ED ने संजय भंडारी मनी लॉन्ड्रिंग केस मामले में रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ दायर की चार्जशीट

ED ने इसी साल जुलाई में पीएमएलए के तहत रॉबर्ड वाड्रा का बयान दर्ज किया था. ED ने वाड्रा के खिलाफ अपनी चार्जशीट राउज एवेन्यू कोर्ट में दाखिल किया है.

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प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने रॉबर्ट वाड्रा के शिलाफ चार्जशीट दायर की है. ये चार्जशीट यूके बेस्ड डिफेंस डीलर संजय भंडारी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दायर की गई है. ED दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट में इस चार्जशीट को फाइल किया है. सूत्रों के अनुसार वाड्रा का बयान इसी साल जुलाई में पीएमएलए के तहत रिकॉर्ड किया गया था. आपको बता दें कि इस केस की शुरुआत आयकर विभाग द्वारा 22 सितंबर 2016 को ईडी को भेजे गए एक नोटिस से हुई. बाद में 9 फरवरी 2017 को झंडेवाला स्थित इनकम टैक्स ऑफिस से एक और पत्र आया, जिसमें कहा गया कि आर्म्स डीलर संजय भंडारी ने अपनी विदेशी संपत्तियां खासतौर पर विदेशी बैंक अकाउंट और लंदन की प्रॉपर्टी छुपाई है.

कानून के मुताबिक, ये गंभीर अपराध है और ब्लैक मनी एक्ट 2015 के तहत कार्रवाई शुरू की गई.आयकर विभाग ने 3 अप्रैल 2018 को प्रवर्तन निदेशालय को एक पत्र भेजकर बताया कि उनके पास सेक्शन 55 के तहत मंजूरी मिल गई है कि संजय भंडारी पर सेक्शन 51(1) ब्लैक मनी एक्ट के तहत केस चलाया जा सकता है. यह अपराध PMLA यानी मनी लॉन्ड्रिंग कानून के तहत भी “शेड्यूल्ड ऑफेंस” में आता है.

जांच के दौरान आयकर विभाग ने भंडारी के ठिकानों पर छापेमारी की. वहां से मिले डिजिटल डेटा ने नया मोड़ ला दिया.डेटा में मौजूद ई-मेल्स में लंदन के Bryanston Square स्थित 12 नंबर वाली एक प्रॉपर्टी (कीमत करीब GBP 1.9 मिलियन) का पूरा डीटेल्स मिला.ई-मेल्स में शामिल नाम - सुमित चड्ढा (यूके में भंडारी का रिश्तेदार), रॉबर्ट वाड्रा, मनोज अरोड़ा (वाड्रा के पर्सनल असिस्टेंट).

ई-मेल्स से जांच एजेंसियों का दावा है कि रॉबर्ट वाड्रा इस लंदन प्रॉपर्टी को “बेनेफिशियली कंट्रोल” कर रहे थे.प्रॉपर्टी की मरम्मत और पैसे की व्यवस्था भी उन्हीं की ओर से हो रही थी.

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10 दिसंबर 2009: GBP 1.9 मिलियन की रकम UAE में Santech International FZC नाम की कंपनी के अकाउंट से प्रॉपर्टी खरीदने में लगी. यह कंपनी संजय भंडारी के नियंत्रण में बताई गई है.

30 जून 2010: लगभग उतनी ही रकम प्रॉपर्टी बेचने पर वापस उसी अकाउंट में आई.

जांच एजेंसियों का कहना है कि प्रॉपर्टी खरीदी और बेची गई एक ही कीमत पर, जबकि लगभग GBP 65,900 का खर्च मरम्मत पर किया गया.इससे शक और गहरा होता है कि असली मालिक कोई और था, और भंडारी सिर्फ फ्रंट थे.जांच में एक और ई-मेल मिला (तारीख: 5 जुलाई 2010) जिसमें दाखिल हुआ कि प्रॉपर्टी बिक जाने के बाद भी खर्चों का ब्योरा मनोज अरोड़ा को भेजा जा रहा था.इसके बाद प्रवर्तन निदेशालय  ने भी वाड्रा के करीबी लोगों के ठिकानों पर छापे मारे और कई दस्तावेज कब्जे में लिया.
 

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रॉबर्ट वाड्रा को लेकर ये भी हैं आरोप 

ईडी ने इस मामले में 2023 में आरोप-पत्र दाखिल किया था, जिसमें आरोप लगाया गया था कि भंडारी ने 2009 में लंदन में 12, ब्रायनस्टन स्क्वायर स्थित घर खरीदा था और ‘‘रॉबर्ट वाड्रा  के निर्देशानुसार इसका नवीनीकरण कराया था. वाड्रा ने ही नवीनीकरण के लिए धन मुहैया कराया था.'' 

वाड्रा  ने इस बात से इनकार किया है कि उनके पास प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से लंदन में कोई संपत्ति है. आरोपों को ‘‘राजनीतिक षड्यंत्र'' करार देते हुए वाड्रा ने कहा कि राजनीतिक उद्देश्यों की पूर्ति के लिए उन्हें ‘‘परेशान'' किया जा रहा है.ईडी राजस्थान के बीकानेर में एक भूमि सौदे में कथित वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े एक अलग धनशोधन मामले में भी वाड्रा की जांच कर रही है.

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