धर्मांतरण के मास्टरमाइंड छांगुर पर ईडी ने कसा शिकंजा, 75 करोड़ रुपये की संपत्ति होगी अटैच

ईडी ने कुछ दिन पहले छांगुर के कई ठिकानों पर छापेमारी की थी. इस छापेमारी के दौरान ईडी की टीम को कई दस्तावेज मिले थे. ईडी ने छांगुर के कई बैंक खातों को भी पता लगाया है.

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छांगुर के खिलाफ ईडी का बड़ा एक्शन
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  • प्रवर्तन निदेशालय ने धर्मांतरण रैकेट के आरोपी छांगुर की 75 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त की है.
  • छांगुर की जब्त की गई प्रॉपर्टी में लोनावाला की एक महत्वपूर्ण प्रॉपर्टी भी शामिल है.
  • ईडी ने छांगुर और उसके बेटे महबूब के खिलाफ कई ठिकानों पर छापेमारी कर अहम दस्तावेज बरामद किए थे.
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नई दिल्ली:

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने धर्मांतरण का रैकेट चलाने वाले छांगुर के खिलाफ बड़ा एक्शन लेते हुए उसकी 75 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति को जब्त करने की तैयारी शुरू कर चुकी है. छांगुर की जिन प्रॉपर्टी को जब्त  करने की तैयारी की जा रही है उनमे लोनावाला की प्रॉपर्टी भी शामिल हैं. 

आपको बता दें कि ईडी ने कुछ दिन पहले छांगुर के कई ठिकानों पर छापेमारी की थी. इस छापेमारी के दौरान ईडी की टीम को कई दस्तावेज मिले थे. ईडी की तरफ से की गई इस छापेमारी के बाद जो सीजर मेमो तैयार किया गया है, उसमें बताया गया था कि छापेमारी के लिए टीम बलरामपुर के उतरौला में बाबा ताजुद्दीन बुटीक पर सुबह 5 बजे पहुंची. पूछताछ में पता चला कि इस तीन मंजिला दुकान को छांगुर और उसका बेटा महबूब चलाते हैं.  चूंकि दोनों एटीएस की गिरफ्त में हैं, इसलिए पिछले कुछ दिनों से दुकान बंद रही. 

अधिकारियों ने आसपास के लोगों से दुकान में काम करने वालों के बारे में पूछताछ की थी तो पता चला कि यहां कोई कर्मचारी नहीं था. इसके बाद सर्च की मंजूरी के पेपर्स के आधार पर दुकान का ताला तोड़कर पड़ताल की गई. इस पड़ताल में दुकान कपड़े यहां वहां बिखरे पड़े मिले. दुकान के अंदर जांच सुबह 7.30 बजे शुरू हुई और शाम 5.30 बजे तक चली थी. 

इस दौरान ईडी को कई अहम सबूत हाथ लगे थे. इस छापेमारी में छांगुर और नसीर वाडीलाल के बीच 2017 का एक एमओयू बरामद हुआ था.  नीतू और नवीन के धर्मांतरण के दस्तावेज भी मिले थे.रिपब्लिक ऑफ पनामा में रजिस्टर्ड मेसर्स लोगोस मरीन नाम की कंपनी से नवीन रोहरा के बीच करार के दस्तावेज थे.भवन निर्माण के लिए नीतू और मेसर्स एजी कंस्ट्रक्शन के बीच करार के दस्तावेज भी मिले थे.  मेसर्स एजी कंस्ट्रक्शन और नीतू के बीच विवाद से जुड़े कुछ क़ानूनी दस्तावेज भी थे. आश्वी बुटीक को छांगुर को सौंपने के लिए तैयार एनओसी,नसीर वाडीलाल का छांगुर को दिया पॉवर ऑफ अटॉर्नी,शफीउल्ला, प्रदीप और राजनारायण के बीच साल 2014 में बना एग्रीमेंट भी मिला था. इसके साथ कई अन्य दस्तावेज भी बरामद किए गए थे 

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