- दिल्ली सरकार ने राजधानी के उत्तरी और उत्तर-पूर्वी इलाकों में दो नए एलिवेटेड कॉरिडोर बनाने की योजना बनाई है
- प्रस्तावित कॉरिडोर ब्रिटानिया चौक से आउटर रिंग रोड और अंकुर एन्क्लेव से गोकुलपुरी मेट्रो स्टेशन तक बनेंगे
- नए कॉरिडोर बनने से रोहतक रोड, पीरागढ़ी और करावल नगर में जाम कम होने की उम्मीद है
दिल्ली वालों के लिए खुशखबरी है. जल्द ही दो नए एलिवेटेड कॉरिडोर बनाने की सरकार की योजना है. राजधानी के सबसे बिजी रास्तों पर कनेक्टिविटी और बेहतर करने पर ध्यान दिया जा रहा है, ताकि भारी ट्रैफिक जाम की समस्या से निजात मिल सके. सरकार की योजना उत्तर और उत्तर-पूर्व दिल्ली में दो नए एलिवेटेड कॉरिडोर बनाने की है. ये प्रस्तावित एलिवेटेड कॉरिडोर ब्रिटानिया चौक से आउटर रिंग रोड और अंकुर एन्क्लेव से गोकुलपुरी मेट्रो स्टेशन तक बनेंगे.
उम्मीद की जा रही है कि इनके बनने से आउटर रिंग रोड, पीरागढ़ी, रोहतक रोड और वजीराबाद रोड जैसे बहुत ज्यादा जाम वाले इलाकों में ट्रैफिक का दबाव कम होगा. अभी इन जगहों पर लोगों को बहुत ज्यादा जाम झेलना पड़ता है. पीक आवर्स में तो जाम से लोगों की हालत खराब हो जाती है.यह कॉरिडोर मुख्य रूप से उत्तर-पश्चिम दिल्ली के सबसे व्यस्त इलाकों को राहत देगा.
इन इलाकों को मिलेगी ट्रैफिक जाम से मुक्ति: ब्रिटानिया चौक, पंजाबी बाग, शालीमार बाग और रिंग रोड क्रॉसिंग पर लगने वाले भारी जाम से चालकों को सीधा छुटकारा मिलेगा
सिग्नल-फ्री और तेज सफर: रिंग रोड और आउटर रिंग रोड के बीच सीधा संपर्क बनने से पंजाबी बाग और नेताजी सुभाष प्लेस (NSP) के आसपास लगने वाले 30–40 मिनट के समय में भारी बचत होगी.
एयरपोर्ट और गुरुग्राम का आसान रास्ता: रोहिणी, पीतमपुरा और उत्तर दिल्ली से धौला कुआं, आईजीआई एयरपोर्ट या गुरुग्राम की तरफ जाने वाले वाहनों को बिना किसी रेड लाइट के तेज कनेक्टिविटी मिलेगी. यह प्रोजेक्ट उत्तर-पूर्वी दिल्ली और उत्तर प्रदेश (लोनी-गाजियाबाद) की सीमा से सड़े इलाकों को सीधे जोड़ेगा.
उत्तर-पूर्वी दिल्ली की भीड़भाड़ में कमी: करावल नगर, खजूरी खास, गोकुलपुरी और भजनपुरा जैसे घनी आबादी वाले इलाकों को ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी
यमुनापार की कनेक्टिविटी में सुधार: यह मार्ग वजीराबाद रोड, सिग्नेचर ब्रिज और आसपास के इलाकों में ट्रैफिक के दबाव को कम करके निर्बाध आवागमन सुनिश्चित करेगा.
स्थानीय व्यापार और लॉजिस्टिक्स को बढ़ावा: वजीराबाद-सीमापुरी कॉरिडोर के मजबूत होने से स्थानीय बाजारों और ट्रांसपोर्ट वाहनों का समय बचेगा.
लोनी और साहिबाबाद से दिल्ली का आसान सफर: अंकुर एन्क्लेव-गोकुलपुरी कॉरिडोर बनने से गाजियाबाद के लोनी, ट्रोनिका सिटी और साहिबाबाद से उत्तर/मध्य दिल्ली आने-जाने वालों को भारी ट्रैफिक से राहत मिलेगी.
आनंद विहार और जीटी रोड पर दबाव कम: गाजियाबाद से पूर्वी और उत्तर-पूर्वी दिल्ली जाने वाले वाहन बिना शहर में फंसे बाईपास के रूप में इस रूट का इस्तेमाल कर सकेंगे.
औद्योगिक माल ढुलाई में तेजी: साहिबाबाद और लोनी इंडस्ट्रियल एरिया के माल वाहक वाहनों की दिल्ली में एंट्री और आवाजाही बहुत तेज हो जाएगी.
नोएडा और ग्रेटर नोएडा को फायदा
नोएडा से उत्तर-पश्चिम दिल्ली की दूरी घटेगी: ब्रिटानिया चौक-आउटर रिंग रोड कॉरिडोर बनने से नोएडा (DND-कालिंदी कुंज) के रास्ते रोहिणी, पीतमपुरा, आजादपुर या नरेला जाने वाले लोगों को बिना जाम के सिग्नल-फ्री रूट मिलेगा।
ईस्टर्न पेरीफेरल और यूपी-दिल्ली बॉर्डर कनेक्टिविटी: गाजियाबाद-दिल्ली बॉर्डर के एलिवेटेड प्रोजेक्ट्स से नोएडा-ग्रेटर नोएडा से दिल्ली-सहारनपुर हाईवे और यूपी के अंदरूनी इलाकों तक जाना बेहद आसान हो जाएगा.
प्रस्तावित कॉरिडोर की लंबाई और रूट समझिए
- दोनों एलिवेटेड कॉरिडोर करीब 5-5 किलोमीटर लंबे होंगे
- उत्तरी दिल्ली में ब्रिटानिया चौक से आउटर रिंग रोड तक
- उत्तर-पूर्वी दिल्ली में अंकुर एन्क्लेव से गोकुलपुरी मेट्रो स्टेशन तक
एलिवेटेड कॉरिडोर का DPR होगा तैयार
दोनों कॉरिडोर के बनने से लोगों को वैकल्पिक रास्ते मिलेंगे, जिससे मौजूदा मुख्य सड़कों पर दबाव पहले से कम होगा.जानकारी के मुताबिक, डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करने के लिए पीडब्लूडी विभाग ने लोगों को बोली लगाने के लिए आमंत्रित किया है. जानकारी के मुताबिक, दोनों कॉरिडोर का DPR तैयार करने में करीब 3.21 करोड़ रुपये का खर्च आ सकता है. इस काम में करीब पांच महीने लगने का अनुमान है.डीपीआर कॉरिडोर के लिए डिटेल्ड डिजाइन, कंस्ट्रक्शन की जरूरतों, व्यवहार्यता और लागू करने की योजना तय करने में मदद करेंगे.
नॉर्थ दिल्ली के इस इलाके से गुजरेगा कॉरिडोर
खबरों के मुताबिक, प्रस्तावित नॉर्थ दिल्ली एलिवेटेड कॉरिडोर शकूर बस्ती रेलवे स्टेशन और गुरु हरकिशन रोड के आस-पास के इलाकों से होकर गुजरेगा. PWD अधिकारियों के मुताबिक, गुरु हरकिशन मार्ग पर बनने वाला प्रस्तावित फ्लाईओवर एक अतिरिक्त समानांतर रास्ते के जरिए मौजूदा सड़क नेटवर्क पर ट्रैफिक के दबाव को कम करने में मदद कर सकता है. इसके बनने से ब्रिटानिया चौक के आस-पास और बड़े आउटर रिंग रोड नेटवर्क के बीच एक वैकल्पिक कनेक्शन मिल सकता है.
रोहतक रोड और पीरागढ़ी रोड पर जाम से मिलेगी निजात
रोहतक रोड और पीरागढ़ी की तरफ आने-जाने वाले लोग जाम से बहुत ज्यादा परेशान रहते हैं. रोहतक रोड पर ट्रैफिक बड़ी परेशानी है. पीक आवर्स में में दिक्कतें बहुत बढ़ जाती हैं. पीरागढ़ी चौक से आगे मुंडका इंडस्ट्रियल एरिया और बहादुरगढ़ की तरफ पीक आवर्स में आवाजाही बहुत मुश्किल हो सकती है.ये सड़क एक तरफ ब्रिटानिया चौक के पास आउटर रिंग रोड से और दूसरी तरफ मंगोलपुरी फ्लाईओवर से जुड़ी हुई है. नए कॉरिडोर से वाहनों के लिए एक अतिरिक्त रास्ता मिलने की उम्मीद है, जिससे ट्रैफिक का दबाव इन सड़कों पर कम हो सके.
एलिवेटेड कॉरिडोर से नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली के किन इलाकों को फायदा
दूसरा प्रस्तावित कॉरिडोर करावल नगर नाले के ऊपर बनेगा, ये अंकुर एन्क्लेव इलाके को गोकुलपुरी मेट्रो स्टेशन से जोड़ेगा.इसके तैयार होने से नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली के कई इलाकों के लोगों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी.
- करावल नगर
- शिव विहार
- जौहरीपुर
- दयालपुर
कॉरिडोर बनाने का फायदा क्या है?
इस कॉरिडोर के बनने से ट्रैफिक के लिए एक वैकल्पिक रास्ता मिल सकता है, जिससे ट्रैफिक कम होने की उम्मीद है. फिलहाल करावल नगर के लोगों को मुख्य रास्तों पर जाम से जूझना पड़ता है. सबसे ज्यादा जाम भजनपुरा से दयालपुर और करावल नगर में पुश्ता रोड होते हुए खजूरी से पावी सिनेमा तक मिलता है. करावल नगर नाले के ऊपर प्रस्तावित एलिवेटेड कॉरिडोर बनने से लोगों को एक वैकल्पिक रास्ता मिल जाएगा. यहां आने-जाने वालों को ट्रैफिक से बड़ी राहत मिल सकती है.
एलिवेटेड कॉरिडोर बनाने का मकसद
दिल्ली के कई इलाकों में जाम बड़ी समस्या है. लोगों के कई घंटे जाम में बर्बाद हो जाते हैं. कम दूरी की जगह जाने में भी ज्यादा समय लग जाता है. प्रस्तावित एलिवेटेड कॉरिडोर का मकसद लोगों को वैकल्पिक मुख्य रास्ते देना और ज्यादा जाम वाली जगहों पर ट्रैफिक के दबाव को कम करना है.
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