12 दिन से जारी युद्ध की वजह से कच्चे तेल की औसत कीमत 35% बढ़ी, जानिए, पूर्व विदेश सचिव ने क्या दी बड़ी हिदायत!  

हर्ष वी श्रींगला ने कहा कि जरूरी उत्पाद एक्ट के तहत जो कार्यवाही की गई है वो मौजूदा परिस्थिति में ज़रूरी है. किसी तरह की कालाबाज़ारी या होर्डिंग नहीं होनी चाहिए.

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नई दिल्ली:

ईरान-इजरायल युद्ध के बीच देश में नेचुरल गैस की सप्लाई के मोर्चे पर बढ़ती चुनौतीपूर्व विदेश सचिव और राज्यसभा सांसद हर्ष वी श्रींगला ने एक बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि मध्य पूर्व एशिया में युद्ध की वजह से जो संकट खड़ा हुआ है, उसके बाद हमें पेट्रोलियम के आयात का डायवर्सिफिकेशन के बारे में गंभीरता से सोचना चाहिए. एक ही क्षेत्र पर इतना ज़्यादा डिपेंडेंस ठीक नहीं है.हमें नए देशों और नए बाजारों से गैस और तेल का आयात शुरू करना होगा, किसी एक क्षेत्र पर ज्यादा निर्भरता ठीक नहीं है.

उधर, भारत सरकार ने बुधवार को कहा कि कच्चा तेल के आयात को डायवर्सिफिकेशन करने की दिशा में पहल शुरू की गयी है.बुधवार को पेट्रोलियम और गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने मीडिया से कहा कि औसतन Strait of Hormuz से जितना कच्चा तेल आता है . आज हमने उससे ज़्यादा क्रूड ऑयल की सप्लाई डायवर्सिफिकेशन के ज़रिये मैनेज कर लिया है. भारत आज 40 देशों से क्रूड आयात करता है. भारत में 70% क्रूड ऑयल का आयात आज Strait of Hormuz के अलावा दूसरे समुद्री मार्गों से आ रही है. पहले ये 55% होता था. दो कार्गो जहाज़ भारत की तरफ चल पड़े हैं, और कुछ ही दिन में वो भारत कच्चा तेल की खेप लेकर पहुँच जायेंगे.  

हर्ष वी श्रींगला ने कहा कि जरूरी उत्पाद एक्ट के तहत जो कार्यवाही की गई है वो मौजूदा परिस्थिति में ज़रूरी है. किसी तरह की कालाबाज़ारी या होर्डिंग नहीं होनी चाहिए. उन्होंने एनडीटीवी से बातचीत में कहा कि भारत सरकार ने तैयारी की है, पेट्रोलियम मंत्री ने पीएम मोदी को ब्रीफ किया है, हम एक प्लान बनाकर हम गैस की सप्लाई में कमी से डील कर सकते हैं. भारत में तेल की कीमतें नहीं बढ़ी है.लेकिन एक बड़ी चुनौती अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार में महंगा होता कच्चा तेल भी है. श्रींगला मानते हैं कि कच्चा तेल महंगा हो गया है यह भारत के लिए बड़ा मुद्दा है.

पेट्रोलियम मंत्रालय के Petroleum Planning and Analysis Cell (PPAC) की कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों पर ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार मार्च, 2026  के दौरान कच्चे तेल (भारतीय बास्केट) की औसत कीमत $ 95.79/बैरल के ऊँचे स्तर पर पहुंच चुकी है.PPAC के मुताबिक, फरवरी 2026 में कच्चे तेल (भारतीय बास्केट) की औसत कीमत 69.01 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल थी.ज़ाहिर है, पिछले 12 दिनों से मध्य पूर्व एशिया में जारी युद्ध की वजह से कच्चे तेल (भारतीय बास्केट) की औसत कीमत 35% से ज्यादा बढ़ चुकी है.

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