- उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में सुबह 7:25 बजे रिक्टर स्केल पर तीव्रता 3.5 का भूकंप महसूस किया गया.
- अभी तक भूकंप से किसी भी प्रकार के जान-माल के नुकसान की कोई सूचना प्राप्त नहीं हुई है.
- सोमवार को मणिपुर के थौबल जिले में भी रिक्टर स्केल पर तीव्रता 3.0 का भूकंप आया था.
उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में मंगलवार सुबह भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए. नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के अनुसार, भूकंप की तीव्रता 3.5 रिक्टर स्केल रही. यह झटके सुबह 7:25 बजे आए और इसकी गहराई 10 किलोमीटर थी.
भूकंप का केंद्र 29.93° उत्तर अक्षांश और 80.07° पूर्व देशांतर पर स्थित था. फिलहाल किसी तरह के नुकसान की खबर नहीं है.
मणिपुर में भी महसूस हुए थे झटके
गौरतलब है कि सोमवार को मणिपुर के थौबल जिले में भी 3.0 तीव्रता का भूकंप आया था.
पिछले दिनों में कई बार महसूस हुए भूकंप के झटके
वहीं कल शाम 6:25 बजे पाकिस्तान में 4.0 तीव्रता का भूकंप आया. उससे पहले अफगानिस्तान में भी धरती कांपी थी. इसकी तीव्रता 4.2 मापी गई. वहीं कल दोपहर म्यामांर और तजिकिस्तान में भी 5.0 और 3.7 की तीव्रता के भूकंप के झटके महसूस किए गए.
2026 में भारत में अब तक 26 बार आया भूकंप
1 जनवरी
लोअर सुबनसिरी, अरुणाचल प्रदेश- तीव्रता 2.1
चंबा, हिमाचल प्रदेश- तीव्रता 2.0
2 जनवरी
रायचूर, कर्नाटक- तीव्रता 2.7
3 जनवरी
सोरेंग, सिक्किम- तीव्रता 3.9
4 जनवरी
लेह, लद्दाख- तीव्रता 3.4
लेह, लद्दाख- तीव्रता 3.5
वेस्ट खासी हिल्स, मेघालय- तीव्रता 2.7
5 जनवरी
गोमती, त्रिपुरा- तीव्रता 3.9
मंडी, हिमाचल प्रदेश- तीव्रता 3.6
मोरीगांव, असम- तीव्रता 5.1 (सबसे बड़ा)
6 जनवरी
चूराचांदपुर, मणिपुर- तीव्रता 2.8
ईस्ट दिल्ली, दिल्ली- तीव्रता 1.5
8 जनवरी
काकचिंग, मणिपुर- तीव्रता 3.4
उदालगुरी, असम- तीव्रता 3.9
9 जनवरी
करबी आंगलोंग, असम- तीव्रता 2.9
जूनागढ़, गुजरात- तीव्रता 3.6
जूनागढ़, गुजरात- तीव्रता 3.2
जूनागढ़, गुजरात- तीव्रता 3.2
मंगन, सिक्किम- तीव्रता 2.7
10 जनवरी
नलबाड़ी, असम- तीव्रता 2.9
लखीमपुर, असम- तीव्रता 3.5
पालघर, महाराष्ट्र- तीव्रता 3.1
11 जनवरी
ईस्ट कामेंग, अरुणाचल प्रदेश- तीव्रता 3.1
ईस्ट कामेंग, अरुणाचल प्रदेश- तीव्रता 3.0
12 जनवरी
थौबल, मणिपुर- तीव्रता 3.0
13 जनवरी
बागेश्वर, उत्तराखंड- तीव्रता 3.5
क्यों आता है भूकंप?
भूकंप आने का मुख्य कारण पृथ्वी की सतह के नीचे मौजूद टेक्टोनिक प्लेटों की हलचल है. पृथ्वी की बाहरी परत कई बड़ी प्लेटों में बंटी होती है, जो लगातार बहुत धीमी गति से खिसकती रहती हैं. जब ये प्लेटें आपस में टकराती हैं, फंस जाती हैं या अचानक खिसकती हैं, तो ऊर्जा का बड़ा विस्फोट होता है, जिसे हम भूकंप कहते हैं.
मुख्य कारण:
- टेक्टोनिक मूवमेंट- प्लेटों का टकराव या खिसकना.
- ज्वालामुखी गतिविधि- मैग्मा के दबाव से सतह पर कंपन.
- मानव गतिविधि- बड़े बांध, खनन या परमाणु परीक्षण.














