प्रदूषण सर्टिफिकेट की जांच, 126 चेक प्वाइंट, दिल्ली में कैसे मिल रहा है पेट्रोल, देखिए वीडियो

दिल्ली में गुरुवार से ‘No PUC, No Fuel’ और BS-6 से नीचे की बाहरी गाड़ियों पर प्रवेश प्रतिबंध लागू हो गया है, जिसके लिए शहरभर में पुलिस, ANPR कैमरे और 126 चेकप्वाइंट तैनात किए जा रहे हैं.

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  • दिल्ली सरकार ने प्रदूषण नियंत्रण के लिए ‘No PUC, No Fuel’ अभियान शुरू किया है
  • दिल्ली में BS-6 से नीचे के वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया गया है
  • पूरे शहर में 580 पुलिसकर्मी और 126 चेकप्वाइंट बनाए गए हैं, जिनमें 37 मोबाइल वैन लगातार वाहन जांच करेंगी
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नई दिल्ली:

दिल्ली में प्रदूषण का स्तर लगातार संकट मोड में पहुंच रहा है.. राजधानी की हवा जहरीली होती जा रही है और हालात ऐसे हैं कि लोगों की सांस लेना मुश्किल हो रहा है.. इसे नियंत्रित करने और प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर अंकुश लगाने के लिए दिल्ली सरकार ने गुरुवार से एक बड़ी कार्रवाई की शुरुआत की है. ‘No PUC, No Fuel' अभियान.. इसके तहत जिन वाहनों के पास वैध PUC प्रमाणपत्र नहीं होगा, उन्हें पेट्रोल व डीज़ल नहीं मिलेगा.. इसके साथ ही दिल्ली में अब दिल्ली के बाहर की BS-6 से नीचे की गाड़ियां प्रवेश नहीं कर पाएंगी..

आनंद विहार के पेट्रोल स्टेशनों पर आज से ही तैयारिया तेज दिखीं.. ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट, नगर निगम और खाद्य विभाग की टीम पेट्रोल पंप के अंदर तैनात दिखी.. हर वाहन के चालक को ईंधन लेने से पहले PUC दिखाना पड़ा और जिनके पास वैध सर्टिफिकेट नहीं था, उन्हें तुरंत बनाने का आदेश दिया गया.

पूरे शहर में तैनात किए गए हैं पुलिसकर्मी

दिल्ली सरकार और ट्रांसपोर्ट विभाग ने इस अभियान को सफल बनाने के लिए व्यापक तैयारी की है.. पूरे शहर में 580 पुलिसकर्मियों की तैनाती होगी और 126 चेकप्वाइंटों पर 37 प्रखर वैन तैनात की जाएंगी, जो लगातार पेट्रोल पंप और सड़कों पर वाहनों की पहचान कर उनका चालान करेंगी.

तकनीक के आधार पर हो रही है जांच

दिल्ली सरकार केवल चेकिंग पर निर्भर नहीं है.. जांच को तकनीकी रूप से सुदृढ़ करने के लिए ANPR कैमरे. ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन सिस्टम लगाया गया है.. यह वाहन की नंबर प्लेट को स्कैन करेगा और पता चल जाएगा कि गाड़ी का PUC वैध है या नहीं.. इसके अलावा पुलिस अलर्ट, वॉयस अलर्ट सिस्टम और स्पॉट चेकिंग भी की जाएगी..

दिल्ली की सीमाओं पर BS-6 से नीचे के वाहनों को रोकने की बड़ी तैयारी है.. विशेषकर निर्माण सामग्रियों को ढोने वाले भारी वाहनों की आवाजाही पर सख्त प्रतिबंध रहेगा.. यदि कोई उल्लंघन करता पकड़ा गया, तो भारी जुर्माना और गाड़ी सीज की कार्रवाई तय है..

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सरकार ने साफ किया है कि आवश्यक सेवाओं पर रोक नहीं होगी.. एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड, पुलिस और अत्यावश्यक सामान ढोने वाले वाहन प्रतिबंध के दायरे से बाहर रहेंगे, लेकिन बाकी सभी वाहनों पर कानून समान रूप से लागू होगा..

100 प्रमुख ट्रैफिक हॉटस्पॉट्स चल रहा है काम

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस और सरकार मिलकर 100 प्रमुख ट्रैफिक हॉटस्पॉट्स पर काम कर रहे हैं.. भीड़ कम करने के लिए गूगल मैप का भी इस्तेमाल किया जा रहा है, ताकि रियल टाइम डेटा से पता चल सके कि किस मार्ग पर ट्रैफिक बढ़ रहा है और उसे तुरंत नियंत्रित किया जा सके..

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दिल्ली सरकार ने यह नीति 2015 में हुए अध्ययन के आधार पर लागू की है.. उस रिपोर्ट में साफ कहा गया था कि दिल्ली के वाहन PM-10 प्रदूषण में 19.7% योगदान देते हैं, और सर्दी के मौसम में PM-2.5 प्रदूषण में उनका योगदान 25.1% तक पहुंच जाता है.. यानी दिल्ली की हवा बिगाड़ने में वाहन सबसे बड़ा हिस्सा रखते हैं..

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