दिल्ली मेट्रो की गोल्डन लाइन और मजेंटा लाइन के दो नए कॉरिडोर इस साल शुरू नहीं हो सकेंगे. इसका निर्माण कार्य तेजी से चल तो रहा है लेकिन इस साल इनके पूरा होने की उम्मीद कम ही है. काम में हो रही देरी की वजह से अब उम्मीद जताई जा रही है कि ये दोनों कॉरिडोर अगले साल तक ही बनकर तैयार हो पाएंगे. बता दें कि गोल्डन लाइन पर तुगलकाबाद-एरोसिटी मेट्रो कॉरिडोर बन रहा है. वहीं मजेंटा लाइन का एक्सटेंशन जनकपुरी पश्चिम-आरके आश्रम कॉरिडोर है. इन कॉरिडोर का काम 2019-20 में शुरू हुआ था. फेज-4 का कामकाज 24,948.65 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है.
दोनों कॉरिडोर का काम कितना बाकी?
दिल्ली मेट्रो की गोल्डन लाइन पर बन रहा तुगलकाबाद-एरोसिटी मेट्रो कॉरिडोर करीब 23.6 किमी. लंबा बनाया जा रहा है. यह दिल्ली मेट्रो के फेज-फोर का अहम प्रोजेक्ट है. इसका इस लाइन पर टोटल 21 स्टेशन बनाए जा रहे हैं, जो कि भूमिगत और एलिवेटेड दोनों तरह के होंगे. इसका काम तेजी से चल तो रहा है लेकिन अब तक पूरा नहीं हो सका है. इस कॉरिडोर के काम में सबसे ज्यादा देरी हुई है. करीब 83 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है लेकिन बाकी का काम बाकी है.
इंदिया गांधी एयरपोर्ट और एरोसिटी तक सीधी कनेक्टिविटी
इस कॉरिडोर के बनने से दक्षिण दिल्ली के संगम बिहार और तुगलकाबाद को इंदिया गांधी एयरपोर्ट और एरोसिटी से सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी. लोग जाम में फंसे बिना कम समय में और कम खर्चे में दोनों जगहों पर पहुंच सकेंगे.
जनकपुरी पश्चिम-आरके आश्रम कॉरिडोर का काम भी बाकी
बात अगर मजेंटा लाइन के एक्सटेंशन की करें तो यहां बन रहे जनकपुरी पश्चिम-आरके आश्रम कॉरिडोर का काम भी करीब 87.62 प्रतिशत पूरा हो गया है, सिर्फ 12 प्रतिशत काम बाकी बचा है. दो महीने में ये काम पूरा होने की उम्मीद कम ही है. ऐसे में अगले साल तक ही काम पूरा होने की उम्मीद हैं. हालांकि इस कॉरिडोर के 11.734 किमी. हिस्से पर मेट्रो शुरू हो चुकी है. वहीं कृष्णा पार्क एक्सटेंशन से दीपाली चौक और मजलिस पार्क से आरके आश्रम के बीच काम अभी जारी है. दीपाली चौक के बीच का काफी काम पूरा भी हो चुका है.
ये भी पढे़ं-'एयरपॉड' की वजह से रुक गई दिल्ली मेट्रो! सिकंदरपुर स्टेशन पर इंतजार कर रहे लोगों ने बनाया वीडियो
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं