Rajasthan News: राजस्थान की सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल (Ajmer High Security Jail) में, चंबल के डकैत जगन गुर्जर (Jagan Gurjar) की हत्या के बाद शुरू हुआ बवाल, थमता नजर नहीं आ रहा है. JLN अस्पताल की मोर्चरी के बाहर धरना पर बैठा जगन का बेटा आसाराम 'बदला' लेने की चेतावनी दे रहा है. उसने मंगलवार को समाज के लोगों के साथ जाकर मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार ओम लखावत को ज्ञापन भी सौंपा है, जिसमें सरकार से 5 मांगें की गई हैं.
क्या हैं वे 5 मांगे?
1. जगन को झूठे आर्म्स एक्ट में फंसाकर अजमेर जेल भेजने वाले तत्कालीन SHO को सस्पेंड कर कानूनी कार्रवाई की जाए.
2. जगन गुर्जर के पोस्टमार्टम से पहले पप्पू गुर्जर को अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल से धौलपुर जेल में शिफ्ट किया जाए.
3. जगन गुर्जर के परिजनों और बच्चों को मिल रही धमकियों के चलते उन्हें तुरंत पुलिस प्रोटेक्शन दी जाए.
4. पप्पू गुर्जर और अन्य भाइयों को जगन गुर्जर के दाह संस्कार में शामिल होने की इजाजत दी जाए.
5. जेल सुप्रीडेंट और अन्य स्टाफ को तुरंत सस्पेंड किया जाए. उन पर हत्या की साजिश का मुकदमा दर्ज हो और पूरे मामले की CBI जांच हो.
'बदले' की चेतावनी के बाद तनाव का माहौल
इससे पहले जगन के बेटे आसाराम गुर्जर ने NDTV से बातचीत में कहा था कि पिता की हत्या का बदला लेने के लिए वह घर और जेल में घुसकर मारना जानता है. इस चेतावनी के बाद पुलिस-प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड पर है. किसी भी तरह की अनहोनी और कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका के मद्देनजर परिजनों के घर के बाहर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है.
बंद सीसीटीवी पर उठे गंभीर सवाल
घटना के बाद फॉरेंसिक की एक टीम सबूत जुटाने के लिए जेल पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेज दिया गया. लेकिन सबसे बड़ा सवाल उन CCTV कैमरों के बंद होने पर उठ रहे हैं जो जगन गुर्जर की हत्या के समय उस सेल के सामने लगे थे. जगन के परिजन भी इसी के आधार पर साजिश का आरोप लगाते हुए सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं. उनका कहना है कि कैमरे जानबूझकर बंद किए गए थे ताकि हत्यारों को बचाया जा सके. इन आरोपों की गंभीरता को देखते हुए अजमेर रेंज के IG राजेंद्र सिंह और जेल IG विक्रम सिंह ने घटनास्थल का मुआयना किया है और जांच शुरू कर दी है.
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जगन गुर्जर की हत्या किसने और क्यों की?
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि जगन गुर्जर की हत्या उसी के साथ बैरक में बंद हार्डकोर कैदी विष्णु जाट (उर्फ बौना) ने की है. कथित तौर पर जगन गुर्जर ने विष्णु जाट की बहन को लेकर कोई आपत्तिजनक टिप्पणी की थी, जिसके बाद दोनों में लंबे समय से विवाद चल रहा था. सोमवार सुबह 11 बजे दोनों को बैरक में बंद किया गया था. इसी दौरान विष्णु ने तौलिये से गला घोंटकर जगन की हत्या कर दी. दोपहर 3 बजे जब प्रहरी बैरक में पहुंचा, तब इसका खुलासा हुआ.
चंबल के बीहड़ों में कभी जगन गुर्जर का खौफ हुआ करता था. साल 1994 में अपराध की दुनिया में कदम रखने वाले जगन पर डकैती, रंगदारी सहित 100 से ज्यादा केस दर्ज थे. उसकी तीन पत्नियां थीं, जिनमें से एक उसके अपराधों में भी शामिल थी और एमपी में एक एनकाउंटर में घायल भी हुई थी. साल 2008 में उसने तत्कालीन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के धौलपुर स्थित आवास को बम से उड़ाने की धमकी देकर पूरे देश में सुर्खियां बटोरी थीं. पुलिस के बढ़ते दबाव के बाद उसने साल 2009 में कांग्रेस नेता सचिन पायलट की मौजूदगी में आत्मसमर्पण किया था. इसके बाद साल 2019 में उसने दो महिलाओं को निर्वस्त्र कर पीटा था, जिसके बाद उसे पकड़ने के लिए पुलिस को 500 जवानों का विशेष अभियान चलाना पड़ा था. फिर साल 2022 में तत्कालीन कांग्रेस विधायक गिर्राज मलिंगा को भी जान से मारने की धमकी देने के मामले में उसे गिरफ्तार किया गया था. अब अजमेर जेल में उसकी कहानी का अंत हो गया.
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