गाजियाबाद सुसाइड केस: मंझली बहन थी बॉस, तीनों ने रख लिए थे कोरियन नाम, पिता के खुलासे चौंकाने वाले

पिता ने इस मामले में बताया कि बेटियां कहती थीं कि सॉरी हम कोरिया नहीं छोड़ सकते. कोरिया हमारी जिंदगी और जान हैं. हम उसे नहीं छोड़ सकते. सुसाइड नोट में बहनों ने लिखा है कि पापा सॉरी, आंखों में आंसू लिए पिता ने हर मां-बाप से गुजारिश की कि वे अपने बच्चों को गेम से दूर रखें.

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गाजियाबाद में तीन बहनों ने 9वीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली. शुरुआती जांच में सामने आया है कि तीनों बहनों को कोरियन ऑनलाइन गेम की लत लगी हुई थी, जिसका नाम है कोरियन लवर गेम, जो कि वे तीनों पिछले 5 साल से खेल रही थीं. कोरोना काल में इस गेम को खेलने की शुरुआत की थी और ये एक टास्क बेस्ड गेम था. तीनों इस गेम से इतनी प्रभावित थीं कि उन्होंने अपने नाम भी कोरियन रख लिए थे.  इस गेम में 14 साल की बीच वाली बहन बॉस थी, जो अपनी दोनों बहनों को भी टास्क देती थी. इसी के चलते तीनों बहन हर काम साथ करती थीं, रोजमर्रा के काम भी. जैसे खाना, सोना और छोटे-मोटे घर के काम करना. ये जानकारी भी सामने आई है कि तीनों बहनें ये शक नहीं होने देती थीं कि वह किसी टास्क के तहत ये काम कर रही हैं. 

सॉरी हम कोरिया नहीं छोड़ सकते... बेटियों ने पिता से कही थी ये बात

पिता ने इस मामले में बताया कि बेटियां कहती थीं कि सॉरी हम कोरिया नहीं छोड़ सकते. कोरिया हमारी जिंदगी और जान हैं. हम उसे नहीं छोड़ सकते. सुसाइड नोट में बहनों ने लिखा है कि पापा सॉरी, आंखों में आंसू लिए पिता ने हर मां-बाप से गुजारिश की कि वे अपने बच्चों को गेम से दूर रखें. वे कहते हैं कि ये बहुत बुरा हुआ. हालांकि पिता ने ये भी बताया कि गेम का लिंक कोरिया से आया था. पुलिसवालों के पास फोन है, वे ही डिटेल्स निकालेंगे. मुझे पता होता कि इसमें क्या टास्क है तो मैं उन्हें गेम खेलने ही नहीं देता. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक- गेम में 50 टास्क की बात सामने आ रही है. 

सुसाइड केस का चश्मदीद आया सामने

वहीं इस मामले में एक चश्मदीद भी सामने आया है जिसने बताया है कि बड़ी लड़की कूदने की कोशिश कर रही थी और दोनों छोटी बहनें उसे रोक रही थीं. इसी बीच तीनों बहनें नीचे गिर गईं. सवाल ये भी ये भी है कि क्या सुसाइड भी इसी टास्क के तहत किया गया.

सुसाइड से पहले तीनों ने कमरे का दरवाजा अंदर से किया था बंद

लड़कियों ने सुसाइड करने के पहले कमरे का दरवाजा अंदर से बंद कर लिया था और उसके बाद तीनों बारी बारी से खिड़की से नीचे कूदीं. जब लड़कियां नीचे गिरीं तो आवाज इतनी तेज आई कि सोसाइटी के तमाम लोग और सिक्योरटी गार्ड भागे, जब घरवाले कमरे का दरवाजा तोड़कर अंदर पहुंचे तब तक लड़कियां नीचे कूद चुकी थीं. ये भी बात सामने आ रही है कि तीनों बच्चियां 2 साल से स्कूल नहीं जा रही थीं, पिता ट्रेडिंग का काम करते थे. घर की माली हालत भी ठीक नहीं थी.

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