- खालिस्तानी आतंकी पन्नू ने गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ को धमकी दी है
- कुछ दिन पहले बराड़ ने दावा किया था कि उसने कनाडा में निज्जर की हत्या कराई
- गौरतलब है कि निज्जर की हत्या के बाद भारत-कनाडा के बीच रिश्ते खराब हो गए थे
खालिस्तानी आतंकी संगठन सिख फॉर जस्टिस यानी SFJ के प्रमुख और नामित आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू का एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. इस वीडियो में पन्नू ने भारत के कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ को धमकी दी है, पन्नू ने दोनों को हरदीप सिंह निज्जर की हत्या समेत कई अपराधों के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए कहा है कि मुकदमे की प्रक्रिया पूरी होने के बाद दोनों को अपने किए की सजा भुगतनी पड़ेगी.
पन्नू ने बराड़ के दावे का किया जिक्र
वीडियो में पन्नू ने खास तौर पर गोल्डी बराड़ के उस कथित दावे का जिक्र किया है, जिसमें उसने निज्जर की हत्या करने की बात कही थी. पन्नू का कहना है कि निज्जर को मारने की जिम्मेदारी लेने की बात कहकर गोल्डी बराड़ ने खुद को मुश्किल में डाल लिया है. पन्नू के मुताबिक, गोल्डी बराड़ का यह दावा उसके खिलाफ ही इस्तेमाल किया जा सकता है और आने वाले समय में उसे इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं. पन्नू ने आगे दावा किया कि लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ ने जिन अपराधों को अंजाम दिया है, उनका हिसाब उन्हें देना होगा. उसने यह भी आरोप लगाया कि हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में दोनों की भूमिका रही है.
बराड़ का ऑडियो वायरल
दरअसल, हरदीप सिंह निज्जर की हत्या को लेकर पिछले कुछ समय से एक बार फिर विवाद तेज हुआ है. पिछले शनिवार को एक कथित ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी. इस ऑडियो में नामित आतंकी और बब्बर खालसा इंटरनेशनल से जुड़े गोल्डी बराड़ की आवाज होने का दावा किया गया. ऑडियो में कथित तौर पर बराड़ यह कहता सुनाई दे रहा है कि उसके पास जून 2023 में कनाडा के सरे में निज्जर की हत्या करने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं था.
निज्जर की कनाडा में हुई थी हत्या
हरदीप सिंह निज्जर की हत्या जून 2023 में कनाडा के सरे में हुई थी. भारत ने साल 2023 में निज्जर को गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम यानी UAPA के तहत आतंकवादी घोषित किया था. उसकी हत्या के बाद भारत और कनाडा के रिश्तों में भी काफी तनाव पैदा हुआ. सितंबर 2023 में तत्कालीन कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने कनाडाई संसद में बयान देते हुए कहा था कि उनके देश की जांच एजेंसियों के पास ऐसे 'विश्वसनीय सबूत' हैं, जिनसे निज्जर की हत्या में भारत सरकार से जुड़े एजेंटों की संभावित भूमिका का संकेत मिलता है. ट्रूडो के इस बयान के बाद दोनों देशों के बीच राजनयिक विवाद काफी बढ़ गया था.
भारत ने कनाडा के आरोपों को किया था खारिज
भारत ने कनाडा के इन आरोपों को लगातार खारिज किया है और निज्जर की हत्या में किसी भी तरह की संलिप्तता से इनकार किया है. भारत का कहना रहा है कि कनाडा ने अपने आरोपों के समर्थन में पर्याप्त और ठोस जानकारी उपलब्ध नहीं कराई है. इसी बीच जुलाई में अमेरिका के न्याय विभाग ने भारतीय गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के खिलाफ एक अभियोग सार्वजनिक किया था. अमेरिकी अभियोग में बिश्नोई पर कई गंभीर आपराधिक गतिविधियों से जुड़े होने के आरोप लगाए गए और दावा किया गया कि उसने निज्जर की हत्या के लिए कथित तौर पर निर्देश दिए थे.
धमकियों का दौर शुरू
अब पन्नू के वायरल वीडियो और गोल्डी बराड़ से जुड़ी कथित ऑडियो क्लिप ने निज्जर हत्याकांड को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं. हालांकि, इन वीडियो और ऑडियो में किए गए दावों को जांच और अदालत में साबित होना बाकी है. फिलहाल सबसे अहम बात यह है कि एक तरफ पन्नू खुले तौर पर लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ को धमकी देता नजर आ रहा है, वहीं दूसरी तरफ निज्जर हत्याकांड में कथित गैंगस्टर नेटवर्क और खालिस्तानी आतंकी नेटवर्क के बीच संबंधों को लेकर नए दावे सामने आ रहे हैं.
कानूनी लड़ाई पर नजरें
पूरे मामले में सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो और ऑडियो की प्रामाणिकता के साथ-साथ उनमें किए गए दावों की जांच बेहद महत्वपूर्ण होगी. निज्जर हत्याकांड पहले से ही भारत-कनाडा संबंधों का बेहद संवेदनशील मुद्दा रहा है और अब इन नए दावों के सामने आने के बाद इस मामले की जांच और कानूनी कार्रवाई पर एक बार फिर नजरें टिक गई हैं.