- तमिलनाडु के विरुधुनगर जिले की पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट में तेरह से अधिक श्रमिकों की मौत और कई घायल हुए
- देश में पटाखा फैक्ट्री विस्फोटों में मजदूरों की जानें गईं हैं और दुर्घटनाएं बढ़ती जा रही हैं
- आंध्र प्रदेश के काकीनाडा जिले में पटाखा कारखाने में हुए विस्फोट में 28 लोगों की मौत हुई थी और कई घायल हुए थे
बारूद की गंध, सूखे केमिकल्स का ढेर और एक छोटी-सी चिंगारी…देश की तमाम पटाखा फैक्ट्रियों में ये तीन चीजें मिलकर हर साल मौत का तांडव रचती हैं. आज तमिलनाडु के विरुधुनगर जिले में हुए भीषण पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट ने कई लोगों की जिंदगी लील ली. त्योहारों की रौशनी के पीछे छिपी इस इंडस्ट्री में काम करने वाले मजदूर अक्सर सुरक्षा की कमी और लापरवाही की कीमत अपनी जान देकर चुकाते हैं. पिछले कुछ सालों में देश के अलग-अलग हिस्सों से आए धमाकों की खबरें बताती हैं कि पटाखों फैक्ट्री में हर साल जान गंवाने के बाद भी इन हादसों पर कोई लगाम नहीं लग रही है.
विरुधुनगर में पटाखा फैक्ट्री में धमाका (2026)
19 अप्रैल यानी आज के दिन तमिलनाडु के विरुधुनगर के निकट स्थित एक पटाखा फैक्टरी में हुए विस्फोट में 13 से अधिक श्रमिकों के मारे जाने की पुष्टि हो चुकी है और कुछ अन्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं. पुलिस ने यह जानकारी दी. पुलिस ने बताया कि यह विस्फोट उस समय हुआ जब कट्टनरपत्ती स्थित पटाखा फैक्टरी में लगभग 30 श्रमिक काम कर रहे थे. उसने बताया कि विस्फोट के कारण इमारत के कुछ हिस्से ढह गये. कुछ ही दिनों पहले इसी इलाके में एक और विस्फोट में लोग घायल हुए थे.
आंध्र प्रदेश पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट (फरवरी 2026)
काकीनाडा जिले में पटाखा कारखाने में हुए विस्फोट में 28 लोगों की मौत हुई है. समरलाकोटा मंडल के वेटलापलेम गांव में 28 फरवरी को एक लाइसेंस प्राप्त पटाखा निर्माण इकाई में हुए शक्तिशाली विस्फोट में नौ महिलाओं सहित 20 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि नौ अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए थे. विस्फोट वाले दिन 20 लोगों की मौत के बाद आठ अन्य घायलों ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया जिससे मृतकों की संख्या 28 हो गई.
राजस्थान पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट (2026)
फरवरी के महीने में ही राजस्थान के खैरथल-तिजारा जिले के खुशखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र स्थित पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट और आग लगने से 8 मजदूरों की मौत हो गई थी और दो गंभीर रूप से घायल हो गए थे. पुलिस ने बताया कि संयुक्त दलों ने छापेमारी कर दो अलग-अलग परिसरों से पटाखे, विस्फोटक सामग्री और मशीनरी जब्त की। पटाखों से भरे एक गोदाम को भी सील कर दिया गया था. इस मामले में अधिकारियों को संदेह था कि पटाखों की आपूर्ति राजस्थान, हरियाणा और दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र के बाजारों के लिए की जानी थी.
फरवरी 2024: रामुथेवनपट्टी, विरुधुनगर
17 फरवरी 2024 को विरुधुनगर ज़िले के रामुथेवनपट्टी गांव में एक पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट और आग लगने की घटना सामने आई थी. इस हादसे में 10 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 7 से अधिक लोग घायल बताए गए थे. रिपोर्ट्स के अनुसार, आग फैक्ट्री के केमिकल मिक्सिंग रूम से शुरू हुई और फिर तेज धमाकों में बदल गई. घटना के बाद राष्ट्रीय और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल के साथ‑साथ दमकल विभाग ने राहत और बचाव कार्य किया।
2024 फैक्ट्री ब्लास्ट हादसा, रामुथेवनपट्टी, विरुधुनगर
तमिलनाडु में विरुधुनगर जिले के सत्तूर में एक पटाखा फैक्ट्री में हुए विस्फोट में चार लोगों की मौत हो गई थी. इस पटाखा फैक्ट्री में 50 मजदूर काम में लगे हुए थे. तब बताया गया कि पटाखे तैयार करते समय केमिकल मिलाने के दौरान यह हादसा हुआ. धमाके के बाद फैक्ट्री के कुल 15 कमरों में से तीन कमरे पूरी तरह ध्वस्त हो गए थे.
2012 शिवकाशी पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट
2012 में शिवकासी में बेहद खतरनाक ब्लास्ट हुआ था. 5 सितंबर 2012 को शिवकाशी में हुआ विस्फोट अब तक का सबसे बड़ा और सबसे घातक पटाखा फैक्ट्री हादसा माना जाता है. जिसमें कम से कम 40 लोगों की मौत हुई और 70 से अधिक लोग घायल हुए थे. रिपोर्ट्स के मुताबिक, विस्फोट उस समय हुआ जब फैक्ट्री में पटाखा बनाने के लिए केमिकल्स को मिलाया जा रहा था. फैक्ट्री का लाइसेंस हादसे से कुछ दिन पहले ही निलंबित किया गया था, फिर भी वहां काम जारी था. एक बड़े धमाके के बाद लगातार कई विस्फोट हुए और आग तेजी से फैल गई. फैक्ट्री परिसर की करीब 48 शेड आग की चपेट में आकर तबाह हो गईं. आग बुझाने और राहत‑बचाव में कई घंटे लगे.














