- दिल्ली पुलिस ने अमर कॉलोनी में आईआरएस अधिकारी की बेटी की हत्या के मामले में आरोपी राहुल मीणा को गिरफ्तार किया
- आरोपी के पिता आईआरएस अधिकारी के दफ्तर में नौकरी करते थे और पिता की सिफारिश पर राहुल को भी नौकरी मिली थी
- राहुल को पैसे की गड़बड़ी के कारण नौकरी से निकाला गया था, जिसके बाद वह अपने गांव में ऑनलाइन लूडो खेलता था
दिल्ली के अमर कॉलोनी में आईआरएस की 22 वर्षीय बेटी की हत्या के मामले में दिल्ली पुलिस ने बुधवार रात को अलवर जिले के राजगढ़ के राहुल मीणा को दिल्ली कि एक होटल से गिरफ्तार कर लिया. पुलिस लगातार राहुल से पूछताछ कर रही है. इस घटना की जानकारी मिलते ही दिल्ली पुलिस की 5 टीम अलवर पहुंची थी. अलवर पुलिस के साथ मिलकर पुलिस ने राहुल के पिता सहित 6 लोगों को हिरासत में लिया था. जिनका धारा 151 में गिरफ्तार किया गया. इन लोगों से पूछताछ के आधार पर पुलिस को अहम जानकारी मिली, जिसके आधार पर पुलिस ने राहुल को दिल्ली की एक होटल से गिरफ्तार किया. दूसरी तरफ अलवर में हुए विवाहिता के साथ दुष्कर्म के मामले में पीड़िता की मेडिकल जांच हो चुकी है.
IRS अधिकारी के ऑफिस में नौकरी करते थे आरोपी के पिता
आरोपी राहुल के घर ओर आसपास से मिली जानकारी में सामने आया कि आईआरएस अधिकारी के ऑफिस में उसके पिता नौकरी करते थे. पिता के कहने पर आईआरएस अधिकारी ने राहुल को अपने घर में नौकरी दी थी. लेकिन वो वहां आसपास लोगो से पैसे उधर लेता था. पैसों की गड़बड़ी करता था. इन्हीं शिकायतों के चलते जिसके बाद उसे नौकरी से निकाल दिया गया. डेढ़ महीने से वो अपने गांव में रह रहा था. गांव में वो दिनभर दोस्तों के साथ मिलकर ऑनलाइन लूडो खेलता था और उसमें पैसे लगता था और हार जीत पर दांव लगता था.
पिता की सिफारिश पर ही आरोपी को मिली नौकरी
राहुल ने के पिता उसी अधिकारी के ऑफिस में नौकरी करते थे, जिनकी बेटी की उसने हत्या की. वहां ऑफिस में अधिकारी उसके पिता को अच्छे से जानते थे. इसलिए पिता के कहने पर अधिकारी ने राहुल को अपने घर पर नौकरी दी थी.
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राहुल अपने दोस्तों के साथ घटना से पूर्व रात में शादी में था और ऑनलाइन लूडो खेलने के लिए पैसे दांव पर लगाए थे. वो पैसे हार गया. परिवार ओर पड़ोस के लोगों का कहना है कि यहां उसका पैसों को लेकर विवाद हुआ था, जिनसे पैसे लिए वो उसे परेशान कर रहे थे और इसी के कारण वह दिल्ली पैसे चोरी करने गया और इस वारदात को अंजाम दिया. राहुल के पिता और चाचा भी दिल्ली में नौकरी करते थे. पिता अब दिल्ली छोड़ अपने गांव आ गए वहीं उसके चाचा दिल्ली में ही टैक्सी ड्राइवर का काम करते हैं. शुरुआत में पुलिस को संदेह हुआ कि वारदात को अंजाम देने के बाद वह अपने चाचा के पास गया था.
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