जम्मू-कश्मीर में फिर मंडराए पाकिस्तानी ड्रोन, 5 दिन में तीसरी घुसपैठ, LoC पर हाई अलर्ट

सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने बताया था कि शनिवार को सात और रविवार को दो-तीन ड्रोन भारतीय हवाई क्षेत्र में दाखिल हुए थे. ये ड्रोन काफी नीचे उड़ान भर रहे थे.

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जम्मू-कश्मीर में सीमा पर पाकिस्तानी ड्रोनों की सक्रियता एक बार फिर बढ़ गई है. गुरुवार शाम पुंछ और सांबा सेक्टर में संदिग्ध ड्रोन मंडराते देखे गए. इसके बाद सतर्क भारतीय सेना ने तत्काल फायरिंग शुरू कर दी. पिछले पांच दिनों के अंदर सीमा पर ड्रोन देखे जाने की यह तीसरी बड़ी घटना है. 

जम्मू और पुंछ सेक्टर में दिखे ड्रोन

सूत्रों के मुताबिक, पहला ड्रोन जम्मू सेक्टर के रामगढ़ इलाके में देखा गया जबकि दूसरा ड्रोन पुंछ सेक्टर के देगवार में उड़ता पाया गया. भारतीय जवानों ने ड्रोन को देखते ही सुरक्षा उपाय शुरू कर दिए. सेना ने घुसपैठ का मुकाबला करने के लिए अपने एंटी अनमैन्ड एरियल सिस्टम (UAS) को भी एक्टिव कर दिया है.

हथियार गिराने, तस्करी की कोशिश

पाकिस्तान अक्सर ड्रोनों के जरिए सीमा पार छिपे आतंकियों के लिए हथियार और सामान गिराने की कोशिश करता है. ड्रग्स तस्करी के लिए भी इनका इस्तेमाल होता है. सैन्य विशेषज्ञों का मानना है कि जासूसी और हथियारों की तस्करी के लिए भी ड्रोनों का इस्तेमाल किया जाता रहा है. 

गौरतलब है कि पिछले साल मई 2025 में हुए ऑपरेशन सिंदूर के बाद सीमा पर कई महीनों तक शांति रही थी, लेकिन अब फिर से ड्रोन की हलचल ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है.

भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने हाल ही में पाकिस्तान की इन हरकतों पर कड़ा ऐतराज जताया था. सेना प्रमुख के अनुसार, शनिवार को सात और रविवार को दो-तीन ड्रोन भारतीय हवाई क्षेत्र में दाखिल हुए थे. ये ड्रोन काफी नीचे उड़ान भर रहे थे. 

आर्मी चीफ ने पाक को दिया कड़ा संदेश

उन्होंने साफ कहा कि पाकिस्तान को बता दिया गया है कि ऐसी हरकतें हम सहन नहीं करेंगे. इन्हें तुरंत रोका जाना चाहिए. जनरल द्विवेदी ने बताया था कि मंगलवार को दोनों देशों के मिलिट्री ऑपरेशंस प्रमुखों (DGMO) के बीच इस मुद्दे पर बैठक भी हुई. 

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ड्रोन से जासूसी करने की आशंका

सेना प्रमुख ने आशंका जताई कि ये डिफेंसिव ड्रोन हो सकते हैं, जिनका मकसद यह देखना हो सकता है कि क्या भारत किसी जवाबी कार्रवाई की योजना बना रहा है या फिर क्या भारतीय सुरक्षा घेरे में कोई ऐसी कमी है जिसका फायदा उठाकर आतंकियों की घुसपैठ कराई जा सके.

फिलहाल जम्मू, सांबा, राजौरी और पुंछ के सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा बल पूरी तरह अलर्ट पर हैं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए तैयार हैं.

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