक्षा

मिडिल ईस्ट संकट पर पहले सुरक्षा मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीएस) की बैठक हो चुकी है. जिसमें बिगड़ते हालात की समीक्षा की गई और आम लोगों की खाद्य, ऊर्जा और ईंधन सुरक्षा समेत महत्वपूर्ण आवश्यकताओं की उपलब्धता का विस्तृत आकलन किया गया था.

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मिडिल ईस्ट संकट पर भारत की नजर
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  • मिडिल ईस्ट संकट को लेकर मंत्रियों के समूह ने खाद और पेट्रोलियम गैस की उपलब्धता तथा स्थिति पर समीक्षा की
  • सरकार ने बताया कि खाद की पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और मोरक्को जैसे देशों से नई खरीद पर विचार चल रहा है
  • सप्लाई में कमी से खाद उत्पादन प्रभावित हो सकता है, लेकिन अन्य स्रोतों से खरीद कर आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी
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मिडिल ईस्ट में जारी संकट को लेकर मंत्रियों के समूह (GoM) की एक अहम बैठक हुई, जिसमें देश में खाद और पेट्रोलियम गैस की मौजूदा स्थिति का आकलन किया गया. बैठक में संभावित असर और उससे निपटने की तैयारियों पर चर्चा की गई. बैठक में गृह मंत्री अमित शाह और विदेश मंत्री एस. जयशंकर मौजूद रहे. इसके अलावा उर्वरक मंत्री जे.पी. नड्डा और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने भी बैठक में हिस्सा लिया.

खाद की उपलब्धता पर चर्चा

बैठक के दौरान देश में खाद की उपलब्धता को लेकर विस्तार से चर्चा हुई. सरकार ने बताया कि भारत नए स्रोतों से खाद की खरीद कर रहा है और मोरक्को जैसे देशों से खाद खरीदने पर भी विचार हो रहा है. सरकार के मुताबिक खरीफ की बुआई के लिए खाद का स्टॉक पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है, जिससे फिलहाल किसी तरह की कमी की स्थिति नहीं है.

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गैस सप्लाई और उत्पादन पर असर

बैठक में यह भी बताया गया कि गैस सप्लाई कम होने से खाद के उत्पादन पर असर पड़ सकता है. हालांकि इसकी भरपाई के लिए अन्य स्रोतों से खाद की खरीद की जाएगी, ताकि आपूर्ति बाधित न हो. सरकार ने यह भी साफ किया कि डीज़ल वाहनों के लिए जरूरी टीजीयू (टेक्निकल ग्रेड यूरिया) और डीईएफ (डीजल एग्जॉस्ट फ्लूइड) पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं और फिलहाल इस मोर्चे पर किसी संकट की स्थिति नहीं है.

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रोजाना होगी समीक्षा बैठक

सरकार ने फैसला किया है कि स्थिति पर करीबी नजर रखने के लिए अलग‑अलग मंत्रालयों के साथ रोज़ाना बैठकें की जाएंगी, ताकि किसी भी संभावित चुनौती से समय रहते निपटा जा सके.

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