‘अजेय वॉरियर’ अभ्यास भारत-ब्रिटेन के बीच मजबूत होते रक्षा संबंधों का प्रमाण: ब्रिटिश उच्चायुक्त

भारत में ब्रिटिश उच्चायुक्त लिंडी कैमरन ने कहा कि रक्षा और सुरक्षा ब्रिटेन-भारत विजन 2035 का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है.

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  • भारतीय और ब्रिटिश सैनिकों के द्विवार्षिक संयुक्त सैन्य अभ्यास 'अजेय वारियर' का आठवां संस्करण संपन्न हुआ
  • इस बार का अभ्यास आतंकवाद-रोधी माहौल में शांति स्थापना अभियान के संचालन पर केंद्रित था
  • अभ्यास में ब्रिटिश सेना की ए कंपनी और भारतीय सेना की 21वीं सिख रेजिमेंट ने अभ्यास किया
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भारतीय और ब्रिटिश सैनिकों के द्विवार्षिक संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘अजेय वारियर' का आठवां संस्करण रविवार को संपन्न हुआ. अधिकारियों ने बताया कि इस बार अभ्यास आतंकवाद-रोधी माहौल में शांति स्थापना अभियान के संचालन पर केंद्रित था. ब्रिटिश उच्चायोग ने यहां एक बयान में बताया कि ब्रिटिश सेना की ए (अम्बूर) कंपनी, दूसरी बटालियन रॉयल गोरखा राइफल्स और भारतीय सेना की 21वीं सिख रेजिमेंट, 17 नवंबर को अभ्यास शुरू होने के बाद से राजस्थान के महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में जटिल प्रशिक्षण ले रही हैं.

बढ़ती जटिलता और अंतर-संचालन की प्रवृत्ति को जारी रखते हुए इस बार अभ्यास का ध्यान संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अध्याय सात के तहत आतंकवाद-रोधी वातावरण में शांति प्रवर्तन अभियानों पर केंद्रित था.

इसमें बहु-क्षेत्रीय शहरी और अर्ध-शहरी माहौल में अभियानों को अंजाम देना शामिल था.

भारत में ब्रिटिश उच्चायुक्त लिंडी कैमरन ने कहा कि रक्षा और सुरक्षा ब्रिटेन-भारत विजन 2035 का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है.

बयान में लिंडी के हवाले से कहा गया कि अजेय वॉरियर अभ्यास भारत के साथ ब्रिटेन के गहरे होते रक्षा संबंधों का एक उदाहरण है, क्योंकि हम अगले दशक में इस साझा दृष्टिकोण को साकार करेंगे. सैन्य सहयोग के अलावा यह शांति, स्थिरता और नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के प्रति हमारी साझा प्रतिबद्धता को भी रेखांकित करता है.

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