- DGCA ने इंडिगो को फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन नियमों में अस्थायी राहत दी थी, जो 10 फरवरी 2026 को समाप्त हो गई
- राहत अवधि में DGCA ने इंडिगो की उड़ानों की निगरानी और रियल-टाइम ऑपरेशन मॉनिटरिंग की थी
- इंडिगो ने नए FDTL नियमों के अनुसार अपने पायलट रोस्टर और ऑपरेशंस को पूरी तरह तैयार कर लिया है
इंडिगो को फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) नियमों में मिली DGCA की 68 दिन की अस्थायी राहत 10 फरवरी 2026 को समाप्त हो गई. दिसंबर 2025 में बड़े पैमाने पर उड़ान रद्द होने और ऑपरेशनल परेशानी के बाद DGCA ने इंडिगो को यह सीमित अवधि की छूट दी थी, ताकि एयरलाइन नई प्रणाली के मुताबिक अपने रोस्टर और पायलट तैनाती को पुनर्गठित कर सके.
DGCA ने छूट अवधि के दौरान एयरलाइन की हर घंटे की फ्लाइट रिपोर्ट, साप्ताहिक और पखवाड़ा प्रदर्शन रिपोर्ट की करीबी निगरानी की. साथ ही, हवाई अड्डों पर DGCA अधिकारी तैनात रहे और ऑपरेशन कंट्रोल सेंटर से इंडिगो के संचालन की रियल-टाइम मॉनिटरिंग की गई. इस दौरान DGCA ने स्पष्ट किया था कि यह राहत कुछ शर्तों के साथ दी गई है और इसे आगे नहीं बढ़ाया जाएगा.
एयरलाइन की तरफ से क्या कहा गया है?
एयरलाइन ने DGCA को भरोसा दिया कि 11 फरवरी 2026 से वह पूरी तरह नए FDTL नियमों का पालन करेगी. इंडिगो का कहना है कि उसने सभी ऑपरेशनल और रोस्टर तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है, और नए नियमों को क्रू रोस्टर और प्लानिंग में शामिल कर लिया गया है. एयरलाइन ने पायलट–टू–एयरक्राफ्ट रेशियो बढ़ाया है, रिजर्व पायलट पूल मजबूत किया है और कहा है कि नेटवर्क में सुचारू संचालन के लिए “ऑप्टिमम पायलट बफर” तैयार है.
DGCA ने इंडिगो पर लगाया था जुर्माना
दिसंबर 2025 के संकट के बाद इंडिगो पर DGCA ने 22.2 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड जुर्माना लगाया था. उस समय 5,500 से अधिक उड़ानें रद्द हुई थीं और लाखों यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा था. छूट खत्म होने के बाद अब एयरलाइन को सख्त साप्ताहिक आराम, रात की उड़ान सीमाएं और पायलट थकान प्रबंधन जैसे सभी संशोधित प्रावधानों का पूरी तरह पालन करना होगा. नियमों का मकसद उड़ान सुरक्षा बढ़ाना है. सरकारी अधिकारियों का दावा है कि इंडिगो की नई तैयारियों और बढ़े हुए पायलट पूल के चलते अब किसी बड़े व्यवधान की संभावना नहीं है.
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