सप्लाई चेन बिगड़ने से अर्थव्यवस्था और ग्लोबल ट्रेड पर सीधा असर... राजनाथ सिंह ने मिडिल ईस्ट संकट पर जताई चिंता 

राजनाथ सिंह ने कहा, "आज हम सप्लाई चैन डिस्ट्रप्शन सिर्फ ऊर्जा क्षेत्र में ही नहीं, बल्कि अन्य क्षेत्रों में भी देख रहे हैं. इन अनिश्चित्ताओं का सीधा प्रभाव अर्थव्यवस्था और ग्लोबल ट्रेड पर पड़ता है."

विज्ञापन
Read Time: 4 mins
फटाफट पढ़ें
Summary is AI-generated, newsroom-reviewed
  • राजनाथ सिंह ने कहा कि समुद्री क्षेत्र अब राष्ट्रीय सुरक्षा, आर्थिक विकास और तकनीकी नवाचार का आधार बन चुका है
  • राजनाथ ने होर्मुज और पर्सियन गल्फ क्षेत्र को विश्व ऊर्जा सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण और संवेदनशील बताया
  • मध्य-पूर्व में युद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमत तेजी से बढ़ रही हैं और वैश्विक व्यापार में अस्थिरता बढ़ रही है
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।
कोलकाता:

पश्चिम बंगाल के दौरे पर पहुंचे केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह शुक्रवार को कोलकाता में आयोजित "मैरीटाइम कॉन्क्लेव सागर संकल्प" में शामिल हुए. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि आज समुद्री क्षेत्र पहले की तुलना में, काफी बदल चुका है. आज के समय में समुद्री क्षेत्र सिर्फ़ व्यापार के रास्ते या नौसैनिक ताकत तक सीमित नहीं रह गया है बल्कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा, आर्थिक विकास, तकनीकी इनोवेशन और रणनीतिक स्वायत्तता का अहम आधार बन चुका है.

रक्षा मंत्री ने कहा, "यदि हम State of Hormuz या पूरे Persian Gulf क्षेत्र को देखें, तो यह विश्व की एनर्जी सिक्योरिटी का एक अत्यंत महत्वपूर्ण क्षेत्र है. जब इस क्षेत्र में डिस्टरबेंस या डिस्ट्रप्शन होता है, तो इसका सीधा असर ऑयल और गैस की सप्लाई पर पड़ता है."

मध्य-पूर्व एशिया में युद्ध के गहराते असर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का ये पहला बयान है. उन्होंने आगाह किया कि सामरिक तौर पर महत्वपूर्ण State of Hormuz या पूरे Persian Gulf में युद्ध का दुनियाभर की अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ रहा है.  

राजनाथ सिंह ने कहा, "आज हम सप्लाई चैन डिस्ट्रप्शन सिर्फ ऊर्जा क्षेत्र में ही नहीं, बल्कि अन्य क्षेत्रों में भी देख रहे हैं. इन अनिश्चित्ताओं का सीधा प्रभाव अर्थव्यवस्था और ग्लोबल ट्रेड पर पड़ता है."

उनका बयान ऐसे समय पर आया है जब मध्य पूर्व में युद्ध गहराने के साथ ही कच्चा तेल तेज़ी से महंगा होता जा रहा है और अंतराष्ट्रीय व्यापार में अस्थिरता भी बढ़ती जा रही है. अंतरराष्ट्रीय कच्चा तेल बाज़ार में ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत बढ़कर 88 डॉलर के करीब पहुंच गई है.

शुक्रवार को ट्रेडिंग के दौरान Brent Oil Futures की कीमत 87.96 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गयी. युद्ध शुरू होने के बाद से कच्चा तेल 18 डॉलर प्रति बैरल से ज़्यादा महंगा हो चुका है.

भारत अपनी ज़रूरत का लगभग 85% कच्चा तेल दुनिया के अलग-अलग देशों से आयात करता है, जिसमें मध्य पूर्व एशिया का हिस्सा सालाना लगभग 40%-45% है. कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी से भारत का तेल आयात बिल पर दबाव बढ़ता जा रहा है.

Advertisement
रक्षा मंत्री ने कहा कि मध्य-पूर्व एशिया में हालात काफी कॉम्प्लिकेटेड हो चुके हैं, और ऐसा प्रतीत होता है कि आगे चलकर स्थिति और खराब होगी. आज जिस तरह अलग-अलग देश लैंड पर, समुद्र में और स्पेस में भी एक दूसरे से टक्कर ले रहे हैं. यह वास्तव में हम सभी के लिए चिंता का विषय है. उन्होंने आगाह किया कि हाल के वर्षों में इस तरह की असामान्यता "न्यू नार्मल" बनती जा रही है जो ज्यादा चिंता की बात है.

रक्षा मंत्री का बयान अमेरिकी उप विदेश मंत्री के भारत दौरे के दौरान आया है. दिल्ली यात्रा पर आये अमेरिका के उप विदेश मंत्री क्रिस्टोफर लेन्डौ ने रायसीना डायलॉग में गुरुवार को एक अहम बयान दिया था.

जब उनसे एक संवाद के दौरान पूछा गया कि मध्य एशिया में युद्ध कब तक ख़त्म हो सकता है, क्रिस्टोफर लेन्डौ ने कहा, "हमारे लिए मध्य-पूर्व एशिया में युद्ध का एंडगेम एक ऐसा मध्य पूर्व है जो दुनिया के अन्य हिस्सों के लिए खतरा नहीं है. हमने ईरान को अपनी रेड लाइन के बारे में समझाने की बहुत कोशिश की कि उसे परमाणु हथियार का विकास रोकना होगा. क्या आप कल्पना कर सकते हैं कि अगर ईरान परमाणु उपकरण से दुनिया को ब्लैकमेल करने में सक्षम होता, तो दुनिया के लिए कितना ख़तरा होता? हमने ईरान से बातचीत के ज़रिये समझाने की बहुत कोशिश की. लेकिन हमने निष्कर्ष निकाला कि यह कोशिश काम नहीं करेगी."

Advertisement

अमेरिकी उप विदेश मंत्री ने कहा कि युद्ध की दिशा क्या होगी, इसको देखना होगा, लेकिन आख़िरकार ईरानी लोगों को यह तय करना होगा कि उनका नेतृत्व कौन करेगा. ज़ाहिर है, मध्य-पूर्व एशिया में युद्ध लम्बा चलने वाला है, और इसको लेकर भारत की चिंता बढ़ती जा रही है.

Featured Video Of The Day
Sukhoi Fighter Jet Crash: Assam में क्रैश हुए सुखोई फाइटर जेट में दोनों पायलट की मौत | Breaking