- दिल्ली के चितरंजन पार्क में पॉश इलाके में भी कूड़े के कई ढलाव हैं, जो स्थानीय निवासियों के लिए समस्या हैं
- मछली मार्केट का कटा हुआ मांस और अन्य कचरा चितरंजन पार्क के ढलावों में फेंका जाता है, जिससे बदबू फैलती है
- नगर निगम को सैकड़ों लोगों के प्रदर्शन के बाद कूड़े के ढलाव को साफ करने के लिए मजबूर होना पड़ा था
राजधानी दिल्ली के पॉश इलाके सीआर पार्क यानी चितरंजन पार्क में एक फ्लैट की कीमत 2 से 10 करोड़ के बीच में है. लेकिन पता कूड़े के ढलाव वाला ब्लॉक कहा जाता है. सीआर पार्क के कालीबारी मंदिर के नजदीक रहने वाले केशव अग्रवाल ये कहकर ढलाव दिखाते हैं. सीआर पार्क में रहने वाले सैकड़ों लोगों के प्रदर्शन की जैसे ही नगर निगम को खबर मिली तो ढलाव को सुबह नौ बजे ही साफ कर दिया गया है. लेकिन हर रोज ऐसा नहीं होता है.
मछली मार्केट का मांस फेंका जाता है यहां
केशव अग्रवाल कहते हैं कि मछली मार्केट का पूरा मांस यहां फेंका जाता है, जिससे पूरा इलाका प्रभावित होता है. सीआर पार्क के निवासियों ने इसी के चलते शनिवार सुबह कालीबारी मंदिर से श्यामाप्रसाद मुखर्जी मार्ग तक एक मार्च निकाला. पूरे सीआर पार्क में छोटे बड़े 16 ढलाव है लेकिन हर जगह समस्या यही है कि आधुनिक तरीके से सफाई न होने के चलते पूरे इलाके में बदबू और मक्खियों से लोग परेशान है. अंरुधती भट्टाचार्य ने बताया कि बीते कई साल से वो नगर निगम से मांग कर चुकी है कि कूड़े का ढलाव में अत्याधुनिक मशीनें लगाकर कूड़े का निस्तारण किया जाए लेकिन ये मामला नहीं हल हो रहा है.
चितरंजन पार्क के मछली मार्केट का कचरे से परेशान इलाका
चितरंजन पार्क में एक मछली मार्केट है, साथ में लगी कई दुकानें हैं जहां रोजाना हजारों लोग खरीददारी करने आते हैं. लेकिन चितरंजन पार्क के RWA के महासचिव अशोक चक्रवर्ती बताते हैं कि कटा मीट और दूसरा कचरा इन ढलाव पर इकट्ठा किया जाता है. इससे पूरे इलाके में बदबू फैलती है. जबकि इन सारे कचरे का आधुनिक तरीके से प्रबंधन करने के लिए निगम को चार साइट भी बतायी गई थी लेकिन उस पर काम नहीं कर रहे हैं.
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