बिहार में होली और गुड फ्राइडे के दिन शिक्षकों के प्रशिक्षण और वार्षिक परीक्षा को लेकर विवाद

भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘बिहार में शिक्षकों का शोषण बंद किया जाना चाहिए. होली के दिन शिक्षकों की छुट्टी रद्द करके बेगूसराय के शिक्षकों को प्रशिक्षण के लिए वैशाली भेजना बहुत ही बेतुका कदम है. "

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
गिरिराज सिंह ने शिक्षकों के पक्ष में आवाज उठाई है.
पटना:

बिहार में होली के दिन सरकारी शिक्षकों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम और गुड फ्राइडे पर स्कूली छात्रों की वार्षिक परीक्षा आयोजित करने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सहयोगी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने इस निर्णय की आलोचना की है. राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) द्वारा 20 मार्च को जारी एक परिपत्र में कहा गया है, 'संबंधित अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि इससे पहले के प्रशिक्षण सत्र में भाग नहीं लेने वाले सभी प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों (पहली से पांचवीं कक्षा तक) को छह-दिवसीय प्रशिक्षण सत्र में भाग लेना होगा. परिषद 25 से 30 मार्च तक छह दिवसीय ‘फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमेरेसी' (एफएलएन) प्रशिक्षण का आयोजन करेगी.''

पत्र के अनुसार, कुल 19,200 सरकारी स्कूल शिक्षक 25 से 30 मार्च तक विभाग के 78 प्रशिक्षण केंद्रों पर एफएलएन प्रशिक्षण में भाग लेंगे. एससीईआरटी ने स्पष्ट कर दिया है कि प्रशिक्षण अवधि के दौरान सभी संबंधित व्यक्तियों को 'कोई छुट्टी नहीं दी जाएगी'. एससीईआरटी शिक्षा विभाग का एक अंग है. इसी तरह, आठवीं कक्षा के नीचे के छात्रों के लिए गुड फ्राइडे (29 मार्च) को वार्षिक परीक्षा आयोजित करने के विभाग के फैसले से एक विवाद खड़ा हो गया है.

बिहार सरकार ने होली और गुड फ्राइडे पर सार्वजनिक अवकाश की घोषणा की है. बिहार के राज्यपाल के प्रधान सचिव रॉबर्ट एल. चोंगथु ने भी मुख्य सचिव को लिखे पत्र में विभाग को 29 मार्च के परीक्षा कार्यक्रम को बदलने का निर्देश देने का आग्रह किया है.

एससीईआरटी ने रविवार दोपहर एक बयान जारी किया, जिसमें दलील दी गई कि सरकारी शिक्षकों की कुल संख्या के 'सिर्फ तीन प्रतिशत' के लिए प्रशिक्षण को स्थगित करने से यह पूरी कवायद बेकार हो जाएगी. इसमें कहा गया, ‘‘यदि शिक्षकों का आवासीय प्रशिक्षण एक सप्ताह के लिए टाल भी दिया जाता है, तो बड़ी संख्या में शिक्षक एक वर्ष में अपने दूसरे चरण का प्रशिक्षण पूरा नहीं कर पाएंगे. पूरी प्रक्रिया बेकार हो जाएगी.''

Advertisement

इस बीच, घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए, भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने ‘एक्स' पर पोस्ट किया, ‘‘बिहार में शिक्षकों का शोषण बंद किया जाना चाहिए. होली के दिन शिक्षकों की छुट्टी रद्द करके बेगूसराय के शिक्षकों को प्रशिक्षण के लिए वैशाली भेजना बहुत ही बेतुका कदम है. बिहार सरकार को तुरंत इस आदेश को वापस लेना चाहिए.''सिंह बेगूसराय से लोकसभा सांसद हैं.

एससीईआरटी का परिपत्र और मुख्य सचिव को राजभवन का पत्र दोनों ‘पीटीआई-भाषा' को हासिल हुए हैं. बार-बार प्रयास करने के बावजूद, शिक्षा मंत्री सुनील कुमार इस मुद्दे पर बात नहीं हो सकी. तेजस्वी यादव ने इस मामले में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के हस्तक्षेप की मांग करते हुए ‘एक्स' पर पोस्ट किया, ‘‘बिहार में राजग सरकार के आदेश के मुताबिक होली के दिन भी शिक्षकों को उपस्थित रहना होगा. बिहार में ऐसा पहले कभी नहीं हुआ...जब पूरा राज्य होली मना रहा होगा तो उस दिन शिक्षक अपने परिवार से दूर रहेंगे.''

Advertisement

Featured Video Of The Day
'Corona जैसे हालात से निकले, इससे भी निकलेंगे... Middle East Crisis पर Mann Ki Baat में PM Modi
Topics mentioned in this article