दिल्ली-नोएडा में गे डेटिंग ऐपः कैसे जाल में फंसता है शिकार, जानिए रियल 'LSD' की कहानी

दिल्ली-एनसीआर के शहरों में गे डेटिंग ऐप पर दोस्ती करके लोगों के साथ लूटपाट करने के मामले बढ़ते जा रहे हैं. एक ऐसा ही मामला हापुड़ में सामने आया है. आइए जानते हैं कि हाल के महीनों में इस तरह की कुछ और वारदातों के बारे में.

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  • दिल्ली NCR में गे डेटिंग ऐप के माध्यम से दोस्ती कर लूटपाट और ब्लैकमेल करने वाले गिरोहों की संख्या बढ़ रही है
  • हापुड़ में पुलिस ने 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर बाइक, पिस्तौल, चाकू और मोबाइल फोन बरामद किए
  • गिरफ्तार आरोपियों ने सुनसान जगह पर बुलाकर आपत्तिजनक वीडियो बनाकर ब्लैकमेल किया था
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हापुड़/नोएडा:

दिल्ली एनसीआर के इलाकों में गे डेटिंग ऐप पर दोस्ती गांठकर लोगों को ठगने, लूटपाट और ब्लैकमेल करन के मामले बढ़ते जा रहे हैं.ऐसा ही एक मामला हापुड़ जिले की पिलखुवा में सामने आया है.वहां की पुलिस ने गे डेटिंग ऐप के जरिए दोस्ती कर लूटपाट करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है. पुलिस ने इस गिरोह के चार लोगों को गिरफ्तार किया है. उनके कब्जे से पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई बाइक, देसी पिस्तौल, चाकू, मोबाइल फोन आदि बरामद किया है. यह गिरोह गे डेटिंग ऐप के जरिए लोगों से दोस्ती करता था. वह उनको मिलने के लिए सुनसान इलाके में बुलाता था और आपत्तिजनक वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करता और पैसे ऐंठता था. 

कहां हुई गे डेटिंग ऐप के जरिए लूटपाट

पुलिस के मुताबिक  16 नवंबर 2025 की शाम करीब छह बजे पिलखुवा निवासी एक युवक को झूठ बोलकर पशुओं का इलाज करने के लिए मामा-भांजा होटल के पीछे जंगल में ले जाया गया था. वहां पर उसको ब्लैकमेल करते हुए उसके परिचितों से 64 हजार रुपये आरोपियों ने उसके बैंक खाते में मंगवाए थे. बाद में आरोपियों ने युवक को धमकाते हुए अपने बैंक खाते में करीब 64800 रुपये ट्रांसफर करा लिए थे. एक दूसरी घटना में आरोपियों ने इस साल 27 नवंबर की रात करीब सात बजे पिलखुवा के ही रहने वाले एक युवक को अपना निशाना बनाया था. उसके साथ भी लूटपाट की गई थी.

हापुड़ के एएसपी विनीत भटनागर ने मीडिया को बताया कि गे ऐप के जरिए दोस्ती कर लोगों से लूटपाट और ब्लैकमेल करने के  आरोप में चार लोगों को गिरफ्तार किया है. उन्होंने बताया कि ये गिरफ्तारियां जिले में 16 और 27 नवंबर को हुई दो घटनाओं के संबंध में की गई हैं. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गाजियाबाद के मसूरी थाना निवासी अजय और विवेक, गाजियाबाद के भोजपुर थाना निवासी नितिन, गौतम बुद्ध नगर (नोएडा) के जारचा थाना निवासी विजय के रूप में हुई है.उन्होंने बताया कि पूछताछ में इन लोगों ने बताया है कि एक ऐप पर ये लोग लोगों को आकर्षित कर किसी बात का लालच देकर बुलाते थे और उन्हें सुनसान जगह पर ले जाकर लूट लेते थे उन्हें ब्लैकमेल भी करते थे.

पुलिस ने क्या जानकारी दी है

उन्होंने बताया कि आरोपियों ने गे डेटिंग ऐप की जानकारी दी है, उसकी जानकारी बाद में दी जाएगी. पुलिस अधिकारी ने बताया कि यह एक गे ऐप है. इसका इस्तेमाल गे लोग करते हैं.यह ऐप प्ले स्टोर पर उपलब्ध है. उन्होंने बताया कि इस ऐप पर लोगों की लोकेशन और फोन नंबर आ जाता है.उन्होंने बताया कि इस गिरोह के शिकार लोगों को लगता था कि लोग मित्रता के लिए बुला रहे हैं, लेकिन लोग इनके चुंगल में फंस जाते थे.पुलिस अधिकारी ने बताया कि इस मामले में गिरफ्तार नितिन पर गाजियाबाद के थाना भोजपुर में दो मुकदमे पहले से ही दर्ज हैं. पुलिस अब यह पता लगा रही है कि इन लोगों ने इस तरह की कितनी वारदातों को अंजाम दिया है. पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल की गई बाइक, देसी पिस्तौल, चाकू, मोबाइल फोन आदि बरामद किए हैं.

दिल्ली एनसीआर में गे डेटिंग ऐप का फैलता जाल

इस तरह गे डेटिंग ऐप से लोगों को ब्लैकमेल या लूटपाट करने के मामले दिल्ली-एनसीआर में लगातार सामने आ रहे हैं. इस साल 16 जुलाई को नोएडा की सेक्टर-24 पुलिस ने गे डेटिंग ऐप से दोस्ती कर लूटने वाले गिरोह को गिरफ्तार किया था. इस गिरोह का सरगना 11वीं पास एक छात्र था. पुलिस ने उसके तीन साथियों को भी नोएडा के सेक्टर-11 से गिरफ्तार किया था. इस गिरोह ने नोएडा सेक्टर-11 निवासी एक युवक को ऐप के जरिए फंसाया था. गिरफ्तार आरोपियों ने उसके कमरे पर जाकर उससे पांच हजार रुपये और मोबाइल फोन लूट लिया था. 

इससे पहले इस साल जून में ग्रेटर नोएडा की सूरजपुर कोतवाली पुलिस ने इसी तरह के एक गैंग के छह सदस्यों को गिरफ्तार किया था. यह गिरोह भी गे डेटिंग पर लोगों से दोस्ती गांठकर उन्हें मिलने के लिए बुलाता था और उनके साथ लूटपाट करता था. इस गिरोह में 19 और 26 जून को इसी तरह से लूटपाट की दो घटनाओं को अंजाम दिया था. इन घटानाओं के पीड़ितों ने पुलिस से संपर्क साधा था. पुलिस ने बताया था कि गिरफ्तार किए गए लोगों में से दो लोग अपने यूपीआई आईडी पर रुपये ट्रांसफर कराते थे और बाद में अपना 20 फीसदी कमीशन काटकर गिरोह के दूसरे सदस्यों को दे देते थे. 

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वहीं गे डेटिंग ऐप से जुड़ा एक दूसरा मामला इस साल 26 अक्तूबर को नोएडा के सेक्टर-74 स्थित सुपरटेक नॉर्थ आई सोसाइटी में सामने आया था. यह इलाका थाना सेक्टर 113 क्षेत्र में आता है. वहां एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में 8वीं मंजिल से गिरकर मौत हो गई थी. पुलिस जांच में पता चला कि इस सोसाइटी के एक फ्लैट में सात-आठ युवक पार्टी के लिए जमा हुए थे. ये सभी युवक एक गे डेटिंग ऐप के जरिए मिले थे. इस दौरान अलीगढ़ निवासी शुभम आठवीं मंजिल से गिर गया था. इससे उसकी मौत हो गई थी.  

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