ओडिशा के अनुगुल से एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है. यहां एक हाथी के बच्चे ने जिंदा बम चबा लिया है. बम को चबाने के बाद हाथी के बच्चे की हालत बिगड़ गई. मामले की जानकारी जैसे ही प्रशासन के अधिकारियों को लगी तो आनन-फानन में हाथी के बच्चे की मदद की कार्रवाई शुरू की गई. वन क्षेत्र में एक बीमार हाथी की सूचना मिलने के बाद वन अधिकारियों ने घायल जानवर का इलाज शुरू कर दिया है. घायल हाथी की उम्र लगभग छह से सात वर्ष बताई जा रही है.
पशु चिकित्सकों ने बताया कि हाथी ने गलती से एक देसी बम चबा लिया होगा जिसे संभवतः जंगली जानवरों के शिकार के लिए अवैध रूप से रखा गया था.पशु चिकित्सकों का मानना है कि यह घटना लगभग पांच से छह दिन पहले हुई थी. विस्फोट से हाथी के मुंह के अंदर गहरे घाव हो गए हैं,जिससे जानवर को असहनीय दर्द हो रहा है और वह ठीक से खा नहीं पा रहा है. अभी फिलहाल हाथी के बच्चे का इलाज चल रहा है. प्रशासन और डॉक्टरों की टीम उसपर लगातार नजर बनाए हुए है.
कपिलश, अनुगुल और सतकोसिया से पशु चिकित्सा दल मौके पर पहुंच गए हैं और हाथी का इलाज शुरू कर दिया है. हाथी के बच्चे की हालत स्थिर करने और संक्रमण को रोकने के प्रयास जारी हैं.पुलिस भी इस मामले की जांच कर रही है,साथ ही ये पता लगाने की कोशिश की जा रही है आखिर कौन वो लोग हैं जो जंगली जानवरों के अवैध शिकार के लिए इस तरह से देसी बमों का इस्तेमाल कर रहे हैं.














