- ED ने अंसल प्रॉपर्टीज के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग जांच में 313.12 करोड़ की संपत्तियां कुर्क की हैं
- कुर्क की गई संपत्तियों में आगरा में लगभग 9.08 हेक्टेयर आवासीय जमीन के प्लॉट शामिल हैं
- ईडी की जांच में पाया गया कंपनी ने करोड़ों रुपये की गड़बड़ी की थी
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अंसल प्रॉपर्टीज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (APIL) और उसके प्रमोटरों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत 313.12 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियां अस्थायी रूप से कुर्क की हैं. यह कदम निर्दोष होमबायर्स के साथ हुई धोखाधड़ी के मामले में उठाया गया है. कुर्क की गई संपत्तियों में आगरा में स्थित लगभग 9.08 हेक्टेयर आवासीय जमीन के प्लॉट शामिल हैं.
ED ने कहां किया एक्शन?
ED ने आगरा में स्थित लगभग 9.08 हेक्टेयर आवासीय जमीन के प्लॉटों को जब्त किया है. कुर्क की गई ये संपत्तियां अंसल प्रॉपर्टीज की सहयोगी कंपनियों के नाम पर दर्ज थीं. ED के लखनऊ जोनल ऑफिस ने यह जांच 278 अलग-अलग एफआईआर के आधार पर शुरू की थी. इन एफआईआर में कंपनी और उसके निदेशकों पर आपराधिक विश्वासघात, आपराधिक साजिश और जालसाजी जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं. ये सभी मामले मुख्य रूप से लखनऊ के सुषांत गोल्फ सिटी प्रोजेक्ट से जुड़े हैं, जहां बड़ी संख्या में होमबायर्स ने फ्लैट बुक किए थे लेकिन उन्हें समय पर घर नहीं मिला.
जांच में बड़ा खुलासा
ED की जांच में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं. कंपनी ने सुशांत गोल्फ सिटी प्रोजेक्ट के नाम पर खरीदारों से 1234.92 करोड़ रुपये एडवांस लिए. लेकिन जांच में पाया गया कि इस रकम में से सिर्फ 921.80 करोड़ रुपये ही प्रोजेक्ट के निर्माण और संपत्तियों के विकास में खर्च किए गए. जांच एजेंसी के मुताबिक बाकी करीब 313.12 करोड़ रुपये को प्रोजेक्ट से हटाकर अन्य गैर-प्रोजेक्ट गतिविधियों में डायवर्ट कर दिया गया. यानी होमबायर्स से लिए गए पैसे का एक बड़ा हिस्सा निर्धारित परियोजना पर खर्च नहीं किया गया और उसे दूसरी जगह इस्तेमाल कर लिया गया.
होमबायर्स के हितों की रक्षा के लिए उठाया यह कदम
ED के अनुसार, जांच के दौरान यह पाया गया कि मूल प्रोसीड्स ऑफ क्राइम यानी अवैध कमाई अब सीधे तौर पर उपलब्ध नहीं है. इसलिए एजेंसी ने बराबर कीमत की वैकल्पिक संपत्तियों को कुर्क करने का फैसला लिया. इसी के तहत आगरा में स्थित जमीन को कुर्क किया गया है.ईडी का कहना है कि यह कदम निर्दोष होमबायर्स के हितों की रक्षा करने और चल रहे प्रोजेक्ट्स में रहने वाले लोगों को किसी तरह की परेशानी से बचाने के उद्देश्य से उठाया गया है. कुर्क की गई संपत्तियां अंसल प्रॉपर्टीज से जुड़ी सहयोगी कंपनियों के नाम पर दर्ज हैं.
ED के मुताबिक इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से जांच अभी जारी है और आगे भी आरोपियों तथा उनसे जुड़ी संपत्तियों के खिलाफ कार्रवाई की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता.
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