दिल्ली हाईकोर्ट ने विदेश मंत्रालय को कहा है कि वो अभिनेत्री सेलिना जेटली के भाई विक्रांत जेटली से ये पूछे कि क्या वो अपनी बहन से मिलना चाहते हैं. गौरतलब है कि सेलिना के भाई रिटायर्ट मेजर विक्रांत अबू धाबी की हिरासत में हैं. कोई ने सुनवाई के दौरान विक्रांत की पत्नी चारुल जेटली की भी याचिका सुनी.
चारुल ने कहा कि सेलिना और विक्रांत के रिश्ते अच्छे नहीं हैं. उन्होंने कहा कि विक्रांत जेटली के मामले में उसके वकीलों से बात करने के लिए केवल वही अधिकृत है. इसपर कोर्ट ने चारुल के वकील से कहा कि वो सीलबंद लिफाफा में जवाब दें.
पिछली सुनवाई में हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार से पूछा था कि इस बातचीत के लिए कौन सी व्यवस्था की जाएगी. कोर्ट ने कहा कि वह विक्रांत जेटली से इसलिए बात करना चाहता है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि वह आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए किसकी मदद लेना चाहते हैं. अपनी बहन सेलिना जेटली की या अपनी पत्नी की. यह निर्देश इसलिए दिया गया क्योंकि कोर्ट सेलिना जेटली की उस अर्जी पर सुनवाई कर रही है जिसमें उन्होंने भाई विक्रांत जेटली के लिए कॉन्सुलर एक्सेस की मांग की है, जिसे अबू धाबी में पकड़ा गया.
भारतीय दूतावास ने 13 फरवरी को विक्रांत के कॉन्सुलर एक्सेस का आग्रह किया है. कोर्ट ने दूतावास की इस जानकारी का संज्ञान लेते हुए कहा कि यूएई के अगले कॉन्सुलर एक्सेस की इजाजत देने के लिए विक्रांत की तरफ से दूतावास के अधिकारियों को कागजातों की फॉर्मलिटी करने दिया जाए.
सुनवाई के दौरान विदेश मंत्रालय ने कोर्ट को बताया कि सेलिना का भाई अपनी बहन से नहीं मिलना चाहता है. हाईकोर्ट ने विदेश मंत्रालय से कहा कि वो सेलिना की याचिका को उसके भाई विक्रांत को दे और उससे पूछे कि क्या वो अपनी बहन को इस मामले में शामिल करना चाहते हैं. विक्रांत की पत्नी ने इस मामले में मीडिया पर गैग ऑर्डर लगाने की अपील की. हालांकि, हाईकोर्ट ने मीडिया को इस मामले की सुनवाई की रिपोर्टिंग करने पर रोक से इनकार कर दिया.














