"ऐसे वक्त में कांग्रेस छोड़ी है....": गुलाम नबी आज़ाद के इस्तीफे पर बोले कांग्रेस नेता

पार्टी के नेता जयराम रमेश ने कहा कि गुलाम नबी का पार्टी छोड़ना बहुत अफसोसनाक है. बीजेपी को हम कड़ी टक्कर दे रहे है ध्रुवीकरण , मंहगाई बेरोजगार के मुद्दे पर लेकिन इस वक्त गुलाम नबी जैसे वरिष्ठ नेता ने साथ छोड़ दिया.

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आजाद ने इस संबंध में सोनिया गांधी को चिट्ठी भी लिखी है.
नई दिल्ली:

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने आज पार्टी से इस्तीफा दे दिया है. गुलाम नबी आजाद के इस्तीफे पर कांग्रेस नेता अजय माकन का बयान आया है. उन्होंने कहा, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता थे. पार्टी के अंदर और सरकार के अंदर कई महत्वपूर्ण पद पर रहे थे. मंहगाई और ध्रुवीकरण के खिलाफ लड़ाई लड़ते वक्त 7 सितंबर को भारत जोड़ो यात्रा कर रहे हैं, 5 सितंबर को 32 प्रेस कान्फ्रेंस रखी हैं, ऐसे वक्त गुलाम नबी आजाद ने कांग्रेस छोड़ी है. ऐसे वक्त में हमें उम्मीद थी गुलाम नबी आजाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ खड़े होते. लेकिन बड़े दुख की बात है कि वो हमें छोड़ गए.

पार्टी के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने कहा कि गुलाम नबी का पार्टी छोड़ना बहुत अफसोसनाक है. बीजेपी को हम कड़ी टक्कर दे रहे है ध्रुवीकरण , मंहगाई बेरोजगार के मुद्दे पर लेकिन इस वक्त गुलाम नबी जैसे वरिष्ठ नेता ने साथ छोड़ दिया.

दरअसल आज गुलाम नबी आजाद काफी लंबे समय से पार्टी से नाराज चल रहे थे. आजाद ने इस संबंध में सोनिया गांधी को चिट्ठी भी लिखी है, जिसमें राहुल गांधी पर हमला बोला गया है. उन्होंने इस खत में राहुल पर बचकाने व्यवहार का आरोप लगाया और कांग्रेस की 'खस्ता हालात' और में 2014 लोकसभा चुनाव में हार के लिए राहुल गांधी को जिम्मेदार ठहराया है. सोनिया गांधी को लिखी गई 5 पेज की चिट्ठी में गुलाम नबी आजाद ने लिखा है, जनवरी 2013 में राहुल गांधी को आपके द्वारा कांग्रेस उपाध्यक्ष बनाया गया, उसके बाद पार्टी में मौजूद सलाह-मशविरे के सिस्टम को उन्होंने खत्म कर दिया. सभी वरिष्ठ और अनुभवी नेताओं को साइडलाइन कर दिया गया और बिना अनुभव वाले चाटुकारों की मंडली पार्टी को चलाने लगी.

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