एलिज़ाबेथ कोलबर्न का नाम बना असम की राजनीति का हॉट टॉपिक, जानिए कौन हैं

साल 2013 में एलिज़ाबेथ की शादी असम के कालीबोर से कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई से हुई. इसके बाद वे भारत में रहने लगीं.

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  • एलिजाबेथ कोलबर्न यूनाइटेड किंगडम में जन्मी हैं और London School of Economics से मास्टर डिग्री प्राप्त की है
  • उन्होंने क्लाइमेट चेंज और डेवलपमेंट सेक्टर में काम किया और CDKN के साथ भारत-नेपाल में कार्य किया
  • बीजेपी ने एलिजाबेथ और उनके पति गौरव गोगोई पर पाकिस्तान दौरे और संदिग्ध संबंधों के आरोप लगाए हैं
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नई दिल्ली:

एलिजाबेथ कोलबर्न, जिन्हें शादी के बाद एलिजाबेथ गोगोई के नाम से भी जाना जाता है, इन दिनों असम की राजनीति के केंद्र में हैं. उन्हें बीजेपी और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गया है. सवाल उनकी बैकग्राउंड, प्रोफेशनल काम और कुछ कथित राजनीतिक संपर्कों को लेकर उठाए जा रहे हैं.

कौन हैं एलिज़ाबेथ कोलबर्न?

एलिज़ाबेथ का जन्म यूनाइटेड किंगडम में हुआ था. उनका पूरा नाम एलिज़ाबेथ कोलबर्न है. उन्होंने दुनिया के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान London School of Economics से इंटरनेशनल पॉलिटिकल इकोनॉमी में मास्टर डिग्री हासिल की है. पढ़ाई के बाद उन्होंने क्लाइमेट चेंज और डेवलपमेंट से जुड़े सेक्टर में काम किया.

2013 में गौरव गोगोई से हुई शादी

साल 2013 में एलिज़ाबेथ की शादी असम के कालीबोर से कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई से हुई. इसके बाद वे भारत में रहने लगीं. शादी के बाद भी एलिज़ाबेथ का प्रोफेशनल काम जारी रहा. उन्होंने Climate and Development Knowledge Network यानी CDKN के साथ काम किया. यह एक अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क है, जो जलवायु नीति और विकास से जुड़े मुद्दों पर काम करता है.

CDKN की वेबसाइट पर एलिज़ाबेथ का 2014 में लिखा गया एक आर्टिकल मौजूद है. इस लेख में उन्होंने बताया है कि वे भारत और नेपाल में संगठन के काम को कोऑर्डिनेट कर रही थीं. हालांकि, बाद के वर्षों में CDKN को लेकर बीजेपी लगातार सवाल उठाती रही है और इसी वजह से एलिज़ाबेथ का नाम भी राजनीतिक बहस में आने लगा.

क्या है विवाद?

बीजेपी की तरफ से लगातार आरोप लगते हैं. असम के सीएम हिमंता सरमा और अन्य बीजेपी नेताओं ने गंभीर आरोप लगाए हैं. बीजेपी नेता प्रदीप भंडारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कई सवाल खड़े किए. उन्होंने पूछा कि क्या यह सच है कि 2014 में सांसद चुने जाने के बाद 14 मार्च 2015 को गौरव गोगोई ने युवाओं के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ पाकिस्तान उच्चायोग का दौरा किया था.

प्रदीप भंडारी ने यह भी सवाल उठाया कि एलिज़ाबेथ कोलबर्न के पाकिस्तान योजना आयोग के सलाहकार अली तौकीर शेख के साथ कथित संबंध रहे हैं या नहीं. उन्होंने यह दावा भी किया कि गौरव गोगोई की पाकिस्तान यात्रा को वहां के गृह मंत्रालय की तरफ से सुविधाएं दी गई थीं. साथ ही उन्होंने पूछा कि गौरव गोगोई जांच के लिए अपना फोन स्वेच्छा से जमा क्यों नहीं कर रहे हैं.

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असम के सीएम ने क्या आरोप लगाया?

मामले में असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा भी खुलकर सामने आए. उन्होंने इस दंपती पर ISI से करीबी संबंध होने का आरोप लगाया. मुख्यमंत्री ने दावा किया कि 2015 में तत्कालीन पाकिस्तानी हाई कमिश्नर Abdul Basit ने पहली बार के सांसद गौरव गोगोई और उनके स्टार्टअप को भारत-पाकिस्तान संबंधों पर चर्चा के लिए बुलाया था. उन्होंने सवाल उठाया कि जब उस वक्त गौरव गोगोई विदेश मामलों की संसदीय समिति के सदस्य नहीं थे, तो ऐसी बैठक का मकसद क्या था.

गौरव गोगोई का क्या कहना है?

इन आरोपों पर गौरव गोगोई ने पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने लोकल और नेशनल मीडिया के सामने खुद को शर्मिंदा किया है. उनके मुताबिक, 2.5 घंटे की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद भी मौजूद पत्रकार मुख्यमंत्री की बातों से सहमत नहीं दिखे. गौरव गोगोई ने दावा किया कि असम में कोई भी इन आरोपों को गंभीरता से नहीं ले रहा है.

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