भारत में बड़े हमले की साजिश नाकाम, 8 आतंकी अरेस्ट; हाफिज सईद के सीधे संपर्क में था बांग्लादेश में बैठा हैंडलर

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के मुताबिक, समय रहते इन आतंकियों की गिरफ्तारी से देश में बड़ी आतंकी वारदात टल गई. यह मॉड्यूल भारत में संवेदनशील ठिकानों की रेकी कर बड़े हमले की तैयारी में था. फिलहाल सभी आरोपियों से गहन पूछताछ जारी है और उनके अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की जांच की जा रही है.

विज्ञापन
Read Time: 5 mins
दिल्ली पुलिस ने किया मॉड्यूल का भंडाफोड़. (प्रतीकात्मक फोटो)
फटाफट पढ़ें
Summary is AI-generated, newsroom-reviewed
  • दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने बांग्लादेश से जुड़े लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है
  • गिरफ्तार किए गए आठ आतंकियों में सात बांग्लादेशी नागरिक हैं जो फर्जी पहचान पत्र से भारत में थे
  • इस मॉड्यूल का मास्टरमाइंड शब्बीर अहमद लोन है जो पहले भी आतंकी मामलों में गिरफ्तार हो चुका है
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।
नई दिल्ली:

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक बड़ी आतंकी साजिश को नाकाम करते हुए बांग्लादेश से जुड़े लश्कर-ए-तैयबा  के मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है. दिल्ली, कोलकाता और तमिलनाडु में एक साथ की गई छापेमारी में कुल 8 आतंकियों को गिरफ्तार किया गया है. इनमें से 7 आरोपी बांग्लादेशी नागरिक हैं, जो फर्जी भारतीय पहचान पत्र बनवाकर भारत में गैरकानूनी तरीके से रह रहे थे.

ये भी पढ़ें- ये है किश्तवाड़ का हीरो 'टायसन', गोली खाकर भी सुरक्षाबलों को बताया जैश के आतंकियों का ठिकाना

बांग्लादेश से ऑपरेट हो रहा था आतंकी नेटवर्क

जांच में सामने आया है कि यह पूरा नेटवर्क बांग्लादेश में बैठा एक कश्मीरी आतंकी हैंडल कर रहा था, जो पहले भी आतंकी मामलों में गिरफ्तार हो चुका है. 8 फरवरी 2026 को सुप्रीम कोर्ट मेट्रो स्टेशन पर CISF के शिफ्ट इंचार्ज ने शिकायत दी थी कि स्टेशन परिसर में कुछ लोगों ने पाकिस्तान समर्थक और आतंकी संगठनों के समर्थन में पोस्टर चिपकाए हैं. जांच के दौरान ऐसे ही पोस्टर दिल्ली के कई अन्य इलाकों में भी मिले.

दिल्ली में लगे पाकिस्तान समर्थित पोस्टर

इन पोस्टरों में मारे गए जैश-ए-मोहम्मद आतंकी बुरहान वानी  की तस्वीरें लगाई गई थीं. पोस्टरों में “India Stop Genocide & Free Kashmir” जैसे नारे लिखे थे. साथ ही उर्दू में “हम पाकिस्तानी हैं, पाकिस्तान हमारा है” और “कश्मीरी एकजुटता दिवस” जैसे संदेश भी लिखे थे. मामले की गंभीरता को देखते हुए FIR दर्ज कर जांच स्पेशल सेल को सौंप दी गई है.

ऐसे आतंकियों तक पहुंची दिल्ली पुलिस

शुरुआती जांच मेट्रो पुलिस ने की, जिसके बाद स्पेशल सेल ने तकनीकी सर्विलांस और ह्यूमन इंटेलिजेंस के जरिए आरोपियों की लोकेशन ट्रैक की. 15 फरवरी को कोलकाता के माझेरपाड़ा, हातियारा गोते इलाके में छापा मारकर दो आरोपियों को पकड़ा गया. 21 फरवरी को तमिलनाडु के तिरुप्पुर में एक साथ छापेमारी कर 6 अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया.

गिरफ्तार आरोपी कौन हैं?

पश्चिम बंगाल मॉड्यूल

  • उमर फारुक (मालदा, पश्चिम बंगाल)
  • रोबिउल इस्लाम (ठाकुरगांव, बांग्लादेश)

तमिलनाडु मॉड्यूल (सभी बांग्लादेशी नागरिक)

  • मिजानुर रहमान (बोगुरा)
  • सेफायत हुसैन (झालाकाठी)
  • जाहिदुल इस्लाम (बोगुरा)
  • लिटन (बोगुरा)
  • उज्जल (बोगुरा)
  • उमर (बोगुरा)

क्या-क्या बरामद हुआ? 

  • पाकिस्तान समर्थक और आतंकी प्रचार वाले कई पोस्टर
  • 10 मोबाइल फोन (आपत्तिजनक सामग्री के साथ)
  • 25 क्रेडिट/डेबिट कार्ड
  • 5 पीओएस मशीन
  • बांग्लादेशी पासपोर्ट और पहचान पत्र

कौन है मुख्य हैंडलर?

जांच में सामने आया कि इस पूरे मॉड्यूल का मास्टरमाइंड शब्बीर अहमद लोन उर्फ राजा उर्फ कश्मीरी है. वह मूल रूप से कंगन, श्रीनगर (जम्मू-कश्मीर) का रहने वाला है. साल 2007 में स्पेशल सेल ने AK-47 और ग्रेनेड के साथ उसे गिरफ्तार किया था. साल 2018 तक वह तिहाड़ जेल में बंद रहा. उस समय वह जमात-उद-दावा के सरगना हाफिज सईद और आतंकी कमांडर जकी-उर-रहमान लखवी से सीधा संपर्क में था. 

Advertisement

शब्बीर ने पाकिस्तान के कब्जे वाले मुजफ्फराबाद कैंप में आतंकी ट्रेनिंग ली थी. वह फिलहाल बांग्लादेश में बैठकर भारत में लश्कर के ऑपरेशन चला रहा था. जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि ISI के समर्थन से वह भारत में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी युवाओं को भर्ती कर रहा था और उन्हें स्लीपर सेल के रूप में इस्तेमाल करने की योजना थी.

क्या साजिश रच रहे थे आतंकी?

पूछताछ में उमर फारुक ने बताया कि उसे मार्च 2025 में शब्बीर ने कट्टरपंथी बनाया और भारत में लश्कर की गतिविधियां बढ़ाने की जिम्मेदारी दी. उसे भारत के महत्वपूर्ण ठिकानों की रेकी करने को कहा गया था. रेकी के वीडियो बनाकर बांग्लादेश भेजे जाते थे. आगे हथियारों का इंतजाम करने और बड़े हमलों की तैयारी की योजना थी. 

Advertisement

आतंकियों पर पहले से दर्ज हैं कई मामले

6 फरवरी को उमर और रोबिउल कोलकाता से पटना होते हुए दिल्ली आए. 7 फरवरी की रात उन्होंने दिल्ली में 10 जगह पोस्टर लगाए और वीडियो बनाकर शब्बीर को भेजे. 8 फरवरी को वे ट्रेन से वापस कोलकाता लौट गए. बाद में कोलकाता में भी पोस्टर लगाए गए. उस पर पहले भी गंभीर मामले दर्ज किए गए हैं.  शब्बीर अहमद लोन के खिलाफ 2007 में देशद्रोह, UAPA और विस्फोटक अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया था साथ ही उस पर मनी लॉन्ड्रिंग का मामला भी दर्ज है.  साल 2011 में एक अन्य आपराधिक केस भी उस पर दर्ज हुआ.

आतंकियों की गिरफ्तारी से बड़ी साजिश नाकाम

स्पेशल सेल के मुताबिक, समय रहते इन आतंकियों की गिरफ्तारी से देश में बड़ी आतंकी वारदात टल गई. यह मॉड्यूल भारत में संवेदनशील ठिकानों की रेकी कर बड़े हमले की तैयारी में था. फिलहाल सभी आरोपियों से गहन पूछताछ जारी है और उनके अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की जांच की जा रही है. कुल मिलाकर, दिल्ली पुलिस की इस कार्रवाई ने एक बार फिर साबित किया है कि आतंकी साजिशों पर सुरक्षा एजेंसियां लगातार नजर रखे हुए हैं और देश विरोधी तत्वों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा.

Advertisement


 

Featured Video Of The Day
Banaras Hindu University में गोलीबारी, जांच में जुटी पुलिस | BREAKING NEWS