EID 2026: भारत में अधिकांश जगहों पर 21 मार्च 2026 (शनिवार) को ईद मनाई जाएगी. राजस्थान और उत्तर प्रदेश में ईरान-इजरायल और अमेरिका की जंग के बीच शिया मुस्लिमों ने कुछ अहम फैसले लिए हैं. राजस्थान के एक गांव में ईद नहीं मनाने और यूपी के झांसी में ईद पर नए कपड़े नहीं पहनने का फैसला किया गया है.
झांसी में शिया मुस्लिमों का फैसला
उत्तर प्रदेश के झांसी में शिया मुस्लिमों ने ईद 2026 से पहले अलविदा जुमे की नमाज के दौरान बड़ा निर्णय लिया. ईरान-इजरायल और अमेरिका की जंग के बीच ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन पर शोक जताते हुए समुदाय ने तय किया कि इस बार ईद के मौके पर नए कपड़े नहीं पहनेंगे. इसके अलावा ईद की नमाज में जालिम देशों के खिलाफ दुआ मांगी जाएगी. साथ ही अमेरिका और इजरायल में बने प्रोडक्ट्स का बहिष्कार करने का भी फैसला लिया गया है, जिसे लेकर फतवा जारी किया गया है.
झांसी की शिया मस्जिद में अलविदा जुमे की नमाज अदा की गई, जिसमें धर्मगुरु मौलाना शाने हैदर जैदी ने कहा कि ईद पर लोग पुराने कपड़े पहनकर सादगी से त्योहार मनाएंगे और ‘जियो और जीने दो' का संदेश देंगे. वहीं, मौलाना नावेद ने कहा कि वे अमेरिका-इजरायल में बने सामानों की खरीद नहीं करेंगे और उनका बहिष्कार करेंगे.
अजमेर के दौराई गांव में नहीं मनाई जाएगी ईद
इधर, राजस्थान के अजमेर से करीब 7 किलोमीटर दूर दौराई गांव में शिया मुस्लिमों ने इस बार ईद नहीं मनाने का फैसला लिया है. समुदाय के लोगों का कहना है कि उनके धर्मगुरु, ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन की खबर के बाद पूरे समुदाय में गहरा शोक है. साथ ही ईरान-इजरायल और अमेरिका की जंग के चलते माहौल गंभीर है, इसलिए उन्होंने ईद नहीं मनाने का निर्णय लिया है.
दौराई गांव की रोजा मस्जिद में मौलाना इरफान हैदर के नेतृत्व में शोक सभा आयोजित की गई, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए. इस दौरान धर्मगुरु को याद करते हुए उनके बताए रास्ते पर चलने का संकल्प लिया गया.














