- दिल्ली के जंतर मंतर और विभिन्न इलाकों में हजारों लोगों ने अयातुल्लाह खामेनेई के समर्थन में प्रदर्शन किया
- जोर बाग के दरगाह शाह-ए-मर्दा में इफ्तार के बाद कैंडल मार्च आयोजित किया गया, भारी भीड़
- भारत में खामेनेई के प्रतिनिधि समेत कई मौलानाओं ने उनके लिए कसीदे पढ़े.
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह खामेनेई के समर्थन में दिल्ली में जगह जगह विरोध प्रदर्शन हुए.प्रदर्शनकारियों ने सबसे पहले दिल्ली के जंतर मंतर पर इकट्ठे होकर अमेरिका और इजरायल के खिलाफ नारेबाजी की और अयातुल्लाह खामेनेई की हत्या की निंदा की,जिसमें हजारों की तादात में महिलाएं, बच्चियों समेत पुरुषों की भी तादात थी.जिसमें हर प्रदर्शनकारी की आंखों में आंसू थे और इजरायल अमेरिका के खिलाफ सख्त गुस्सा. शिया समुदाय के लोगों ने बड़ी संख्या में इस प्रदर्शन में भाग लिया और अयातुल्लाह खामेनेई के समर्थन में पोस्टर और बैनर दिखाए.
जोर बाग से लेकर ओखला तक में सड़कों पर हुआ प्रदर्शन
जंतर मंतर के बाद प्रदर्शन दिल्ली के VIP एरिया जोर बाग दरगाह शाह-ए-मर्दा पर हुआ, जहां इफ्तार के फौरन बाद विरोध प्रदर्शन के साथ साथ 2 किमी तकरीबन कैंडल मार्च हुआ. इस दौरान सभी प्रदर्शनकारी हाथों में मोमबत्ती लेकर अयातुल्लाह खामेनेई के समर्थन में नारे लगाते हुए जा रहे थे.वहीं ओखला के जामिया के पास भी सैकड़ों की तादात में विरोध प्रदर्शन हुआ जिसमें अमेरिका इजरायल के खिलाफ सड़क पर ही खूब नारे लगाए गए.
ईरान कल्चर हाउस दिल्ली में दिखा एक अलग मंजर, श्रद्धांजलि में उमड़ी भीड़
दिल्ली के ईरान कल्चर हाउस में हजारों की तादाद में प्रदर्शनकारी अपनी श्रद्धांजलि देने रात 8.30 बजे पहुंचे, वहां आयतुल्लाह खामेनेई के भारत में प्रतिनिधि आयतुल्लाह डॉ अब्दुल मजीद हकीम इलाही को सभी लोगों ने श्रद्धांजलि अर्पित की,जिसके बाद कई स्पीकरों ने आयतुल्लाह खामेनेई की याद में कसीदे पढ़े. उन्होंने कहा कि खामेनेई ने दिखा दिया कि खामेनई कभी बंकर में नहीं छिपते हैं और सीधे ही मौत को गला लगा लिया, वो सिर्फ अल्लाह के सामने झुकते थे न कि किसी इंसान के.
स्पीच में कई सुन्नी-शिया मौलानाओं ने अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की जिसके बाद ईरान के भारत में राजदूत ने भी अमेरिका-इजरायल के खिलाफ हल्ला बोला और सुप्रीम लीडर की मौत पर गम जाहिर किया, वहीं उनके बाद डॉ हकीम इलाही ने करबला की दास्तान बताते हुए कहा कि करबला में भी हजरत अब्बास थे जो उन 72 साथियों के अलमदार थे जो हमेशा अपनी फौज का ख्याल रखते थे, जिसकी वजह से सब सुकून से रहते थे,लेकिन आज हम लोगों का अलमदार हमसे जुदा हो गए.इसे सुनने के बाद सभी लोगों की रोने की आवाजें और भी ज्यादा बुलंद हो गई.
हकीम इलाही ने सभी का शुक्रिया अदा किया जो रात में भी यहां आए और श्रद्धांजलि अर्पित की.वहीं उसके बाद मौलाना कल्बे रूशेद रिज़वी ने मजलिस को खिताब किया और करबला की याद दिलाई जिसके बाद सभी ने रोना शुरू कर दिया. आवाम में मातम छा गया.आखिरी में सभी ने कैंडल जलाई. साथ ही अंधेरा कर मोबाइल टॉर्च ऑन करके बता दिया कि हम हमेशा एक साथ हैं.
ब्लैक कपड़े पहनकर हुआ प्रदर्शन, सरकार से की मांग
शिया में काला कपड़ा बस गम के दिनों में पहना जाता है, वहीं आज सभी प्रदर्शनकारियों ने ज्यादातर काला कपड़ा पहना हुआ था.साथ ही अयातुल्लाह खामेनेई के पोस्टर प्रदर्शन के वक्त दिखाई दी.वहीं प्रदर्शनकारियों ने सरकार से मांग की कि वह अमेरिका और इजरायल के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करे और अयातुल्लाह खामेनई के हत्यारों को सजा दिलाए.
इस प्रदर्शन में महिलाओं ने भी भाग लिया और अयातुल्लाह खामेनई के समर्थन में नारे लगाए.वहीं दिल्ली के ब्रह्मपुरी, आदर्श नगर, कश्मीरी गेट, जामा मस्जिद आदि मस्जदियों के बाहर और नमाज के बाद भी विरोध प्रदर्शन हुआ, वहीं भारत के हर स्टेट से विरोध प्रदर्शन की खबरें भी सामने आईं जिसमें यूपी के लखनऊ, समेत हर शिया मस्जिद में, बिहार, पंजाब, उत्तराखंड, महाराष्ट्र, हैदराबाद, आंध्र प्रदेश समेत कई राज्य शामिल हैं.














