पीएम मोदी से प्रेरित होकर मोटे अनाजों की खेती कर रहे किसान, पहले से ज्यादा हो रहा मुनाफा 

किसानों का कहना है कि मोटे अनाज की खेती के बाद उत्पादन के पश्चात जो अनाज बिकता है, उससे किसान अपनी बेटी की शादी से लेकर घर बनवाने तक का काम भी करता है. यह तभी संभव हो पाया है, जब प्रधानमंत्री मोदी ने किसानों को मोटे अनाज की खेती के लिए प्रेरित किया.

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मोतिहारी:

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2023 में अंतरराष्‍ट्रीय मिलेट्स वर्ष मनाए जाने के बाद लोगों की रुचि मोटे अनाजों की तरफ बढ़ी है. बिहार के मोतिहारी के किसानों का रुझान भी मोटे अनाजों की कृषि की तरफ बढ़ा है. स्वास्थ्य के लिए बेहतर होने के साथ-साथ मोटे अनाजों की खेती से किसानों को पहले की तुलना में ज्यादा आमदनी भी हो रही है. पीएम मोदी द्वारा मिलेट्स को बढ़ावा देने के कारण देशभर के साथ बिहार के किसानों का रुझान भी मोटे अनाजों के उत्पादन की ओर बढ़ा है. 

जिला कृषि पदाधिकारी मनीष कुमार सिंह ने बताया, "पूर्वी चंपारण जिले में किसानों ने करीब 1 हजार 27 हेक्टेयर रकबे में मिलेट्स की खेती की है. जिसमें सांवा, कोदो, कंगनी ,मक्का, रागी, मडुआ इत्यादि शामिल हैं. मोटे अनाजों की खेती से किसानों के आमदनी में भी काफी इजाफा हुआ है."

मोटे अनाज के सेवन से स्‍वस्‍थ रहते थे लोग: किसान

उन्होंने बताया, "किसानों का कहना है कि मोटे अनाज की खेती के बाद उत्पादन के पश्चात जो अनाज बिकता है, उससे किसान अपनी बेटी की शादी से लेकर घर बनवाने तक का काम भी करता है. यह तभी संभव हो पाया है, जब प्रधानमंत्री मोदी ने किसानों को मोटे अनाज की खेती के लिए प्रेरित किया."

मोटे अनाज की खेती करने वाले किसान नायक सिंह ने बताया, "पहले मोटे अनाज की जो खेती होती थी, उसके सेवन से लोग स्वस्थ रहते थे और किसानों को आमदनी भी अच्छी होती थी. लेकिन बीच में गेहूं, धान जैसे पतले अनाजों का खेती होने लगी, जिसके चलते किसानों की आमदनी भी घट गई. मक्का भी मोटे अनाज में है, पीएम मोदी ने मक्के की खेती करने पर जोर दिया है. मक्के की खेती कर कोई भी किसान बेटी की शादी से लेकर अपना घर तक बनवा सकता है, लेकिन गेहूं की खेती करने से वो ऐसा नहीं कर पाएगा."

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पहले ही तुलना में आमदमी में हुआ है इजाफा: किसान

उन्होंने बताया, "मैं खुद मोटे अनाजों का खेती करता हूं और अन्य किसानों को भी इसकी खेती के लिए अपील कर रहा हूं. पीएम मोदी भी इसे बढ़ावा दे रहे हैं. मोटे अनाजों के खरीददार और बाजार अच्छा है. पीएम मोदी की सरकार में सभी खुश है."

एक अन्य किसान राजू साहू ने बताया, "मोटे अनाज की खेती करने से किसानों को बहुत फायदा है. पहले ही तुलना में आमदनी में बढ़ोतरी हुई है. पहले ज‍िस खेत में एक क्विंटल गेहूं होता था, अब उस खेत में तीन क्विंटल मक्का होता है. प्रधानमंत्री भी इसे बढ़ावा दे रहे हैं. पहले मोटे अनाज की खेती होती थी, लेकिन बीच में बंद हो गया, लेकिन पीएम मोदी की अपील के बाद यह फिर शुरू हो गया है."
 

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(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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