SIR के बाद 5 राज्यों की वोटर लिस्ट से 1 करोड़ से ज्यादा नाम हटे, बंगाल में अकेले 58 लाख मतदाता सूची से काटे

चुनाव आयोग द्वारा चलाए गए स्पेशल इंटेसिव रिवीजन (SIR) के बाद मंगलवार को पश्चिम बंगाल, राजस्थान, गोवा, लक्षद्वीप और पुडुचेरी की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी कर दी है. आंकड़ों के मुताबिक, अब तक मतदाता सूची से कुल 1.02 करोड़ नाम हटाए गए हैं. सबसे ज्यादा बंगाल में वोटर लिस्ट से 58 लाख से ज्यादा नाम काटे गए हैं.

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  • EC ने बंगाल, राजस्थान, गोवा, लक्षद्वीप और पुडुचेरी की वोटर लिस्ट जारी की है जिसमें 1.02 करोड़ नाम हटाए गए हैं
  • पश्चिम बंगाल में 58 लाख से अधिक नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं जिनमें मृतक और स्थानांतरित वोटर शामिल हैं
  • राजस्थान में 41.85 लाख नाम हटाए गए हैं जिनमें मृतक, लापता, शिफ्ट और फर्जी वोटर शामिल हैं
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चुनाव आयोग द्वारा चलाए गए स्पेशल इंटेसिव रिवीजन (SIR) के बाद मंगलवार को पश्चिम बंगाल, राजस्थान, गोवा, लक्षद्वीप और पुडुचेरी की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी कर दी है. आंकड़ों के मुताबिक, अब तक मतदाता सूची से कुल 1.02 करोड़ नाम हटाए गए हैं. सबसे ज्यादा बंगाल में वोटर लिस्ट से 58 लाख से ज्यादा नाम काटे गए हैं. वहीं, राजस्थान में ये आंकड़ा 42 लाख के करीब है. बता दें कि 27 अक्टूबर को जब SIR की घोषणा की गई थी, तब इन राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में कुल 13.35 करोड़ मतदाता पंजीकृत थे. सत्यापन के बाद अब यह घटकर 12.33 करोड़ रह गई है.

पश्चिम बंगाल ने चौंकाया

बंगाल में मतदाता सूची से हटाए गए नामों ने राजनीतिक हलचल तेज कर दी है. 58 लाख से ज्यादा फॉर्म 'अनकलेक्टेबल' (अपुष्ट) पाए गए. इसमें मृत वोटर, स्थायी रूप से शिफ्ट हो चुके लोग और डुप्लीकेट वोटर शामिल हैं. अकेले बंगाल में 24,16,852 नाम मृतकों के हटाए गए हैं. 19,88,076 वोटर ऐसे पाए गए जो स्थायी रूप से दूसरी जगह चले गए हैं. सबसे ज्यादा नाम कोलकाता के चौरंगी और कोलकाता पोर्ट इलाकों में कटे हैं. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के निर्वाचन क्षेत्र भवानीपुर से 44,787 नाम हटाए गए हैं, जो सुवेंदु अधिकारी की नंदीग्राम सीट (10,599 नाम) की तुलना में लगभग चार गुना ज्यादा हैं.

राजस्थान में 41.85 लाख वोटरों के नाम हटाए गए हैं. इनमें से मृत वोटर 8.75 लाख, 29.6 लाख लापता, शिफ्ट हुए वोटर और 3.44 लाख वोट फर्जी नामों को हटाया गया.

गोवा, लक्षद्वीप और पुडुचेरी में क्या हुआ?

गोवा में कुल 11.85 लाख मतदाताओं में से केवल 10.84 लाख ने ही फॉर्म जमा किए. यहां मृत और अनुपस्थित मतदाताओं को सूची से बाहर किया गया है. सबसे ज्यादा कटौती पुडुचेरी जिले में हुई है, यहां 85 हजार वोटर्स के नाम काटे गए हैं. लक्षद्वीप में 27 अक्टूबर तक कुल 58 हजार मतदाता दर्ज थे. अब 56,384 मतदाताओं के नाम सूची में हैं. यानी 1,616 मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए.

फरवरी 2026 में आएगी फाइनल लिस्ट

यह अभी केवल ड्राफ्ट (प्रारूप) सूची है. चुनाव आयोग के मुताबिक, IR का दूसरा चरण: फरवरी 2026 तक जारी रहेगा. 14 फरवरी 2026 को आधिकारिक रूप से अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी. 

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