इंजीनियर की डूबकर मौत से भड़का गुस्सा, कैंडल मार्च निकालते लोग बोले-कई बार शिकायत की, लेकिन कुछ नहीं हुआ

स्थानीय लोग ने कहा कि 3.5 करोड़ के फ्लैट्स हैं. लेकिन खुले नाले को बंद नहीं करवाया जा रहा हैं. मोबाइल नेटवर्क इस एरिया में नहीं आते हैं. युवराज इतनी देर तक चिलाता रहा. लेकिन पुलिस और प्रशासन को तैरना ही नहीं आता था, किसी ने कोई मदद नहीं की.

विज्ञापन
Read Time: 2 mins
फटाफट पढ़ें
Summary is AI-generated, newsroom-reviewed
  • ग्रेटर नोएडा में युवराज की नाले में गिरने से मौत हुई. स्थानीय लोग प्रशासन की नाकामी पर रोष व्यक्त कर रहे हैं.
  • स्थानीय लोगों ने नोएडा अथॉरिटी को कई बार लिखित शिकायतें कीं, लेकिन सुरक्षा संबंधी कोई कार्रवाई नहीं हुई है.
  • हादसे के कारणों में सड़क किनारे खुले नाले, बैरिकेडिंग, चेतावनी बोर्डों की कमी, कमजोर स्ट्रीट लाइट्स शामिल हैं.
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।
ग्रेटर नोएडा:

उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में 27 साल के युवराज की प्रशासन की नाकामी के चलते नाले में गिरने से मौत हो गई. यूरेका पार्क सोसाइटी  से स्पॉट तक स्थानीय लोग मार्च निकाल रहे हैं. स्थानीय लोगों का कहना हैं कि कई बार लिखित में नोएडा अथॉरिटी को शिकायत दी गई है. लेकिन कोई एक्शन कभी नहीं लिया गया. 

हादसे के बाद यूरेका पार्क सोसाइटी और आसपास के निवासियों ने नोएडा अथॉरिटी के खिलाफ भारी रोष जताया. उन्होंने बताया कि कई बार लिखित शिकायतें की गईं कि सड़क किनारे खुले नाले, बिना बैरिकेडिंग, रिफ्लेक्टर, चेतावनी बोर्ड और स्ट्रीट लाइट्स के कारण खतरा बना हुआ है. यहां 3.5 करोड़ तक के लग्जरी फ्लैट्स हैं, लेकिन बुनियादी सुरक्षा उपाय नहीं किए गए. मोबाइल नेटवर्क भी इस एरिया में कमजोर है, जिससे मदद मांगना और मुश्किल हो गया. कैंडल मार्च के दौरान जस्टिस फॉर युवराज और नोएडा अथॉरिटी हाये हाये के नारे लगाये.

बता दें कि नोएडा के सेक्‍टर-150 में शुक्रवार की रात एक 27 साल के सॉफ्टवेयर इंजीनियर की दर्दनाक मौत हो गई. युवराज गुरुग्राम की एक कंपनी में जॉब करते थे. शुक्रवार की रात वह ऑफिस से घर ग्रेटर नोएडा आ रहे थे. घना कोहरा था और विजिबिलिटी काफी कम होने के कारण वह एक मोड़ पर युवराज की कार कंट्रोल से बाहर हो गई. युवराज जब नोएडा के सेक्‍टर-150 एटीएस ले-ग्रैडियोज के पास टी-प्‍वाइंट पर पहुंचे, तो कार अनियंत्रित हो गई. कार नाले की दीवार तोड़कर एक निर्माणाधीन मॉल के परिसर में जा गिरी, जहां पानी भरा हुआ था. 

क्या स्थानीय लोगों की मांग

  • सभी खुले नालों पर मजबूत बैरिकेडिंग और रिफ्लेक्टर लगाए जाएं
  • स्ट्रीट लाइट्स ठीक की जाएं और बढ़ाई जाएं
  • क्षेत्र में बेहतर मोबाइल नेटवर्क सुनिश्चित किया जाए
  • निर्माणाधीन साइट्स पर पानी निकासी और सुरक्षा के कड़े उपाय
     
Featured Video Of The Day
Syed Suhail | Bharat Ki Baat Batata Hoon | Manikarnika Ghat News: मणिकर्णिका पर 'नई महाभारत' !