एपस्टीन फाइल केस: केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी की बेटी हिमायनी को राहत, दिल्ली HC का तत्काल विवादित पोस्ट हटाने का आदेश

दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी की बेटी हिमायनी पुरी को बड़ी राहत दी है. कोर्ट ने सोशल मीडिया पर हिमायनी के खिलाफ पोस्ट को तुरंत हटाने का आदेश दिया है.

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हिमायनी पुरी को दिल्ली हाईकोर्ट से राहत
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  • केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी की बेटी हिमायनी पुरी को दिल्ली हाईकोर्ट ने राहत दी है
  • कोर्ट ने हिमायनी के खिलाफ सोशल मीडिया पोस्ट 24 घंटे के अंदर हटाने का आदेश दिया है
  • हिमायनी ने मानहानि का मुकदमा दायर कर 10 करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग की है
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नई दिल्ली:

दिल्ली हाईकोर्ट ने केन्द्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी की बेटी को दोषी अमेरिकी यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन से जोड़ने वाली सोशल मीडिया सामग्री को 24 घंटे के भीतर हटाने का निर्देश दिया है. हिमायनी ने इस बारे में अदालत में याचिका दी है. उन्होंने मानहानि का केस दाखिल करते हुए 10 करोड़ रुपये के हर्जाने की भी मांग की थी. 

सोशल मीडिया से पोस्ट हटाने का आदेश 

जस्टिस मिनी पुष्कर्ना ने सोशल मीडिया मंचों पर किसी भी तरह से ऐसी सामग्री प्रकाशित या प्रसारित करने से भी रोक दिया है. हिमायनी पुरी द्वारा दायर एक मुकदमे की सुनवाई कर रहीं जस्टिस ने स्पष्ट किया कि यदि सोशल मीडिया उपयोगकर्ता पोस्ट नहीं हटाते हैं, तो मंच ऐसी सामग्री को हटा देंगे या उस तक पहुंच को रोक देंगे. 

पढ़ें पूरा मामला, हरदीप पुरी की बेटी ने एपस्टीन मामले में दिल्ली हाईकोर्ट में दायर किया 10 करोड़ की मानहानि का मुकदमा

हिमायनी के पक्ष में मामला 

अदालत ने कहा कि हिमायनी पुरी के पक्ष में प्रथम दृष्टया मामला बनता है और यदि अंतरिम राहत नहीं दी गई तो उन्हें अपूरणीय क्षति होगी. हाईकोर्ट ने इस मामले पर अगली सुनवाई अगस्त में तय की है. पुरी की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता महेश जेठमलानी ने कहा कि वित्त पेशेवर के रूप में उनकी मुवक्किल की ‘वैश्विक प्रतिष्ठा' है जिसकी उन्हें रक्षा करनी है और उनके खिलाफ लगाए गए आरोप ‘पूरी तरह से झूठे, बेबुनियाद और दुर्भावनापूर्ण हैं.

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हिमायनी ने 10 करोड़ रुपये हर्जाने की मांग की है 

हिमायनी पुरी ने अपने मुकदमे में 10 करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग की है और कई संस्थाओं को मानहानिकारक सामग्री फैलाने से रोकने का आदेश देने का अनुरोध किया है. उन्होंने कहा कि उन्हें एपस्टीन और उसके अपराधों से जोड़ने के लिए एक ‘समन्वित और दुर्भावनापूर्ण ऑनलाइन अभियान' चलाया गया. उन्होंने आरोपियों से बिना शर्त माफी मांगने और अपने पोस्ट वापस लेने की भी मांग की है. 

याचिका में क्या था 

याचिका में कहा गया है कि 22 फरवरी 2026 के आसपास से सोशल मीडिया और अन्य डिजिटल मंचों, जिनमें ‘एक्स', यूट्यूब, इंस्टाग्राम, फेसबुक, लिंक्डइन, डिजिटल समाचार पोर्टल और अन्य वेब आधारित प्रकाशन शामिल हैं, पर झूठे, भ्रामक और मानहानिकारक पोस्ट, लेख, वीडियो और सामग्री प्रकाशित और प्रसारित किए गए हैं. हिमायनी पुरी ने दावा किया कि वह एक सफल वित्त और इन्वेस्टमेंट पेशेवर हैं और उन्हें केवल इसलिए निशाना बनाया जा रहा है क्योंकि वह पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री की बेटी हैं. उनकी याचिका के अनुसार, प्रतिवादियों ने यह ‘निराधार आरोप' फैलाए कि हिमायनी पुरी के जेफ्री एपस्टीन के साथ प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष व्यावसायिक, वित्तीय या व्यक्तिगत संबंध थे.

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