- टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी के खिलाफ बिधाननगर उत्तर साइबर अपराध पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई है
- शिकायतकर्ता राजीव सरकार ने आरोप लगाया कि बनर्जी ने चुनाव प्रचार में भड़काऊ बयान दिए और अमित शाह को धमकी दी
- अभिषेक बनर्जी पर दंगा भड़काने, सद्भाव भंग करने और धमकियां देने का आरोप है
तृणमूल कांग्रेस के महासचिव और डायमंड हार्बर से सांसद अभिषेक बनर्जी के खिलाफ बिधाननगर उत्तर साइबर अपराध पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई है. उन पर चुनाव से पहले भड़काऊ बयान देने, डीजे बजाने पर टिप्पणी करने और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ बयान जारी करने के आरोप हैं.
पश्चिम बंगाल पुलिस ने राजीव सरकार नाम के एक सामाजिक कार्यकर्ता की शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज की है. बंगाल पुलिस द्वारा अभिषेक बनर्जी के खिलाफ दर्ज की गई यह संभवतः पहली एफआईआर है.
इन आरोपों में भारतीय विधि संहिता की तीन धाराएं शामिल हैं- धारा BNS 192, BNS 196 (गैर-जमानती) और BNS 351/2 (गैर-जमानती). इसके अलावा, लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की दो धाराएं भी लगाई गई हैं.
- भारतीय न्याय संहिता की धारा 192: जमानती; दंगा भड़काने का आरोप
- धारा 196: गैर-जमानती; विभिन्न समूहों के बीच सद्भाव भंग करके घृणा फैलाना
- धारा 351/2: गैर-जमानती; मौत का भय पैदा करना और धमकियों के जरिए मानवीय गरिमा और सद्भाव को ठेस पहुंचाना
- धारा 353(1)(c): जमानती; झूठे या भ्रामक बयान और अफवाहें फैलाना
हालांकि, इस संबंध में पार्टी की ओर से अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आयी है.
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