- फरीदाबाद में 3 नाबालिग लड़कियों समेत छह हत्याओं के आरोपी सिंह राज को कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है.
- सिंह राज का हत्या का पैटर्न था. पहले परिवार से जान पहचान बनाकर पीड़िता का शोषण करना और फिर गला घोंटता था.
- आरोपी जसाना गांव का रहने वाला था और सेक्टर 16 के एक अस्पताल में सिक्योरिटी गार्ड के रूप में काम करता था.
फरीदाबाद को दहला देने वाली सीरियल किलिंग की कड़ियां आखिर अदालत में एक ठोस निष्कर्ष पर पहुंचीं. 3 नाबालिग लड़कियों समेत 6 हत्याएं करने वाले कुख्यात साइको किलर सिंह राज को कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है. अदालत ने आरोपी पर 1 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है. अदालत में पेश तकनीकी सबूतों, कॉल डिटेल्स और पैटर्न‑आधारित हत्या के तरीकों ने साबित कर दिया कि सिंह राज समाज के लिए कितना खतरनाक था.
कैसे करता था हत्या? एक खौफनाक पैटर्न
सिंह राज का तरीका हर केस में लगभग एक जैसा था. पहले पीड़िता के परिवार से जान‑पहचान बनाता. फिर धीरे‑धीरे घर आने‑जाने लगे. मौका पाते ही छेड़छाड़ करता. विरोध होने पर पीड़िता का गला घोंट देता. शव को बोरे में भरकर साइकिल से ले जाकर आगरा नहर में फेंक देता. उसकी सभी शिकार लड़कियां गरीब परिवार से आती थीं और ज्यादातर नाबालिग थीं.
कौन है सिंह राज?
आरोपी जसाना गांव का रहने वाला है. सेक्टर‑16 स्थित एक निजी अस्पताल में सिक्योरिटी गार्ड था. परिवार से उसका कोई संपर्क नहीं. कोई भी रिश्तेदारी निभाना नहीं चाहता. यह पहली बार नहीं था जब उसने हत्या की हो. साल 1987 में उसने अपने चाचा और चचेरे भाई की हत्या भी की थी. पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था, लेकिन सबूतों के अभाव में कोर्ट ने बरी कर दिया था. इससे स्पष्ट है कि सिंह राज की हिंसक प्रवृत्ति कोई नई नहीं थी.
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3 साल की सुनवाई, 26 गवाह, तकनीकी सबूतों ने खोली पोल
इस केस का फैसला करीब 3 साल बाद आया. एडिशनल सेशन जज पुरुषोत्तम कुमार की अदालत ने IPC 302 (हत्या) और 364 (अपहरण) के तहत उम्रकैद सुनाई. एक पीड़िता अनुसूचित जाति से थी, इसलिए SC/ST एक्ट के तहत भी उसे आजीवन कारावास मिला. कुल 26 गवाहों की गवाही हुई. हत्या का कोई सीधा सबूत नहीं था. लेकिन कॉल डिटेल रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी प्रमाण निर्णायक साबित हुए. अदालत ने साफ कहा, 'सारी घटनाओं का पैटर्न एक जैसा है और आरोपी की संलिप्तता स्पष्ट है.'
साल 2019 से 2022 तक: एक‑एक कर फरीदाबाद की बेटियों को निशाना बनाया
1. अप्रैल 2019- 12 साल की बच्ची की हत्या
लड़की के पिता से अस्पताल में पहचान हुई. फोन नंबर लिया, घर आने‑जाने लगा. एक रात सेक्टर‑17 में लड़की से छेड़छाड़ की. शोर मचाने पर गला घोंटकर हत्या की. शव को बोरे में भरकर साइकिल से आगरा नहर की झाड़ियों में फेंक दिया.
2. जून 2021- अस्पताल की 16 वर्षीय सफाई कर्मचारी की हत्या
आरोपी अस्पताल में गार्ड था, इसलिए उसकी लड़की से जान‑पहचान हो गई. रात में कॉल कर उसे अस्पताल बुलाया. छेड़छाड़ की, लड़की ने विरोध किया. गला दबाकर हत्या की. शव को बोरे में भरकर आगरा नहर की झाड़ियों में फेंक दिया.
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3. अगस्त 2021- चाय की टपरी वाले की 12 साल की बेटी की हत्या
अस्पताल के पास चाय पीते‑पीते उस परिवार से परिचय बना. बच्ची उससे घुलने लगी. एक रात बच्ची चाय लेकर अस्पताल के अंदर गई. बाहर लौटते समय सिंह राज ने रोककर छेड़छाड़ की. लड़की के चिल्लाने पर उसका गला घोंट दिया. शव को रात में नहर के पास झाड़ियों में फेंक दिया.
4. दिसंबर 2022- युवती की हत्या
युवती उपचार के लिए अस्पताल आई थी, वहीं से पहचान बनी. वह आरोपी की छेड़छाड़ का विरोध कर रही थी और खुलासा करना चाहती थी. आरोपी ने 31 दिसंबर को उसे सेक्टर‑17 बुलाया. वहीं गला दबाकर हत्या की. शव नहर की झाड़ियों में फेंका. पुलिस ने गुमशुदगी केस दर्ज किया और कॉल डिटेल से आरोपी तक पहुंची. हिरासत में सिंह राज ने वारदात कबूल ली.
सिंह राज के साइको किलर होने की पुष्टि कैसे हुई?
साल 2022 में गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस ने उससे पूछताछ की, तो उसने पुरानी हत्याओं का सिलसिला खुद बताया. सभी हत्याओं का तरीका एक जैसा था, सभी पीड़िताएं गरीब परिवारों की थीं. सभी के शव आगरा नहर में मिले या फेंके गए. इस क्रमबद्ध पैटर्न ने पुलिस को स्पष्ट संकेत दिया कि सिंह राज एक साइको किलर है.
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अब आगे क्या?
पुलिस ने सभी केस तकनीकी सबूतों के आधार पर मजबूत किए. आरोपी को सभी मामलों में दोषी पाया गया. उसे आजीवन कारावास भुगतना होगा. बिना किसी राहत के. यह मामला नाबालिग लड़कियों और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़ा करता है और बताता है कि समाज में छिपे ऐसे अपराधी कितने खतरनाक हो सकते हैं.













