दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने शराब घोटाला मामले में सीबीआई द्वारा आरोपी बनाए गए सभी 23 आरोपियों को बरी कर दिया है. सीबीआई ने 23 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल किया था. कोर्ट ने इसके अलावा तेलंगाना के पूर्व सीएम रहे के चंद्रशेखर राव की पुत्री के कविता के खिलाफ भी केस बंद करने का आदेश दिया है. आइए जानते हैं इस केस में कौन-कौन आरोपी थे.
1) कुलदीप सिंह
2) नरेंद्र सिंह
3) विजय नायर
4) अभिषेक बोनपल्ली
5) अरुण रामचंद्र पिल्लई
6) मोथा गौतम
7) समीर महेंद्रू
8) मनीष सिसोदिया
9) अमनदीप सिंह ढल
10) अर्जुन पांडे
11) बूचीबाबू गोरंथला
12) राजेश जोशी
13) दामोदर प्रसाद शर्मा
14) प्रिंस कुमार
15) अरविंद कुमार सिंह
16) चनप्रीत सिंह रेयात
17) के कविता
18) अरविंद केजरीवाल
19) दुर्गेश पाठक
20) अमित अरोड़ा
21) विनोद चौहान
22) आशीष चंद माथुर
23) शरत चंद्र रेड्डी
क्या है पूरा मामला?
यह मामला 2021-22 की दिल्ली आबकारी नीति से जुड़ा है. सरकार ने रेवेन्यू बढ़ाने और शराब के कारोबार में सुधार के लिए यह नीति बनाई थी, जिसे बाद में लागू करने में गड़बड़ियों के आरोप लगने के बाद वापस ले लिया गया. जुलाई 2022 में दिल्ली के मुख्य सचिव की रिपोर्ट के बाद उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना ने CBI जांच की सिफारिश की थी. रिपोर्ट में आरोप था कि नीति में मनमाने और एकतरफा फैसले लिए गए जिससे सरकारी खजाने को नुकसान हुआ.
शराब घोटाले में कैसे हुए CBI और ED की एंट्री?
एलजी की सिफारिश के बाद इस केस में CBI की एंट्री हुई. CBI ने FIR दर्ज की और आम आदमी पार्टी के कई नेताओं को आरोपी बनाया. CBI द्वारा दर्ज की गई FIR में मनीष सिसोदिया और अन्य आरोपियों पर बिना किसी सक्षम अधिकारी की मंजूरी के टेंडर देने का आरोप लगाया गया. मार्च 2023 में CBI ने मनीष सिसोदिया को गिरफ्तार किया. एजेंसी ने यह भी दावा किया कि AAP नेता को इसलिए गिरफ्तार किया गया क्योंकि उन्होंने सबूतों के सामने आने के बावजूद गोलमोल जवाब दिए और जांच में सहयोग करने से इनकार किया.
100 करोड़ की रिश्वत लेने का आरोप
इसके बाद 26 जून 2024 को सीबीआई ने आम आदमी पार्टी प्रमुख और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को भी औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया. उस वक्त केजरीवाल शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ED की हिरासत में थे. अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया कई महीनों तक तिहाड़ जेल में रहे. सुप्रीम कोर्ट ने जमानत मिलने के बाद 9 अगस्त 2024 को मनीष सिसोदिया तिहाड़ जेल से बाहर आए. वे 17 महीने तक जेल में बंद रहे. वहीं 13 सितंबर 2024 को सुप्रीम कोर्ट ने अरविंद केजरीवाल को रिहा कर दिया. इससे पहले केजरीवाल चुनाव प्रचार के लिए मई 2024 में 21 दिनों की अंतरिम जमानत पर भी बाहर आए थे. हालांकि अब राउज एवेन्यू कोर्ट ने सभी आरोपियों को बरी कर दिया है.














